kali sadi par shayari गोरे रंग पर सबसे ज्यादा काला रंग सूट होता है. जब आपकी महबूबा काले रंग की साडी पहनती है तो गजब लगती है, उसे देखकर मुख से तारीफ निकलती है, सायद ही कोई व्यक्ति होगा जो तारीफ किये बिना रह जाए . अगर आपकी पत्नी या महिला मित्र काली शादी में दिखे तो आप इन शायरियों के माध्यम से अपनी प्रेमका की तारीफ कर सकते है. उम्मीद है की ये शायरी आपको जरूर पसंद आयेगी..
काली साड़ी जैसे रात में चमकता हीरा नायाब
जैसे सामने पडी हो जादुई शराब..

………………………………………………………………
काली तेरी साडी तेरी काला तेरा रंग है
मस्ती से जीने का ये तेरा ढंग है
मुझे बाँहों में लेले ए मुसाफिर
दिल में उठती है तुझे देखकर लाखों तरंग है ..

…………………………………………………..
तेरे गोरे रंग पर काली साड़ी खिलती है
ऐसी महबूबा किस्मत वालों को मिलती है..

…………………………………………….
काला तेरा रंग काली तेरी साड़ी
तो तुझे ना देखे होगा वो कोई अनाडी ..
…………………………………….
काली साड़ी में बाल खुले हुए
चलती है गुलाब की खुशबु लिए हुए

………………………………………..
काली साड़ी में क़यामत लगती हो
आशिकों के लिए ली शामत लगती हो

…………………………………………………
काली साड़ी वाली क्या जाने
उसके बिना ना दिन गुजरे ना शाम ढले
जब तक तू नहीं दिखती एक बार
ना मेरा मन लग ना मेरा काम चले..
………………………………………………………
जब से मैंने देखा है उसे काली साड़ी में
फिर से खून दौड़ने लगा मेरी नाडी में ..
……………………………………………………..
नदियाँ पार करके हम तुमसे मिलने आये है
तेरी हँसी देखकर हम खिल खिलाये है..

………………………………………………
दरिया पार करके हम तुझसे मिलने आते है
देखकर तुझे काली साड़ी में हम खुश हो जाते है..
………………………………………………………………
काली साड़ी में कमाल लगती हो
पहनकर जब चलती हो गली में तो धमाल लगती हो ..
………………………………………………….
काली साड़ी में तुम कमाल लगती हो
लोगों के लिए बवाल लगती हो ..
………………………………………………….
काली साड़ी में बवाल लगती हो
जब मुस्कुराती हो तो तुम मुझे जान लगती हो..
…………………………………………
काली सारी पहकर बैठी हूँ तेरे प्यार में
कइ राते गुज़री है मैंने तेरे इन्तजार में ..

…………………………………………….
ये तेरी काली साड़ी और ये बोलने का अंदाज
हमें भी तो बता दे क्या है तेरी खूबसूरती का राज..

……………………………………….
पहन के आजा काली साड़ी में
जल्दी से बैठ जा गाड़ी में
बाते करले मुझसे
बैठ कर झाड़ी में..
……………………………………..
तेरे जुदा होने के डर से दिल जल जाता है
जब आती है तो काली साड़ी में तो दिल मचल जाता है ..
जाती है तू मुझसे मिलकर तो सब सूना सूना लगता है
पता नहीं कियों इक पल मं ये मौसम बदल जाता है..
………………………………………………………………..
काली साड़ी वाली तु क्या जाने मेरे दिल का हाल
तू तो मुस्कुराकर चली जाती है
फिर क्या होता होगा मेरे दिल का हाल ..
……………………………………………………….
तेरी काली साड़ी की तस्वीर में दिल में बस गई
जबसे तुमसे नजरे मिलाकर मेरी तरफ हस गई ..
………………………………………………………………..
तू पराया होकर भी अपना है .
काली साड़ी में देखूं तुझे ये मेरा सपना है

………………………………………………………….
काली साड़ी में खोई हुई सी रात है
कौन कहता है तू ३ बच्चों की माँ हो गई हो
40 की उम्र में भी तेरे हुस्न की क्या बात है ..
………………………………………………………
न जाने तेरी काली साड़ी में क्या बात है
जब तुझे देखूं हो जाती रात है
कौन कहता है 40 की हो गिया है
आज भी तेरे हुस्न में वही बात है ..
…………………………………………………
काली साडी पहनकर जब तु छत पर आती है
इस मुर्दा दिल में भी जान आ जाती है
तुझे देखकर बाग बाग़ हो जाता है ये दिल
मेरे दिल की हर कलियाँ खिल जाती है..

