padosan par shayari, samne wali padosan shayari, पड़ोसन पर शायरी, पड़ोसन का नाम स्नुनते ही हमारे मन में एक अजीब सी कसीस पैदा हो जाती है. यदि आपकी पड़ोसन जवान और हसीन हो तो शायरी अपने अपने आप बनती है . कई लोग ऐसे होते है , जिनकी पड़ोसन हसीन और जवान होती है उसे देखकर मन में शायरी करने का दिल करता है . लेकिन हमारे पास कोई अल्फाज नहीं होते है . इसलिए हम आपके लिए पड़ोसन पर शयरी का संग्रह लेकर आये है. आप इन शायरियों में से कोई एक शायरी अपनी पड़ोसन को भेज सकते है . जो आपकी पड़ोसन को सूट करती हो .
आज तक मैंने ऐसा कभी नहीं सुना की पड़ोसन किसी की बुरी होती है. पड़ोसन सभी की अच्छी और मनमोहक होती है. पड़ोसन जवान से लेकर बुद्धे व्यक्ति तक की अच्छी ही होती है. कई लोग शर्म के मारे अपनी पड़ोसन को shayari नहीं कह सकते है . तो उस स्थिति में आप हमारी शायरियों में से एक चयारी चुनकर अपने whatsapp के स्टेटस पर लगा सकते है . आपकी पड़ोसन अपने आप समझ जायेगी की ये शायरी मेरे लिए है .
मुझे पड़ोसन अच्छी लगती है
उनकी हर एक बात सच्छी लगती है
सोचूं की कह दूँ उसे दिल की बात
जब में खुद को देखती हूँ तो वो मुझे बचीं लगती है ..
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मेरी पड़ोसन बड़ी मस्त है
पर वो अपने पती की सेवा में व्यस्त है ..

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पड़ोसन अगर मस्त हो तो देखे बिन रहा ना जाए
अगर आ जाए दिल की बात जुबा पे
तो कहें बिना रहना ना जाए
बहुत देर हो गई दिल में दबाये हुए प्यारे के अंगारे
अब तो दिल दिल भी जलने लगा
दिल की बात कहे बिन रहां न जाए ..
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पड़ोसन के प्यार से पेट नहीं भरता
कौन कहता है में उससे प्यार नहीं करता
देखता हूँ जब भी उसे , दिल मेरा मचल जाता है
पर देखता हूँ उसके पती को
तो दिल मेरा संभल जाता है..
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पड़ोसन का प्यार
पत्नी की मार
और गिरी हुई सरकार
को ज्यदा याद मत रखों
क्योकि हमें तो इन्हें साथ लेकर ही चलना है ..
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काश मेरी भी आप जैसी कोई पड़ोसन होती
साम को वो मेरे मेले कपडे धोती
जब हो जाती उदास तो
वो मेरी गोद में सर रखकर सोती ..
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कास तूम जैसी मेरी भी पड़ोसन होती
जरूरत पड़ने पर साथ सोती ॥
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हसीन पड़ोसन का साथ हो
मचलते दिलों में जज़्बात हो
ये ज़िंदगी आसानी से गुजर जाती है
जब तेरी जैसी पड़ोसन का साथ हो ॥
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कभी कभी उड़ती पतंग भी फट जाती है
कभी कभी कलुआ से भी हसीन पड़ोसन पट जाती है ॥
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मेरे दीदार से पड़ोसन भी बहक गई
दिखा एक खिला हुआ फूल तो बगिया महक गई
मेरे दीदार से मेरे बाग की चिड़िया चहक गई ॥
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जब पड़ोसन सुंदर हो तो घर जल्दी आने का मन करता है
लेकिन जब पड़ोसन खराब हो तो घर से निकलने के कई जतन करता है॥
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जब पड़ोसन पटाखा हो तो दूर होने का दिल नहीं करता
भले जी भरके देखूँ उसको लेकिन दिल नहीं भरता ॥
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मेरे प्यार में मेरा पड़ोसन बहक गई
मेंने जरा सा मुस्कुराकर क्या देखा
उसके बाग की सारी कलियाँ महक गई ॥
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मुझे पड़ोसन की लत लग गई है
उसे देखे बिना चेन नहीं मिलता
जब तक ना देखूँ तीन बार उसको
मेरे दिल का कमल नहीं खिलता ॥
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मुझे पड़ोसन की मुस्कान पसंद है
मुझे बीवी अच्छी नहीं लगती
पड़ोसन अंजान पसंद है ॥
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छत पर चढ़कर आँख मार रही थी पड़ोसन
उनकी इनहि अदाओं से मिल रहा था मेरे प्यार को पोषण ॥
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छत पर छड़कर पड़ोसन ने आँख मारी
मेरे मुंह से निकल गई किलकरी
जब मैंने उसके पती को देखा तो खुद को रिजेक्ट कल लिया
क्योकि उसके पती की जॉब थी सरकारी ॥
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तेरे घर रोज दूध लेने आया करता हूँ
तेरी मस्त जवानी पे मारता हूँ
जब मन करता है तेरे से मिलने का
तो तेरी तस्वीर पर हाथ फिराया करता हूँ ॥
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तेरे घर दूध लेने आता हूँ में वही छोरा हूँ
मुझे पता नहीं क्या हो रहा है आजकल
कुछ याद रहता नहीं
लगता है की में तेरे प्यार में खो रहा हूँ॥
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मेरे पड़ोसनबड़ी हसीन है
जब करता हूँ बात उससे तो
वो बातों में बड़ी नमकीन है
वो मुझे दिल से प्यार करती है
ये मुझे पक्का यकीन है ॥
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दोस्त कहते की तेरे पड़ोस में क्या माल है यार
नैन मटक्का करती , है वो चलती फिरती तलवार ॥
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मेरी पड़ोसन के चक्कर में मत पड़
वो एक नंबर की मकार है
उससे दूरी बनाकर रख
वह औरत बहुत बेकार है ॥

