पतली कमर पर शायरी 150 +(प्रेमिका और पत्नी के लिए )

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patli kamar par shayari, पतली कमर पर शायरी,दोस्तों अपनी प्रेमिक की तारीफ में कुछ तारीफ बनती है जिसे सीधे लब्जों में कहेंगे तो ओड लगेगी . लेकिन उन्ही शब्दों को शायरी में पिरोकर कहेंगे . तो ये बात आपकी प्रेमिका के मन को भा जायेगी. जिसके कारण वो आपके जज्बातों से जुड़ जायेगी . और आपको पहले के मुकाबले चाहने लगेगी . हम आपके लिए प्रेमिका की कमर को लेकर 150 शायरियों का संग्रह लेकर आयें है. निश्चित ही आपको वो शायरी पसंद आयेगी .

यहाँ एक मांगेगे तो हजार मिलंगे

ढूढने जओगे तो आशिक हजार मिलेंगे

कोन कहता है की पैसों में प्यार नहीं मिलता

एक लाखो फेंकोंगे तो कमर मटकाने वाले हजार मिलेंगे..

पतली कमर पर शायरी

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तेरी पतली कमर पर मर मिटेंगे हम

तेरे लिए प्यार का हर दर्द सहेंगे हम

तेरे प्यारे में हर कोई मेरी वाली दिखती है

तेरे चक्कर में बहुत पीटेंगे हम ..

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तेरी पतली कमर पर लिखा है तेरा नाम

तेरे बिन दिन नहीं गुजरता मेरा , ना गुजराती है शाम ..

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तेरा प्यार दिल को सुकून देता है

मेरे प्यार के लिए एक जूनून देटा है

तेरा पतली कमरा मटकाना

यही अदा लाखों आशिकों को सुकून देता है..

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तेरी आशिकी में लूट गई सारी जवानी हमारी

तू कहती है , में हु प्यार की मारी

हमारी उम्गुर जरी जा रही है

तू कहती है पतली कमर मटकाने की

उम्र आई है हमारी ..

patli kamar par shayari

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क्या कहना है इस तेरी बेताबी का

देखकर पतली कमर तेरी

मुंड बिगड़ जाता है इस शराबी का ..

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दिल मेरा लूट लिया उस पतली कमर वाली ने

जब नैन मटका करते देख लिया तो

खूब पीता घर वाली ने..

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कमर अगर पतली हो तो मजा आता है

छुपकर प्यार करने का मजा आता है

कौन कहता है प्यार के सजा है

प्यार करने वाली हसींन हो तो सजा में भी मजा आता है ..

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तेरी ये पतली कमर सितम ढाए रखती है ,

हसल कुछ नहीं होता तेरी कमर से

फिर भी वो है सताए रखती है..

पतली कमर पर शायरी

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उसकी कमर की लचक देखकर मेरा दिल फिसल गया

लगा ऐसा की मेरा दिल चला गया . .

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किस कमबख्त ने लिखा उसकी कमर पर मेरा नाम

अब तो उसके बिना दिन गुजरता नहीं ढलती नहीं शाम ..

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जब तो पतली कमर मटकाकर चलती है

बिना कुछ किये भी हमें सताके चलती है

पीता नहीं हूँ में शराब

फिर भी वो मधुहोसी में हमें भटका के चलती है ..

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चांदनी राते में हमारी खो जाती है नजर

ये कोई जादू टोना नहीं उसकी पतली कमर का है असर ..

पतली कमर के उपर शायरी

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सुन्दर चेहरा व पतली कमर हो तो

सोने पर सुहागा होता है

जब प्यार अन्दर से बदसूरत हो तो

वो इन्सान सुन्दर होकर भी अभागा होता है..

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याद आता है तेरा वो पतली कमर का लहराना

मुझे याद आता है वो बात बात पर रूठ जाना

तरी गलियों में हम जानबूझकर नहीं जाते

क्योकि हमें फिर से याद आ जाता है वो फसाना ..