…………………………………………………….
तुझे देखकर दिल में आते लाखों अरमान है
तेरे बिना जीना मुस्किल और मरना आसान है ..

……………………………………………………………………
तेरे पर जिन्दगी लूटाने को तैयार बैठा हूँ
हर कातिल आँखों वाली से कुछ ना कुछ कहता हूँ ..
……………………………………………….
ये दिल तेरे ऊपर जिन्दगी लूटने को तैयार बैठा है
तुझे देखूं काली साडी में में दिल बार बार कहता है..
……………………………………………………….
तेरे पर जिन्दगी लूटाने को तैयार है
एक बार काली साड़ी पहनकर आजा
जी भरके करना तुझसे प्यार है..
…………………………………………………..
तुझी से मेरी जिन्दगी तुझे से मेरा प्यार है
तू ही मेरी जिदंगी तू ही मेरा संसार है..
…………………………………………………………………
देखकर तुझे काली साड़ी में दिल को सब्र नही होता
हर सजा हुआ ताबूत कब्र नहीं होता ..
………………………………………………………………….
तेरे लिए अगर हम बर्बाद हो गये तो हमें कोई गम नहीं
कोई माईका लाल जुदा करदे हमें ऐसा किसी में दम नहीं ..
……………………………………………………………………………………
तेरे लिए बर्बाद भी हो गए तो कोई गम नहीं
तेरी ये काली साड़ी क़यामत से कम नहीं

………………………………………………..
बोतल हो तो शराब जैसी
खुशबु हो तो गुलाब जैसी
मुझे किसी और की चाहत नहीं
हसीना हो तो सिर्फ आप जैसी ..
………………………………………………………
मुझे पीने का सोक नहीं पीता हूँ गम भुलाने को
हा पल तुझ pe मरता हूँ तुझे पटाने को ..
…………………………………………………………..
जी चाहता ही हर पल तुझे पटाने को
काली सारी में देखकर जी करता है तुझे सताने को ..
……………………………………………………………………
तू कितनी खूबसूरत है ये तेरा यार जानता है
क्या लगती हो काली साड़ी में ये तेरा प्यार जान्ता है …
………………………………………………………
काली साड़ी में क्या बवाल लगती हो
मेरे दिल के पेपर का सवाल लगती हो
तू कहती हो में प्यार नहीं करती तेरे से
फिर मेरे लिये क्यों दिन रात जगते हो ..

………………………………………………………..
तेरे हर सवाल का जवाब बन जाऊं
बनकर तेरी काली साड़ी तेरा लीवाज बन जाऊं ..
…………………………………………………….
काली तेरी साड़ी काले काले बाल
कभी पूछ भी लो रानी इस आशिक का हाल ..
…………………………………………………………………..
रूठी हुई पत्नी को मानाने के लिए शायरी
काली साड़ी में चाँद जैसी लगती हो
जलती हो जब तुम नायब जैसी लगती हो
जब पढने बैठा हूँ तुझे तो समझ नहीं आती तू
समझने में किताब जैसी लगती हो तुम ..
………………………………………………………………..
काली साड़ी में लगती छीपा चाँद हो जैसे
दिल को सूकून देती है तेरी आहट
गर्मी के अन्दर बरसात हो जैसे ..
…………………………………………………………….
तेरे संग जिदगी गुजार अरेंगे
हद से ज्यादा तुझे प्यार करेंगे
एक बार दिख जा काली साड़ी में
फिर शादी के लिए ना इनकार करेंगे ..
…………………………………………………
समंदर के काले पानी जैसी हो तुम
तूफान में मचलती जवानी जैसी हो तुम
काली साड़ी में हो दीदार तेरा
फिर मचलती सांझ की रवानी जैसी हो तुम ..

…………………………………………………………………….
समंदर में मचलता काला पानी
उफनती हुई तेरी ये जवानी
बर्बाद कर देगी ये मुझे
तेरी मचलती हुई जवानी ..
……………………………………………
तुझे काली साड़ी में ना देखा तो क्या हुआ
तेरी आहाट से काम चला लेंगे
तू अगर रूठे मुझसे
तो तुझे प्यार से मना लेंगे..

………………………………………………
काली साड़ी वाली से नैन मिल गये
देखते ही प्यार हो गया उससे
जो मेरे दिल में थे वो सब फूल खिल गए ..
……………………………………………………………………
तू आये तो बिन बादल बरसात हो जाए
सूरज दिखता रहे फिर भी रात हो जाए
upar वाले से दुआ कर की
हलद से जल्द हमारी मुलाकात हो जाए ..
…………………………………………………………….
चेहरे पर मुस्कान अदाओं में जादू
काली साड़ी वाली तु ही बता दें कैसे करूँ तुझे काबू ..
…………………………………………………………..
जैसे ही काली साड़ी वाली का जादू चल गया
देखकर तुझे मेरा दिलमचल गया..