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आजकल मुझे कुछ हो गया है
में पड़ोसन के लिए जीता हूँ
उझे चढ़ती है नहीं
उसके ख़यालों में में खूब पीता हूँ॥
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पड़ोसन की याद में हमने खूब पी ली
उंनकी याद में हमने पूरी ज़िंदगी जी ली॥
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आजकल मुझे पड़ोसन अछी लगने लगी है
वो भी मेरे याद में जागने लगी है
लगता है उसे मुझसे प्यार हो गया है
इसलिए वो भी मुझे ताकने लगी है ॥
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आज चख लेते है कूवारी पड़ोसन की जवानी
अगर चख ली तो आ जाएगी नई रवानी
याद रखेगी वो हमारी वो निशानी
हम फिर से लिखनी शुरू करेंगे एक नहीं कहानी ॥
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मैं कुँवारा तु कुवरी
आजा करेगे घोड़े घोड़ी की सवारी ॥
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उसे घर से बाहर नहीं आने देते, वो तो बेचारी है ,,
मेरे दिल का बुरा हाल हुआ है ,
जबसे उसने आँख मारी है ॥
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घोड़ी नहीं आजकल तो घोड़े भी बेलगाम होते जा रहे है
देखकर पड़ोसन की अदाएं , वो हराम होते जा रहे है
मिल जाएगी इस दुनिया में बहुत सारी लड़कियां
लेकिन कई लड़कियों के लिए कतलीयां होते जा रहे है ॥

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बलब ऐसा हो की जिसकी रोशनी कभी जा बुझे
पड़ोसन ऐसी हो जो सभी के लिए सजे ॥
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मेरे पड़ोसन सभी को खुशी देती है
मुस्कुराकर वो सभी के चहरे को हसी देती है
जब आती है तो छत पर बाल सुखाने को
तो सब लोगो को नमी देती है ॥
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मेरा पड़ोसन सभी को प्यारी लगती है
है वो चार बच्चों की माँ
फिर भी कुँवारी लगती है ॥
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मेरे पड़ोसन को जो भी देखे वो उसके खयाल में खो जाता है
हो जाती है उससे मिलने की तमना
कपड़े बिछाकर गली में हो सो जाता है ॥
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मेरी पड़ोसन फूलों की क्यारी लगती है
मेरे सभी पड़ोसियों को प्यारी लगती है
है वो तीन बच्चों की माँ
पर वो आज भी कुँवारी लगती है ॥
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दूसरे के घर में हर चीज प्यारी लगती है
दूसरे की महरारू चाहे कैसी भी हो
पर सभी को प्यारी लगती है ॥
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पड़ोसन सभी की प्यारी होती है
होती है तुसरे की बीवी
पर वो हमारी लगती है ॥
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शादी करके के मर्द सजा पाता है पर
दूसरे की बीवी को ताड़ने में मजा आता है ॥
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दूसरे के आँगन में चलती हुई पड़ोसन किसी परी से कम नहीं
जब पत्नी दिख जाये सुबह सुबह तो इससे बड़ा गम नहीं ॥
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मुझे तो हर पड़ोसन भाभी प्यारी लगती है
होगी वो बच्चों की माँ
पर मुझे तो हर पड़ोसन कुँवारी लगती है॥