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पतली कमर और हसीन रातें

मुझे आज भी याद है वो प्यार भरी बातें

जब तू रत भर जगा करती थी

मेरी एक मुस्कान पर तू मरा करती थी ..

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वो पतली कमर वाली मोहले में मशहूर थी .

हमें पता था की उसके लाखों अफेर थे

हम सब कुछ जानकर भी उनके प्यार में मजबूर थे ..

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इनस्टा पर पतली कमर दिखती है

रियल लाइफ में वो नचनिया कहलाती है .

इसका खुद का घर उजड़ा पडा है वो

वो घर बसने के नुस्खे बताती है ..

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नाजुक की कमर मानों जैसे टूट जायेगी .

होल से छू लूँ तो सहम सी जायेगी ..

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एक पूछेंगे तो सो यार मिलेंगे

लड़की के नाम पर लाखों तैयार मिलेंगे

कहाँ धुन्ध्ते हो सोसिअल मिडिया पर तुम प्यार

यहाँ दुनिया भर के बेकार मिलेंगे ..

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इन्स्टा वाली को कभी घर की रानी मत बनाना

इनके सो सो यार मिलेंगे

कमर मटकाकर चलने वाली के नखरे हजार मिलेंगे

तुम सोचते हो वो सिर्फ तुम्हारी है

हर इन्स्टा वाली के नैना चार मिलेंगे ..

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उनकी कमर पर बिखरी है रूहानी कहानी

चल्टी कमर मटकाकर दिखती है खानदानी

हर कोई चखना चखना चाहता है उसकी मस्त जवानी ..

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भले वो insta की रानी है

भले दुनिया उसकी दीवानी है

करती है सराफत का नाटक

बस उसे तो कमर दिखानी है ..

कमर पर शायरी

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इस इन्स्ताग्राम ने कईयों को बर्बाद दिया

रील बनने के चक्कर में खुद को खुद से आजाद दिया

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सीने में दर्द दबाया न कर

हर किसी को मुस्कुराकर दिखाया ना कर

अगर हम डाले कमर में हाथ तेरी

तो मुझसे ना घबराया कर ..

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जिसको लग गई लत पतली कमर मटकाने की

फिर वो किसी एक की नहीं हो सकती

वो अब हो चुकी है सारे जमाने की ..

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वो किसी एक की नहीं हो सकती

वो किसी एक के साथ सो नहीं सकती

यूँ ही नहीं है उसकी पतली कमर और होठ गुलाबी

वो मेरे लिये दुनियां को खो नहीं सकती ..

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पतली सी कमर है जज्बात है गहरा

तेरी पतली कमर के आगे हर आशिक है ठहरा ..

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यारों के खातिर मैंने अपने घर उजाड़ दिए

ना घर की रही आ घाट की

एक पतली अमर के चक्कर में

मैंने सरे यार उजाड़ दिए..

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वो ध्यान तेरा भटकती रहेगी

पतली कमर यूँ ही मटकाती रहेगी

तु भूलकर भी इनके पिच्चे मत आना

वो यूँ ही तेरे पिच्चे आती रहेगी..

शायरी ओन पतली कमर

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ए पतली कमर वाली तेरे संग मेरे दिल का वास्ता है

क्यों ना जाऊं तेरे घर , तेरे तेरा घर का फूलों का रास्ता है ..

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वो कहती थी की मर्दों की नजरें ख़राब है

मर्दों को देखकर क्यों मटकाती हो पतली कमर

हर आशिक देखकर तुझे बेताब है ..

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हम तुझे दिल से चाहेंगे

हर मुशीबत में काम आयेंगे

ना मटकाकर चलों पतली कमर

हम कमर के नशे में डूब जायेंगे ..

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एक ढूंढेगे तो हजार मिलेगे

मजे करने वाले मजेदार मिलेंग

तूम पैसे फेंको , ऐसे कमर मटकाने वाले हजार मिएँगे ..

