मांग भरने पर 180 बेहतरीन और मस्त शायरी (जीवन साथी के लिए सारा जीवन )

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mang bhari shayari , एक महिला का सबसे बड़ा गहना उसकी मांग है। वो सभी चीजों के साथ समझोता कर सकती है लेकिन मांग के लिए नहीं । मांग के सिंदूर को महिला अपना गर्व मानती है। वो गर्व से कहती है की मे एक विवाहित महिला हूँ और में अपने पती के प्रति समर्पित हूँ। हर छीज का समय के साथ रंग फीका पड़ता जाता है लेकिन मांग का रंग समय के साथ गहरा होता जाता है। महिला की मांग पुरुष का अभिमान होता है। एक पती अपनी पत्नी की मांग को देखकर जितना खुश होता है वो सायद ज़िंदगी में उतना खुश कभी नहीं होता है। मांग को देखकर पुरुष अपनी पत्नी के लिए शब्दों को शायरी में पिरोता है । ताकी पत्नी को अपने शब्दों से ख्शी दे सके। मांग भरने पर हम आपको कुछ शायरी बता रहे हैं। और उम्मीद करते हैं। कि हमारा प्रयास आपको पसंद आएगा । मांग हर महिला के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होती है। ऐसी स्थिति के अंदर आपको एक महिला का ख्याल रखना चाहिए ।

मांग तेरी तारों से सजाएँगे

एक बारात लेकर तेरे घर आएंगे ॥

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जिंदा रहा तो में तुझे यूं ही सताऊँगा

यादों में आकार दिन रात तद्फ़ाऊंगा

लेकर बारात तेरे द्वार पर

एक दिन जरूर आऊँगा॥

mang bharne par shayari

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तेरी मांग की लकीर बहुत कुछ कहती है

तेरे बदन की खुशबू महकती रहती है।

जब तू खुश होती है तो तेरे घर की

चिड़िया भी चहकती रहती है॥

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तेरे बिना सुना मेरा योवन है

मिनले ना तुम मुझे बंजर मेरा सावन है

तेरा चेहरा देखकर जी रहा हूँ में

तेरी मांग ही मेरा जीवन है॥

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मांग भरने का पल बड़ा हसीन होता है

तू साथ देगी मेरा ज़िंदगी भर

तेरी मांग को देखकर मुझे यकीन होता है॥

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कुछ हसीन पल है ज़िंदगी के मांग भरने के बाद

मांग सूनी हो जाती है जिंदगे गुजरने के बाद ॥

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माग का रंगउम्र बढ्ने पर भी फीका नहीं पड़ता ।

उम्र बढ्ने के साथ साथ मांग का रंग और गहरा होता चला जाता है॥

mang ka sindoor shayari

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मौत पर शायरी

गुलाबी सूट पर शायरी

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ये कुछ हसीन पल है मेरी ज़िंदगी के

सुना है उम्र लंबी हो जाती है इस बंदगी के।

मांग तेरी हमेशा चमकती रहे

ज़िंदगी तेरी चहकती रहे

ऊपर वाला इतनी खुशी दे तुझे

हमेशा कलियाँ तेरे बाग की खिलती रहे॥

मांग

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तू आँगन मे मेरे ठुमकती रहे

मिले तुझे दुनिया भर की खुशी

मांग तेरी चमकती रहे॥

तुझे पाने के लिए हम दुनियाँ से लड़ेंगे

तेरे लिए तो जेल में पड़ेंगे

हर कीमत पर पाएंगे तुम्हें

एक दिन तेरी मांग अपनी हाथों से भरेंगे॥

mang shayari

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मांग भर दो सिंदूर की

ताकी लगे परी हूर की

खुशी है उसके नूर की

अब वो मुझे अपनी लगने लगी है ॥

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मांग भरकर तुझे अपना बनाना है

तू मेरी है ये सारे जमाने को बताना है ॥

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तेरी मांग भरकर जमाने को दिखाना है ।