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मेरे पड़ोसन मुझे पती की तरह बुलाती है
जब नींद ना आए मुझे तो वो छत पर चली आती है
करके नखरे बहुत सारे
वो मुझे खूब सताती है॥
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पड़ोसन पत्नी से प्यारी क्यों लगती है
देखकर पराये लोगों को वो ज्यादा क्यों सजती है ॥
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हम लोग कभी पत्थर से आग जलाया करते थे
पड़ोसन के घर किसी न किसी बहाने जाया करते थे
करके मीठी मीठी बाते , उसे प्यार के जाल में फसाया करते थे॥
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सपने पत्नी कम पड़ोसन ज्यादा आती है
पता नहीं क्या होता है हम लोगो को
ये जवानी भी दीवानी है
ये हर लोगों को लुभाया करती है ॥
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पड़ोसन चलती है जब पटियाला सूट पहनकर
पायल की आवाज सुनाई देती है मेरे कानों में
अब आती है छत पर धीरे से टहलकर ॥
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तू खुद तो मरेगी पर मुझे भी मरवाएगी
करके कबाड़े तू म्झे फसाएगी
तेरा तो कुछ नहीं बिगड़ेगा पगली
तू बचकर मुझे जेल पहुंचाएगी ॥
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बीवी पास होते हुए भी पड़ोसन की याद क्यों आती है
पता नहीं क्या ऐसा जादू है उनकी निगाहों में
उनकी एक नजर ही कई ख्याल क्यों जागती है ॥

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देखकर मुझे मेरे पड़ोसन मुस्कुरा जाती है
जब भी करता हूँ प्यार का इकरार
बड़े ही प्यार से ठुकरा जाती है
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मुझे शराब नहीं भाती में ठंडा पसंद करता हूँ
प्यार बहुत है मेरी काजल पर
में चन्दा को पसंद करता हूँ ॥
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मस्तानी अगर पड़ोसन हो
फिर ना सर्दी ना जुखम हो
फिर क्या दिन क्या रात आसान ज़िंदगी का हर मुकाम हो ॥
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हर किसी को पड़ोसन हसीना चाहिए
खुद हो भले काँच के गोले पर खुद को नगीना चाहिए
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मुझे तो पड़ोसन भी प्यारी लगती है
और बीवी भी प्यारी लगती है
प्यार करू तो किस किस से करू
मुझे तो दुनिया की सब औरत प्यारी लगती है ॥
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मुझे पत्नी से ज्यादा पड़ोसन प्यारी लगती है
हर एक पड़ोसन में कुछ खुमारी लगती है
देती हो भला अपने पती को धोका
पर मुझे तो हर पड़ोसन बेचारी लगती है ॥
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पड़ोंसन का प्यार ,
और मौत का संसार ,
दोनों ही होते हैं बेकार ।
इन शयरियों को भी पढ़ें बड़ा मजा आयेगा……..
सरकारी नौकरी पर शायरी , तंज़ कसने और सिस्टम को हिलाने वाली 200
रेड लिपस्टिक पर शायरी 110+ जो प्रेमिका को खुश कर देगी
Green suit shayari ग्रीन शूट पर शायरी (प्रेमिका की तारीफ में दो अल्फाज )
ग्रीन शूट पर शायरी (प्रेमिका की तारीफ में दो अल्फाज )
काली साड़ी पर 150 शायरी (पत्नी की तारीफ़ में )
चांदनी रात पर 150 शायरी ,साथी और प्रेमिका के लिए
जोरू के गुलाम पर 150 शायरीअपने दोस्त और रिश्तेदारों के लिए
पड़ोसन कैसी भी हो एक बार मौका जरूर देती है
जिस तरह ज़िदगी हमे धोका देती है ॥