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कमर तेरी पतली थी

किस्मत तेरी बदली थी

तुम ने ही नहीं भाव दिया मुझे

वरना मेरी आत्मा तो तेरे लिए मचली थी..

लड़की शायरी

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पतली कमर लहराए नागिन जैसे

ये दुनिया डसने के लिए तैयार बैठी है अभागिन जैसी ..

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इन्स्टा पर जो पतली कमर दिखती है

वो जिन्दगी भर नहीं टिकती है ..

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पतली कमर वाली तुझे मेरे दिल का वास्ता

एक बार बतादे कहाँ से जाता है तेरे दिल का रास्ता ..

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हर कोई चाहता है की अपनी सरकार हो

आये घर में ऐसी दुल्हन जिसकी कमर लचकदार हो

जिसक आने से घर महक जाए सारा

जैसी वो एक फूलों की बहार हो ..

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कमर है जालिम की पतली सी

मगर दिल का जख्म है गहरा

तेरे कमर की लचक देखकर

हर आशिक तेरे आगे है ठहरा ..

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सिने में अपने दर्द दबाया ना कर

मुस्कुराकर सभी को सताया आ कर

करता हु तुझे प्यार हर किसी को बताया ना कर ..

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उसकी कमर पर बिखरी है एक रूहानी सी कहानी

कमर मटकाए चली आ रही है दीवानी ..

कमर वाली शायरी

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मासूम सी सकल है मानों जैसे वो रूठ जाएगे

कमर पर हाथ क्या लगाऊं , लगता है की वो जैसे टूट जायेगी ..

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तू हसके चुम्मी दे दे मुझे में पतली कमर का दीवाना बन जाउंगा

देख ले जी भरके मुझे , में तेरी नज़रों का निशाना बन जाउंगा ..

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झुकी हुईं निगाहे तेरी शाम की तरह है

बिन बीए ही नशा हो रहा है इसने ,ये जाम की तरह है ..

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दिल में जूनून है तुझे पाने का

जब कोई गैर रखता है तेरी कमर पर हाथ

तो जी करता ही मर जाने का..

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मुझे दर नहीं इस ज़माने का

जब में हाथ रखता हूँ तेरी कमर पे

तो खून जल जाता है जमाने का..

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वो हर किसी को अपनी कमर का दीवाना बना रही थी

सोई हुई कब्र से मुर्दे जगा रही थी

कहाँ तक सब्र करता उसकी बदसलूकी का

वो महफ़िल में जाम pe जाम पिला रही थी..

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पतली से कमर पर गुलाबी सूट हो

वो मेरे से प्यार नहीं करती , तो जान दे दूंगा

कह दे ये बात की ये झूठ हो

waist shayari

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हर मौसम में हम अच्छे लगते है

तुम कहती हो कमर पर हाथ रख लो

हम तो तुम्हारे सामने बच्चे लगते है..

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पतली कमर जान से अच्छी लगती है

तेरे संग हर एक चीज अच्छी लगती है

क्या बताऊँ तेरे प्यार में हर मुहोबत अच्छी लगती है..

नीली ड्रेस शायरी

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कमर तेरी पतली है उस पर एक काला तिल है

तेरी पतली कमर पर हर वक्त मरता मेरा दिल है..

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पतली कमर के साथ पतला सा सूत हो

दिल खुश हो जाये कसम से

काश मैंने शादी करली

यह बात अगर झूठ हो.

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शैतानी को बचन में याद किया करते थे

मस्त मस्त निगाहों वाली को याद किया करते थे

उस पतली कमर वाली से मस्ती किया करते थे.

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तेरी नाजुक कमर की छाया

इसी ने मुझे दीवाना बनाया ..

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पतली कमर की ये माया निराली है

आंखे बंद करले दोस्त , वो तेरे भाई की घरवाली है ..

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कमर की नजाकत में छुपे है लाखों राज

मुहे आज कहने दे अपने दिल के राज..,

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पतली कमर की वो नटखट हंसी

में सालों से दाना डाल रहा हूँ वो आज जाकर फसी..

