खुले बालों पर शायरी khule balo par shayari- दोस्तो जब लड़की की तारीफ करनी होते है तो उनकी आँखें उनके होठ, कमर और उसके बालों की बखूबी से तारीफ की जाती है। लड़की की वास्तविक बाहरी पहचान उनके बाल है। इसलिए लड़कियों को बालों की तारीफ करने वाले लड़के ज्यादा पसंद आते है। अगर आप भी अपने प्रेमिका के बालों की तारीफ करना चाहते है तो आप इन शयरियों के माध्यम से कर सकते है । उम्मीद है की इनमे से आपको सभी शयरी पसंद आएगी।
लबों पर आते है अक्सर ख्याल तेरे
बड़े ही कमसिन है बाल तेरे
हमे जकड़ लेते है
आशिक़ी के जाल तेरे॥

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ये तेरे खुले बाल मुझे तेरी याद दिला देते है
जब दिखती है तेरे जैसी कोई तो मिरी नींव हिला देती है ॥

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तेरी गंध ने मुझ में जोश भर दिया
दिल की धड़कन ने मदहोश कर दिया
तेरे खुले बालों ने मुझे बेहोस कर दिया ॥

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तेरे सेंट ने मदसोह कर दिया
तेरी खुली ज़ुल्फों ने बेहोस कर दिया ॥

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ना मुझे चेन मिला ना करार
जब से तेरी ज़ुल्फों का साया हुआ है
लगता है जैसे बदल गई सरकार ॥

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जब से तुझे देखा है तेरे ख्यालों में खो गया हूँ
तेरे सुनहरे बालों को देखकर तेरा हो गया हूँ ॥

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तेरे काले ज़ुल्फों के साये में सो गया
मुझे पता तक नहीं चला की में कब तेरा हो गया॥

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घायल किया है तेरे इन खुले बालों ने
दिल का मरीज बना दिया इन शालों ने ॥

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तेरी क्या तारीफ करें तुम तो पहले से ही कमाल लगती हो
तुम्हारे काले बाल लगते है जैसे कैदखाने के जाल लगती हो ॥

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बाल खुले थे और आंखो में काला काजल
गुलाम हो गया हूँ उसका होकर उसके प्यार में पागल ॥

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में तेरे प्यार में पगल और आवारा हूँ
तेरे खुले बालों का मारा हूँ
तू कुछ भी बोल जानेमन
फिर में अपनी माँ की आँख का तारा हूँ ॥

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तेरी काली ज़ुल्फों में खोने को जी चाहता है ,
लगकर गले तुझे चूमने को जी चाहता है
बसाऊँ तेरे संग जींदगी तेरा होने को जी चाहता है ॥

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जी करता है की तेरे काले बालों में अपना डेरा बना लूँ
बसकर तेरे दिल में तेरे दिल को बसेरा बना लूँ ॥

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पता नहीं चला शायरी लिखते लिखते कब में शायर हो गया
डरने लगा हूँ तुझे खोने से, पता नहीं चला में शेर से कब चूहा हो गया ॥

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तेरे बाल ऐसे जैसे सावन की मस्त घटाए हो
जब आता हूँ तेरे बाहों में लगता है
ऐसे की ये मस्त फिज़ाएँ हो ।।

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अपनी लटों को समेटकर रखा करो
अपने दिल में थोड़ी तसली रखा करो ।।

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मेरी वाली खुले बालों में बाड़ी हसीन लगती है
जब जब वो मुझसे मिलती है मेरे ज़िंदगी रंगीन लगती है ॥

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जब उड़ती है उसकी जुल्फें तो दिल मचल उठता है
आती है याद उसकी तो दिल तड़फ उठता है

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लड़ता है जैसी मेरे परी है वो
भाई कुछ भी बोल पर मेरे लिए खरी है वो ॥

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उसकी ज़ुल्फों में सुकून मिलता है
करती है तारीफ मेरे तो एक जुनून सा मिलता है
जब दिखती है उसकी सूरत तो गुलाब सा खिलता है॥

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उसकी ज़ुल्फों से घटा बरसती है
उसके दीदार को अँखियाँ तरसती है
जब वो ना दिखे तो बुरा हाल होता है
दिल रोता है और अखिया बरसती है ॥

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जब अपने बाल खोलकर वो हस्ती है
मानों जैसे मेरे आत्मा उसमे बस्ती है ॥

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बिना बादल ही बरसात हो जाती है
जब वो जुल्फें खोलकर मुसकुराती है
ऐसी अदा दिखाकर वह लाखों लोगों को तड़फाती है॥