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अगर तूने पाया है पड़ोसन का प्यार
तो नहीं बसेगा तेरा घर बार
क्योकि तुमको बीवी अछी नहीं लगेगी
हर वक्त रहेगा तुम्हें पड़ोसन का इंतजार ॥
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अगर मिले पड़ोसन का प्यार
तो उजाड़ जाता है खुद का घर बार
पड़ोसन पैसे की भूखी हो तो
बिक जाएगे आपके घर बार ॥
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पड़ोसन की गली से गुजर रहा था
तो अपनी पड़ोसन का नया नया प्यार उभर रहा था
मुझे देखकर अच्छा नहीं लगा
पता नहीं क्या हो गया था मुझे उन्हे देखकर
उनके लिए मेरे मन में भी कुछ चल रहा था॥
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जब वो पड़ोसन मेरे घर के आगे से गई
मेरे तो अंखे सुन रह गई
लग रही थी वो किसी हूर के परी
पैरों में उसके पायल खनक रही थी ॥
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पड़ोसन ने गली से गुजरते वक्त पल्लू गिरा दिया
अपनी अदाओं से उसने मोहला हिला दिया
जब पता चला की वो किसी एक की नहीं है
तब मेरा दिल खूब रोया
तूने मेरे प्यार का ये कैसा सिला दिया ॥
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पता है नहीं चलता मेरा दिन कैसे बीत जाता है
जब पड़ोसन सामने हो तो मुझे कुछ और याद नहीं आता है॥
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कुछ पड़ोसन लकी होते है
जिनहे पड़ी का प्यार और पड़ोसी का दुलार दोनों मिलते है

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एक ही बाग में मैंने कई फूल खिलते देते है
सामने वाले पार्क में मैंने पड़ोसियों को मिलते देखे है
एक दूसरे की याद में मैंने कई दिलो को मचलते देखें है
प्यार सफल नहीं होने पर मैंने काइयों को फंदे पर झूलते देखे है ॥
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मेरे पड़ोसन लकी है की उन्हे मेरे जैसा यार मिला
मिला सब कुछ उसे मगर ना पति का प्यार मिला ॥
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हम पड़ोसन की हर ख्वाहिस का ख्याल रखते है
रखते है उसे पलकों पर दिल में मलाल रखते है ॥
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जब वो होती है अपने पति के साथ तो मेरा दिल जल जाता है
देखकर उन दोनों को साथ मेरा दिल मचल जाता है
जी करता है दोनों को अलग कर दूँ
फिर पड़ोसन की मुस्कान देखकर दिल संभल जाता है ॥
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जा करता है पड़ोसन को बिस्तर पर ले आउ
उसके साथ प्यार भरे गाने गाउ
लिटाकर उठाकर कभी सुलाकर उसे खूब मचकाऊँ ॥
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या तो पड़ोसन की जवानी का स्वाद चख ले
या तो सफलता को पास रख ले
दोनों में से एक ही मिलेगा तुम्हें
तेरा फैसला है तू ये रखले या वो रख ले ॥
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जब पड़ोसन की जवानी का स्वाद चख ले
और तो कुछ नहीं पर अपने जेब में प्रोटेक्सन तो रख ले ॥
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पड़ोसन के होठों की मिठास
लोगों को लगती है ये बकवास
भले तुम कुछ भी कहो
वो मुझे लगती है बहुत खास ॥
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आजकल पड़ोसन गालों पर गुलाल लगा रही है
सोये हुए अरमा को फिर से जागा रही है
हमने वर्षों पहले छोड़ दिये थे वो काम
उंन की एक छुअन दिल में खलबली सी मचा रही है॥
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पड़ोसन का इंतजार अब सहा नहीं जाता
उसे देखें बिना इक पल भी रहा नहीं जाता
दिल में बहुत सी बात है उसके लिए
पर जब वो सामने आती है तो कुछ कहा नहीं जाता ।।
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हम सुबह पाँच बजे उठ जाते है
पड़ोसना को निहारने के लिए
हम सुबह सुबह नहा लेते है
उसे ताड़ने के लिए ॥
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हम सुबह जल्दी उठ जाते है
पड़ोसन को निहारने के लिए
वो छत पर खड़ी हो जाती है
खुद को सीसे में उतारने के लिए
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अगर पड़ोसना बर्बाद करें
तो हम बर्बाद होने को तैयार है ,
अगर पड़ोसना प्यार करे तो
हम सब कुछ लूटाने को तैयार है ॥
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पड़ोसन की एक मुस्कान पर हम मर मिटने को तैयार है
वो हमे घास तक नहीं डालती फिर भी दिल उसके लिए बेकरार है
मेरे दोस्त कहते है ये फसाना है हकीकत नहीं
में कहता हूँ यही तो तेरे भाई का अंधा प्यार है ॥
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पड़ोसन की स्माइल पर हम मर गए
छोडकर बीवी बच्चो को
अपनी ज़िंदगी उसके नाम कर गए ॥
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जिसकी पड़ोसन हसीन हो
उसकी तो हर रात रंगीन हो
उसकी कैसी नींद पूरी हो
उसकी तो हर रात अधूरी हो ॥
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अगर चाय के साथ बिरयानी मिली तो चलेगी
अगर पड़ोसन मासूम के साथ कातिल हो तो चलेगी॥
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पड़ोसन सुंदर होनी चाहिए सियानी हो तो भी चलेगी
उसका हुस्न सुंदर होना चाहिए मन गंदा हो तो चलेगी॥
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जिस दिन पड़ोसन करेगी प्यार का दीदार
उस दिन पार्टी ले लेने मेरे यार ॥
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जिद दिन पड़ोसन का नंबर मिल जाएगा
उस दिन मुझे सब कुछ मिल जाएगा
फिर कुछ ख्वाहिस नहीं होगी कुछ पाने की
मुझे तो इतने में ही मिल जाएगी खुशी जमाने की॥
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मेरे पड़ोसन मेरे साथ भाग गई
मेरे सोई हुई किस्मत जागा गई ॥