अमर के ऊपर शायरी

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तेरी कमर का छा गया जादू

तू जब से कहने लगी मुझे बाबु

तभी से तूने कर लिया मेरे दिल पर काबू ..

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सच कह दो की हमसे प्यार नहीं

जी तो करता है कर लूँ तुझ से शादी

पर मुझे पतली कमर वाली पर ऐतबार नहीं..

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दिल का खेल वो शुरू करती है .

पतली कमर मटकाकर कुछ रेल किया करती है ,

नजरों के तीर चलकर वो लाखों का खेल किया करती है ..

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आँखों से इशारे मत किया कर

कमर के हिलोर मत लिया कर

जिन्दगी यूँ ही गुजर जायेगी तेरी

एक कतरा शराब का पीया कर ,

अपनी मसती में थोड़ी जिन्दगी जिया कर ..

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वो गुलाबी सूट वाली गुलाब सी महक छोड़ जाती है ,

लगाकर कमर के ठुमके दिल में ठसक छोड़ जाती है .

लेकिन किसी पराये आशक के नाम , मेरा दिल जोड़ जाती है..

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चिड़िया होती है चहकने के लिए

जवानी होती है बहकने के लिए

खुसबू होती है महकने के लिए

हम तो यूँ ही बदनाम है

जवानी होटी है चखने के लिए..

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पतली कमर और ये हसीन आतें

मेरे टूटे हुए दिल की सौगाते ,

दिन तो गुजर जता है यूँ ही मेरा

पर तन्हाई में याद आती है वो प्यार भरी बातें..

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हर दिल धड़कता है एक एक ख्वाब के लिए

हर लडकी डरती है दिल में छुपे राज के लिए ..

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दिल के अरमा किसी को बताया ना करों

पतली कमर मटकाकर हर किसी को दिखाया ना करों

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तेरी पतली कमर मेरे लिए एक राज है

बता तो दे मुझे तू किस लिए नाराज है

कितना टूटू चुका हूँ अन्दर से क्या तुम्हे अंदाज है..

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पतली कमर वाली तेरी कजरारी आंखे ही निराली

दिल के सारे अरमा लूट ले गई , दिल कर गयी मेरा खाली ..

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खूबसूरत जवानी तेरी

है अनोखी कहानी तेरी

तू जहाँ से मचलकर निकले

मौसम हो जाता है तुफ़नी तेरी..

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पतली कमर पर मर गई दुनिया सारी

तू मुझे घायल कर गई

तिरछी नजर है मत्ल्वाली तेरी..

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चांदनी रातों में खो जाती है नजर

ये तेरी निगाहों का नहीं जालिम

पतली कमर का है असर ..

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हमें सोक है पतली वमर वाली हसीनाओं का

हम इन्तजार कर रहे है एक हसीन निगाहों का ..

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दिल में अगर सुकून हो

रगों में बहता खून हो

पतली कमर वाली तुमे क्या बहकायेगी

अगर दिल में सफलता का जूनून हो ..

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वो पतली कमर वाली होगी चाँद तारों से दोस्ती तेरी ,

में कहता हूँ मेरे नाम का सिन्दूर भरके हो जा मेरी ..

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वो मुझे देखकर आहें भरती है

लगतीहै मंदिर में रोज फेरी

मेरे लिए दुवायें करती है की वो मुझे भूल जाये

क्या सोच है रे तेरी ..

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बिना तेरे साँस नहीं चलती मेरी

अगर पतली कमर से खेलने दे तो

थाम ले बाहें मेरी ..

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तेरे बिना साँस नहीं मेरी

तेरे अलावा कोई ख़ास नहीं मेरी

अगर जुदा हुई तू मेरे से तो जीवन की आस नहीं मेरी ..

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दिलों के साथ खेलती है वो आंख मिचोली

उजाड़ गई मेरी दुनिया जब उठी उसकी डोली ..