तेरे लिए जीता हूँ में तू ही मेरा जमाना है॥

mang bharne par shayari

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भर दो मेरे मांग सिंदूर से ।

एक बार तेरी हो जाऊन

फिर देखते रहने मुझे नूर से ॥

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मांग भरोगे तो पछताओगे

नहीं भरोगे तो पछताओगे

दिल को बह्ललाने के लिए

नित नए तरीके आजमाओगे॥

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कभी सिंदूर था तेरे माथे की शान

आज वही बन बैठा है मेरे जख्मों का निशान

भले तू मुझते दूर चली गई

पर आज भी तू है मेरे जान॥

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sindoor par shayari

दोस्ती तुझे दिलदारों जैसी करूँ

बाहों में तुझे बहरों जैसी भरू

भरकर मांग तेरी , तुझे जी भरके प्यार करूँ ॥

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तू है खूबसूरत सितारों जैसी

भर दूँ मांग तारों जैसी

लगा लूँ तुझे सिने से

रखूँ महफूस तुझे दिलदारों जैसी॥

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ये  ज़िंदगी एक दिन तेरे नाम कर जाऊंग

तू नहीं  चाहेगी फिर भी तेरी मांग भर जाऊंगा

फिर चाहे मरवा दे मुझे जान से कोई ररवाह नहीं

मार्के भी ये ज़िंदगी तेरे नाम कर जाऊंगा ॥

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mang bharne par shayari

कोने में लाश पड़ी होगी

सावन की धीमी झड़ी होगी

आऊँगा बहुत याद तुझे

जब तो रोते हुए बेड पर पड़ी होगी ॥

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अपना बनाया है तुझे देकर जिगर का लहून

ये तेरी मांग ही पराई निकली

कैसे कहूँ की बेवफा है तूँ ॥

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मांग में तेरी जब ये सिंदूर सजेगा

तेरे दिल में मेरा प्यार बसेगा

हो जाएँगे हम दोनों एक

जब अपनी शादी का बैंड बजेगा ॥

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हर पल खुशियों की बरसात होगी

भर दूंगा तेरा मांग, फिर तो आजीवन मेरे साथ होगी ॥

mang mein sindoor shayari

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तेरे बिना मेरा जिंदगी सुनी लगती है

नहीं कट्ती ये तन्हा रातें

अब हर रातें खूनी सी लगती है ॥

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जब तक सिंदूर लगा है माथे पर

ज़िंदगी भर अटल रहूँगा तेरे वादे पर ॥

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तेरे माते पर मेरे नाम का सिंदूर लगा है

तेरी यादों में मेरा प्यासा दिल रिन रात जागा है ॥

mang bhari shayari

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ना किसी की मूहोबत अधूरी हो

ना किसी प्रेमी के बीच दूरी हो

हमारी तो यही दुआ है की

आने वाले दिनों मे, हर प्रेमी की इच्छा पूरी हो ॥

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दिल तोड़ना पड़े ऐसी किसी की मजबूरी ना हो

मेले सभी को अपना प्यार , किसी की मूहोबत धूरी ना हो ॥

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खुशियाँ देंगे तुझे इस जहां की

भरके तेरी मांग में सिंदूर

ज़िंदगी भर में आपका गुलाम बन जाऊगी

क्या है हुकुम बोलो मेरे हुजूर ॥

mang bharne par shayari

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आज फूल बन गई है मेरे ख्वाबों की कली

लगाकर सिंदूर आज वो मुझे वर्षों बाद मिली ॥

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खिली है जो गुलसन में वो खूबसूरत कली

 माथे पर सजी है जो सिंदूर की लाली ,

दोनों ही मूहोबत की निशानी

एक पीर की तो दूजी जवानी ॥

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हमने दिल से चाहा है तुझे

भरकर मांग तेरी , अपना बनाया है तुझे ॥

mang par shayari

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तू खूबसूरत कली है इस बाहर की

तू जब निकलती मांग भरकर

लगती है खूबसूरत परी इस संसार की ॥

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