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जिसकी पड़ोसन भाग जाती है
उसके दिल में पड़ोसन के लिए नफरत जाग जाती है ॥
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जिस दिन तेरी पड़ोसन का नंबर मिल जाएगा
उस दिन से तेरा भाई पराया हो जाएगा ॥
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पड़ोसन छत पर बाल सुखाने आती है
असल में वो मुझे दिखने आती है ॥
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मेरी पड़ोसन बाल सुखाने के बहाने छत पर आती है
पता है मुझे वो मुझे फसाने आती है ,
में बचकर रहता हूँ उसके ज़ुल्फों के जाल से
वो लूभाना चाहती है अपने माल से॥
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मुझे पड़ोसन भाभी से प्यार हो गया
जब से उसे देखा में में उसके सपनों में खो गया
मुझे पता है की उसका एक पति और बच्चा है
पर इस पगले दिल को कौन समझाए
की ये दिल प्यार में कच्चा है ॥
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मेरे घर के चारों तरफ है पड़ोसन का जलवा
अब तो मुझे फीका लगने लगा माँ के हाथ का हलवा ॥
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मेरे चारों और पड़ोसन का जलवा है
माँ कहती है तू कालवा है
माँ को क्या पता ये तेरे लाल का ही जलवा है ॥

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अगर प्यास लगे तो पानी पी लिया करो
मिले पड़ोसन का प्यार तो ले लिया करो
काली है बुरी है कहकर नाटक ना किया करो ॥
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पड़ोसन का इशक
इसमे है बड़ा रिस्क ॥
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अगर जीवन में खतरे ना हो तो जीने में क्या मजा है
अगर शराब कड़वी ना हो तो पीने में क्या मजा है ॥
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अगर घाव गहरा ना हो तो सीने में क्या मजा है
अगर पड़ोसन हसीन ना हो तो
छत पर बैठकर पीने में क्या मजा है ॥
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पड़ोसन के कबूतर मेरे छत पर मँडराते है
मेरी हालत पड़ोसन को बतलाते है
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उधर से आ रही है धीमी धीमी खुसबू
लगता है पड़ोसन माल बन रही है
थोडा पड़ोसियों का भी ख्याल रखले यार
तेरा फिगर देखकर हमारे बुरे हाल बन रही है ..
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कभी हलवा लेकर आती है तो कभी जलवा लेकर आती है
पड़ोसन की ऐसी खुबसूरत सकल है
जो भी देखे उसके दिल में उतर जाती है ..
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पड़ोसन भाभी का जलवा भी कुछ ऐसा है
उसकी नजर का अहसास भी कुछ ऐसा है
देखते ही उसका नशा शराब की तरह चढ़ जाता है
न जाने उसकी नजरो का जादू कैसा है ..
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तू पड़ोसन है और में तेरा चाहने वाला
तू कली है मैं भवरा खिलाने वाला
क्या क्या तारीफ करूँ तेरी
तेरा हर एक तेवर है जलाने वाला ..
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मेरी पड़ोसन छत पर खड़ी होकर इसारे कर रही है
हम तो शादी शुदा इंसान है मेरी जान
दिल में जगाकर नए अरमान
हमें फिर से क्यों कुंवारा कर रही है ..
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हम शादी शुदा है हमारी तरफ इशारे क्यों करती है
इसे ये सब कुछ पता हा फिर भी न जाने वो वो हम पर क्यों मरती है ..
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अगर ख्वाब हो मन में पड़ोसन को पाने का
तो उसके घर रोज न जाने का ..
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अगर तुम्हे पड़ोसन अच्छी लगती है तो उसकी कद्र कर,