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दिल की धड़कन डोल उठती है

मेरा दिल मचल जाता है

जब पतली कमर वाली बोल उठती है ..

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प्यार जैसा कुछ नहीं होता

सब पतली कमर के दीवाने है

इसक होता तो मचलता ये दिल

मचलते हुस्ने के लिए फ़साने है ..

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पतली कमर सितम ढाए रखती है

हर पागल आशिक को सताये रखती है

कुछ हासिल नही होता आशिकी से

ये हमें बस प्यार के नाम पर डराए रखती है ..

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हमे बुलाती है ऑंखें मारके

उसके बिना देखें है हमने कई दिन गुजर के ..

पतली कमर और शायरी

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कया करूँ इस बेताब दिल की बेताबी का

तेरी कमर देखकर दिल मचल गया इस शराबी का ..

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दिलों जान से चाहते है तुझे तू हो गई किसी और की

अब तूने पतली कमर दिखाई मेरे दिल में चोट लगी जोर की ..

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आँखों में सितारे ये मौसम के नज़ारे

हम तो जी रहे है तेरी पतली कमर के सहारे..

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कुछ हरकत बेईमान मौसम की है

कमर दिखाकर दिल जलाती है मेरा

ये हरकत मेरी पड़ोसन की है ..

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तुझ पर जवानी लूतायेंगे

तुझे दिलों जान से चाहेंगे

देखकर तेरी पतली कमर की लचक

तेरे प्यार में डूब जायेगे ..

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दिल के सूखे खेत में हल चलाया ना करों

लचककर अपनी पतली कमर

बुझे हुए दीपक को फिर से ना जलाया करों

करके जूते प्यार के वादे

टूटे हुए दिल को फिर से ना बहलाया करो ..

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वैसे तो शैतानों के शैतान है हम

जलती हुई आगे के समसान है हम

तू कितनी कमर लचकाले मुझे बहकाने के लिए

मातृभूमी के जवान है हम..

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पतली कमर वाली हसिनाओ को आते है लाखों बहाने

करके मीठी मीठी बातें , लगती है वो बेवक्त सताने ..

शायरी हिंदी

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भले दर्द से रिश्ता है हमारा

देखकर तुझे किसी और से साथ

कलेजा पिस्ता है हमारा ..

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तेरे बदनाम होने का जसन हम मनाएंगे

तू कितनी बेवफा है हम सबको बताएं

तेरी यद् में रही है हमने एक पार्टी

अभी आशिकों को जी भरके पिलायेंगे ..

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आवाज तेरी सुरीली है

आदत तेरी जहरीली है

नजर तेरी नासिले

तेरी कमर दिखती है मुझे कमरा

, क्या मैंने ज्यादा पी ली है ..

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पतली कमर पर मेरी नजर रुक गई

तुम्हारी याद में मेरी फसल सुख गई

जब से तुझे प्यार हुआ है

लगता है जैसे मेरी किसमत रुक गई ..

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ना रोने से चेन मिलता है

ना सोने से चेन मिलता है

भले में लाखो लोगों से घिरा हो

पर पतली कमर वाली होने से चेन मिलता है..

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हर बूंद में छूपी है रवानी उसकी

करते करते में छूपी है जवानी उसकी

कैसे निकल दूँ उस पतली कमर वाली को दिल से

दिल के हर कोने में छूपी है निशानी उसकी..

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वो आँखों से इशारे करती है

वो बातों के फवारे करती है

हकीकत क्या बोल दी हमने उसकी

वो हमें जिंदगी किनारे करती है..

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तेरा साथ है इतना प्यार , कम लगता जीवन सारा

तेरी पतली कमर देखने के लिए ,

आना पडेगा धरती pe दुबारा ..

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तेरी पतली कमर देखने के लिए मैंने घंटों इन्तजार किया

क्या बताऊँ जानेमन हमने तुमसे दिल से प्यार किया

मिले बिना नहीं जाउंगा , मैंने घंटो तेरा इन्तजार किया ..