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तलब और समंदर का कोई मेर् नहीं होता है
सुन वो धोकेबाज़ आशिक़ी कोई खेल नहीं होता है॥

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अगर तू इज्जत दे मुझे करीब आने की
फिर जी भरके तारीफ करूंगा तेरे बालों की ॥

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अगर तू इजाजत दे करीब आने की
तो सब कुछ छोड़ तू तुझे पाने की ॥

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हर लड़की की तमना होती है की अपने बालों को बिखराने की
पर हर लड़की में हिमत नहीं होती इसकी कीमत चुकाने की॥

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शराबी शराब से मस्त होते है
हम तुम्हारी ज़ुल्फों में सोते है
तेरी याद में दिन रात रोते है
जब पी लेते है तेरी याद में
तब जी भरके सोते है ॥

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जब मैंने देखा तो छत पर बाल सूखा रही थी
पतली कमर से तहलता मचा रही थी।
वो कमर मटकाकर लोगो को के दिल जीत रही थी
पर कसंम से तेरे भाई का दिल छोल रही थी॥

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घायल किया तेरे ज़ुल्फों ने
अदमरा किया तेरे जुल्मों ने

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घायल कर दिया तेरे खुले बालों ने
दिल का मरीज बना दिया सालों ने ॥

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तेरे बिना क्या करूंगा इस मंजिल का
तेरे बिना मजा नहीं आता इन महफिलों का ॥
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तू दिल जीत लेती है आई लव यू बोल कर
मुझे पागल बना देती है अपनी जुल्फें खोलकर ॥
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हर आसिक के ऊपर है काली ज़ुल्फों की छाँव
हर कोई कायल है इसका क्या शहर क्या गाँव ॥
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लगते है बाल जैसे घटा हो सावन की
जब बिखर जाती है तेरी जुलफे लगती है जैसे बहन हो रावण की ॥
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तेरी जुल्फें सावन की फुहार जैसी लगती है
तुम मुझे खूबसूरती की बाहर लगती है
जब चढ़ जाता है तेरी ज़ुल्फों का नासा तो
तू मुझे सितार सी लगती है॥
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जुल्फें तेरी जैसे नागिन हो
मांग तेरी जैसे सुहागिन हो ॥
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बाल तेरे काली नागिन जैसी है
होठ तेरे गुलाब जैसी है
क्या करूँ तारीफ तेरे हुस्न की
कुवारी होकर भी सुहागिन जैसी है ॥
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खुश होती है वो मुझे तड़फाकर
बेचेंन कर जाती है जुलफ़े बिखरकर ॥
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आशिकों को सताती है जुलफ़े फेलकर
खुद मस्ती से जीती है आशिकों को तड़पाकर ॥
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तेरी खुसी के लिए हम कुछ भी कर जाएँगे मेरे जान
एक बार जुल्फें बिखकरक रख दे मेरे शान ॥
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तेरे इंतजार में सावन भी आ गया
तेरे तड़फ में पतझड़ भी आ गया
तेरी याद मुझे बहुत तड़फाती है जानेमन
तेरी ज़ुल्फों को बिखरना मेरा सुख छें खा गया॥
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मेरा दिल आसमान में उड़ता हुआ परिंदा है
तू क्यों औरों के लिए जूफले खोलती है
अभी तेरा आशिक जिंदा है॥
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तेरी ज़ुल्फों के साये में
क्यों ढूंढती है अपने पराये में
आवाज देकर तो देख
मेरे जैसे कई आशिक मिल जाएँगे किराए में ॥
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जब तूने छूए थे मेरे भीगे बालों को
मैंने इगनोर कर दिया सारे सवालों को ॥
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तेरी काली ज़ुल्फों की घटाओ ने मुझे पागल बना दिया
लहराकर जुल्फें मुझे कौयल बना दिया
बेचें था इस जीवन से
इक पल में तूने मुझे गहरी नींद में सुला दिया ॥
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ये तेरे खुले बाल मेरे लिए है
एक तरह का मायाजाल
क्या शिकायत करूँ तेरे
इनही ज़ुल्फों से लगती है तू बवाल ॥
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कोई तेरे खुले बालों पर मारता है
कोई तुझे जी जान से प्यार करता है
वैसे तो तू लाखों दिलों की धड़कन है मेरे जान
मगर ये दिल तुझे खोने से डरता है॥
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आशिककिसी के गुलाम नहीं होते ,
मस्त जुल्मों के बिना हर कोई
यूं बदनाम नहीं होते ।
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