उसकी हर एक मुस्कराहट पर तू न मर
उसका भी परिवार है अगर तू प्यार करता है तो उसकी भी इज्जत कर ..

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मेरी पड़ोसन बकरियां चराती है
मेरे सामने वो मुस्कुराकर आती है ..
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अगर आपकी पड़ोसन हसींन और जवान है
बिना पदोशियों के उसका दिल भी वीरान है ..
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मेरा पड़ोसन पतली सी है
दिखने में बड़ी नमकीन है
पर बातों में वो कतली सी है ..
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पड़ोसन की गली में हम रोज जाया करते है
उसे देखकर खाव्बों के घर रोज बनाया करते है
जब सपने में ना मिल सके हमसे वो
तो खुद को बेनसीब बताया करते है ..
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पड़ोसन का बच्चा रात पर रोता है
फिर भी मेरे को सुने नहीं देता ,
जब पड़ोसन ओ जी कहती है तो
वो मुझे खूब सुनाइ देता ..
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मेरी पड़ोसन नीले सूत में बवाल लगती है
जब मुस्काती है मुझे देखकर तो कमाल लगती है ,
होठ कुछ नहीं कहते उसके फिर भी में मुझे पता चल जाता है
उसका मुड़कर देखना ही मुझे रातों रात जगाता है ..
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चूस चूस कर पड़ोसन के होठ लाल करदें
मेरी जान तुझे किसी और की क्या जरुरत है
तू कहने तो नो महिने का जाल कर दें ..
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पड़ोसन से प्यार हो जाए
तो जिन्दगी बेकार हो जाए ..
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हर वक्त पड़ोसन के साथ उसकी मा होती है
में करूँ इशारा उसे पटाने का, तो इतराती है
मुझे पता है उसकी ना में भी हाँ होती है ..
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मेरी पड़ोसन है घुंघराले बालों वाली
उसकी खुमारी है आज है उजालों वाली ..
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जिस दिन देख लूंगा पड़ोसन का सिंगार
उस दिन उतरेगा मेरी बेकरारी का बुखार ..

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मेरी पड़ोसन हर वक्त नकाब में रहती है
पढ़ ना सकी वो मेरे प्यार को
पता नहीं क्यों वो किताब में रहती है..
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पड़ोसन की मीठी आवाज से मोती झडते है
देखकर उसकी पतली कमर आशिक
उसके प्यार में पड़ते है..
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कल मेरी पड़ोसन के घर झगडा हो गया
कर रही थे अपने यार के साथ मजे
इसी बात को लेकर लफडा तगड़ा हो गया ..
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पड़ोसन भाभी को देखकर दिल जोर दे धड़कने लगा
जब से देखा है उसे एक नजर में उसके लिए दिल तड़फने लगा ..
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पड़ोसन का फिगर बड़े ही कमाल का था
उसे देखकर मेरा दिल मचलने लगा
बाहर एक बुड्ढा मर गया
उड़े देखकर उसका दिल भी चलने लगा ..
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पड़ोसन की मीठी मीठी मुस्कान
ऐसे में खुद को काबू कैसे करे एक इंसान ..
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मेरी पड़ोसन वैसे तो लंगड़ी है
पर उसके पते के पास खूब दमड़ी है ..
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धीरे धीरे मेरी घड़ी घूम रही है
मेरी पड़ोसन मुझे सपनो में चूम रही है ..
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मुझे वर्षों से प्यास लगी कोई तो बुझा दो
लाखों दूंगा तुमको मुझे ऐसी पड़ोसन से मिला दो ..