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वो बारिस का मौसम और पतली कमर

हम बिना पिए मधुहोस हुए जा रहे है ,

ये तुम्हारे प्यार का तो नहीं है असर ..

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तेरे प्यार में बेकरार थे

तेरी पतली कमर ने जादू

वरना हम भी ठेकेदार थे

शायree

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सोये हुए प्यार को जगाती है पतली कमर

तुझे देखकर दो मिनट में जाता हूँ स्वर

ये सिर्फ तेर प्यार का है असर ..

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पतली कमर सोई हुई नींद में भगाते है

ये लहराती कमर मुर्दों को भी ज़िंदा कर जाती है..

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ना दिल में डेरा तेरा

ना सांसों पर हक़ तेरा

ये तो कमाल है तेरी पतली कमर का

वरना नहीं होता मेरा बसेरा यहाँ ..

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हम भगे बलों में खो जाते है

बस तेरी आहत से तेरे हो जाते है

बस तेरी याद ही काफ़ी है सुलाने में लिए मुझे

हम बस तेरी याद याद से सो जाते है ..

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बारिश में भीगकर जब वो चली जाती है

पानी की बूंद उसके बदन पर गिरकर मोती बन जाती है

क्या करूँ उसके हुस्न की तरिक्फ़

देखूं एक बात तो उसे , उच्च पल के लिए मेरी नजर जम जाती है..

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फूल जैसा चेहरा है उसकी हिरनी जैसी चाल

होट है गुलाबी सके कमर तक है लम्बे बाल

चलती है जब सजकर ,लगती है बवाल

शादी शायरी

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तुझे अहसास नहीं की तू क्या चीज है

हमें बहुत ललचाती है तेरी पतली कमर

ये कमर बड़ी बततमीज है ..

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अपनी कमर दिखाकर कुवारों को या ललचाया कर

जिसको नहीं पता हुस्न का पता उसे आशिकी मत सिखाया कर ..

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नागिन सी कमर तेरी बड़ी हसींन चाल है

देखकर तुम्हारी हसीं आंखे लडको का बुरा हाल है ..

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आज वो फिर से मेरे जीवन में धमाल मचाने आई है

छोड़कर सारी दुनिया वो मुझसे मिलने आई है ..

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तेरी पतली कमर और तिरछी नजर का कमल है

तूने अब तक किया वो बवाल है

अब और क्या करेगे आशिकों के दिल पर

अब तक किया क्या वो धमाल है ..

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तेरे हर सवाल का जवाब बन जाउंगा

तेरी हर कामयाबी का खवाब बन जाउंगा

करके तुझे शादी तेरा नवाब बन जाउंगा ..

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कमर तेरा नागिन सी है

नजर तेरी सुहागिन सी है

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हम तेरी एक आह पर मरते है

हम मरते है लाखों लड़कियों पर

मगर हम तेरी पतली कमर से प्यार करते है ..

सुहागीन पर शायरी

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तेरी लचकदार कमर पर दिल हार बैठा हूँ

पकड़कर तेरा पल्लू अपना दमन झाड बैठा हूँ

दिखे कोई और ना तेरे सिवा

इसलिए खुद को आधा जमी में गाड रखा हूँ

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अब न तो जाने का डर रहा

न किसी को पाने का डर रहा

में तो जी लिया जीवन भर

अब तक रहा मेरा सुहाना सफ़र रहा ..

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उसकी कमर नागिन से लचकती है

हर कदम पर उसकी चाल बदलती ही

में उसके इसी अदा पर कुर्बान हूँ

वो मुझे देखकर अपना अंदाज बदलती है

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आपकी पतली कमरपर बोझ ना पड जाए

तेरे गोर बदन पर कोई सरफिरा न अड़ जाय

रखता हूँ दिन बार तेरा ध्यान

कोई अंजना तेरी प्यार की चिता में ना पड़ जाए ..

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कातिल आँखों पर शायरी

काली लडकी पर शायरी

कबूतरपर शायरी

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