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धीरे धीरे इन्तजार की घडी ख़तम हो रही है
देखकर मेरी पड़ोसन की आँखें मेरी सांसे जाम रही है..
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मेरी पड़ोसन ना किसी की फ़िक्र करती है
भले उसे कितने भी डंडे पड़े प्यार में
वो प्यार में किसी का ना जिक्र करती है
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मैंने पड़ोसन को ब्रा गिफ्ट में दे दिया
जताने के लिए सचा प्यार उसे सब कुछ कह दिया ..
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जालीदार कपड़ों में मस्त माल रखती है
मेरी पड़ोसन बहुत मेहरबान है मुझ पर
कुछ भी मांगे तैयार रहती है देने को ,
आजकल वो मेरा बहुत ख्याल रखती है ..
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पड़ोसन के साथ इतना ,ना घुमाकर प्यार हो जाएगा ,
दूर रहा कर उससे नहीं तो समय से पहले हुसियार हो जाएगा ..
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पड़ोसन भाभी कई बार रात को बुला लेती है
डर के बहाने मुझे अपने साथ सुला लेती है ..
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तू छत पर आया कर मे तेरा दीदार चाहता है
मुझे तेरे हुस्न से मतलब नहीं
में तो सिर्फ तेरा प्यार चाहता हूँ ..
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पड़ोसन के प्यार में क्रेजी हो गया
में गाँव का देशी लोंडा था
तेरे चक्मेंकर में अंग्रेजी हो गया ..
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पड़ोसन के प्यार का स्वाद
दुनिया का सबसे बड़ा है अल्बाद ..
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अगर पड़ोसन हो छीनाल तो आपको बर्बाद करती है
हो अगर प्यार करने वाली ,तो वो हर गलती माफ़ करती है ..
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जिस तरह फिटकरी पानी को साफ़ करती है
उसी तरह सच्ची मुहोबत हर गलती माफ़ करती है ..
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आजकल मेरी पड़ोसन तो फूलों पर सोती है
पहले तो दिल लगा लेती है इन बेवडों से
फिर रात भर रोती है ..
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उसने पति को तलाक दे डाला
फिर नए आशिक को फसा डाला
तु आजकल क्यों है उसके करीब
उसने तो तेरे जैसे कईयों को मरवा डाला ..

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आजकल पता नहीं पड़ोसन क्यों खामोस रहती है .
जब भी देखूं उसका मन उदास रहता है
उसके मन में उच्च ना कुछ तो चल रहा है
न जाने उसका मन हर वक्त मायूस रहता है ..
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मेरी पड़ोसन के पैरों में पायल छनकती है
हाथों में चूड़ी खनकाती है
पता नहीं आजकल क्या हो गया है उसे
हर वक्त वो अपने पती पर बरसाती है ..
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मिटटी का घरोदा अक्सर टूट जाता है
पड़ोसन का प्यार भले कितना भी गहरा क्यों ना हो
लें समय आने पर हमसे टूट जाता है ..
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पड़ोसन को हद से ज्यादा प्यार मत करना
वो कभी भी छोड़कर जा सकती है
अगर ज्यादा दिल लगाओगे तो खूब रोओगे
क्योकि वो कभी भी मुंह मोड़कर जा सकती है ..
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मैंने kal पड़ोसन को छत पर कपडे सूखाते देखा
पड़ोसी के सामने हाथ हिलाते देखा
मैंरे को भी वो अच्छी लगी
इसलिए एक पासा मैंने भी फेका ..
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में कल पड़ोसन की दिवार पर मूत रहा था
पड़ोसन ने मुझे देख लिया
उसने हस्ते हस्ते उसने मेरे नुनु का फोटो खीच लिया ..
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पड़ोसन की जवानी उफान मार रही थी
छत पर खड़ी होकर, वो हवा में तांग मार रही थी ..

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मेरी पड़ोसन kal नीली ड्रम लेकर आई
उसे देखकर मेरी चीख निकल आई
मैंने तो उसे सीता समझा था
वो तो सेनेरिटा निकल आई ..
………………………………………………..
जब पड़ोसन घर पर नहीं होती तो
घर भी समसान लगने लगता है
जब इतराती हुई छत पर आती है
तो मेरा खंडहर घर भी मेरी जान लगने लगता है ..
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अगर पड़ोसन का पति साथ में है
और उसका हाथ उसके हाथ में है
तो कोई भी उस पड़ोसन को पटा नहीं सकता
दम इस बात में है ..
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जब मेरी पड़ोसन गली में होती है तो
पूरा मोहला चुस्रत रहता है
अगर दिखे वो एक पल के लिए भी
तो पूरा मोहला सुस्त रहता है ..
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दीप जलाओगे तो घर रोशन होगा
पड़ोसन पटाओगे तो मोहले में जसंन होगा ..
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मेरी पड़ोसन का प्यार आसमान चढ़ रहा था
में भी उसके प्यार में आगे बढ़ रहा था..
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में तेरा दीदार करना चाहती हूँ
तेरी पड़ोसन हूँ तुझसे प्यार करना चाहती हूँ
भले ना मिले मुझे तन की ख़ुशी
मन की खुसी बेसुमार करना चाहती हूँ ..
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चार बचों की माँ होकर भी मेरी पड़ोसन जवान है
वो खुद को मान रही बेजान है
उसे खुद पता नहीं ,
आज भी वो कई लोगों की जान है ..
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पड़ोसन का प्यार एक जहर का शराब होता है
एक पागल पड़ोसन का तो दिमाग ख़राब होता है
तुम काहे पड़े रहे हो इन के चक्कर में
इनके प्यार में कईयों के घर बर्बाद होता है..
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अगर पड़ोसन दिलदार हो तो
परवाना दिवार कूदकर आ जाएगा
हो पडोसी में शेर जैसा दिल
तो दिन में भगाकर ले जाएगा …
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पड़ोसन के होठो की मिठास गुलाब जैसी है
तेरी आँखों की मस्ती शराब जैसी है ..
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पड़ोसन के साथ हम भी होली खेलेंगे
उसके हर दुःख गम हम झेलेंगे
आई कोई भी मुशीबत उस पर
तो सरे सितम खुद पर ले लेंगे ..
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सुनो ऐ पड़ोसन तेरा लहंगा कमाल का है
गोरा रंग तेरे गाल का है
तू जान है मेरी तुझे मरते दम तक प्यार करूंगा
ये जवाब तेरे सवाल का है ..
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तेरे बिना रात को मुझे उबासी पे उबासी आती है
बिना पड़ोसन के तो अब नींद भी कहाँ आती है ,
जब आ जाती है तेरी एक बार याद
तो यादों में पुरी रात गुजर जाती है ..

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जब रात को गई थी तेरी नगरी में
पटाखा लग रही थी नीली घघरी में ..
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बर्फ का पानी हो क्या फर्क पड़ता है
तड़फती जवानी हो क्या फर्क पड़ता है
दिल बहलाने के लिए पड़ोसन चाहिए
काली हो या गोरी क्या फर्क पड़ता है ..
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हमारी पड़ोसन के मधुर बोल
दिल में बजा जाते है ढोल ..
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दरिया आ बहता पानी है तू
पड़ोसन नहीं मेरे दिल की रानी है तू
तू कोई पन्ना नहीं नीली स्याही का
मेरे जीवन की पुरी कहानी है तू ..
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दिवार के पिच्छे पडोसी का झगडा हो गया
पकडे गए थे प्यार करते
इसी बात पर घर में झगडा हो गया ..
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पड़ोसन केवल लड़की नहीं वो मेरे दिल की खिड़की है
जिससे ठंडी हवा आती है जो दिल को सुकून देती है
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फूलों के बाग़ में एक पड़ोसन थी
मेरे प्यार की रोशनी से वो रोशन थी
वो किसी और से क्या तारीफ करती
वो तो मेरे प्यार की इमोसन थी ..
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मेरी पड़ोसन जब लाल सूट में आती है
लाखों के दिल घायल कर जाती है
चलती है मटकाकर पतली कमर
नैनो से तीर चलाती है ..