……………………………………………………
देखकर तुझे खुद पर नहीं रहता काबू
काली साड़ी पहकर छत पर आजा मेरी बाबू ..

…………………………………..
वैसे कच्ची कली है तू जो हर समय नहीं खिलती
काली साड़ी वाली हर किसी को नही मिलती..
…………………………………………………………
बड़ी कमसीन कली है तू
बता काली साड़ी पहकर कहाँ चली है तू ..

………………………………………………..
इन शायरियों को भी पढ़ें मजा आ जाएगा…..
चुगली करने वालों पर शायरी
पतली कमर पर शायरी 150
काली साड़ी वाली मस्त नजर वाली
मेरे दिल में आग लगाकर चली गई मतवाली
……………………………………………………….
कली साडी और उस पर मतवाली चाल
जब तू चलती है गाली में तो लगती है बवाल ..
…………………………………..
बिन बदल बरसात हो तुम
मेरे प्यार इ सौगात हो तूम
तुम मेरा गुरुर हो
तुम्हे क्या तोहफा दें
सच कहूँ तो मेरी औकात हो तुम
………………………………………….
काली साड़ी में गुलाब सी लगती हो तुम
तुम्हे छूने का दिल करता है
जब पास जाता हूँ तो आग सी लगती हो तूम ..
……………………………………………………..
तुम मेरे लिए खुली किताब हो
प्यार में जीता हुआ अवल खिताब हो
तुम्हे हकीकत में पा नहीं सकता
इसलिए मेरे लिए सुन्दर ख्वाब हो तुम
…………………………………………….
काली साड़ी में सुन्दर लगती हो मेरी जान
इसी काली साड़ी पर कुर्बान है मेरी जान
…………………………………………………….
देखकर तुझे काली साड़ी में दिल को सकूं आता है
तेरे सिवा मुझे और कोइ नहीं भाता है
पता नहीं मे तेरी और खींचा चला आता है
लगता है मेरा तुझसे पिचले जन्म का नाता है ..
……………………………………………………………..
काली साड़ी में देखकर दिल को सब्र नहीं होता
मेरे तो कैसे मरे तेर बिन हर जगह कब्र नहीं होता..
………………………………..
काली साड़ी में में काली नागिन लगती हो
भारती हो मांग में मेरे नाम का सिन्दूर मेरा सुहागिन लगती हो ..
………………………………………………………
काली साड़ी पर ये लम्बे बाल
मेरा दल तेरे पीछे पागल हो रहां है
क्या ये तेरी साड़ी का है कमाल ..
………………………………………………………………
मेरे लिए सुनहरी रात हो तुम
मेरे लिए तारों की बारात हो तुम
तुम्हे कैसे दिल से जुदा करूँ
मेरे दिल के जज्बात हो तूम..
………………………………………….
हुस्न का चस्का इस कद्र लगा मुझे
की हर तरफ तुम ही तुम दीखते हो
………………………………………………………
अँधेरे के बाद फिर उजाला आता है
हर बुरे वक्त बाद समय निराला आता है ..
……………………………………………………
चहरे पर मुस्कान और अदाओं में जादू
तू काली साड़ी में बम लगती है
क्या तेरे अब्बा को अता दू ..
……………………………………………..
तेरी काली साड़ी है और ऊपर से नजरों का जादू
तुझे देखकर दिल मचल जाता है नहीं रहता ये काबू ..
…………………………………………………………………..
महलों में रहने वाली
सड़ी में थी कली
दिल उड़ा ले गई
काले नैनों वाली ..
……………………………………….
मस्त मस्त
क्वाली यूं ही गाता रहूंगा ,
जब तू पहनकर निकलेगी
काली साड़ी ,
तेरी राहों मे हर बार आता रहूंगा ।
………………………………………………….
समंदर में काला पानी
उबलती हुई तेरी ये जवानी
हमको इमोशनल कर देगी
ये तेरे प्यार की कहानी..
……………………………………..
अपने आशिकों का ख्याल किया कर
अपने सपनो के लिए ना जीया कर
काली साड़ी पहनकर
अपने आशिकों पर हमला ना किया कर ..
………………………………………..
काली साड़ी वाली चोरी गोरी छोरी
दिल लूटकर ले गइ मेरा चोरी चोरी ॥
………………………………………….
अदाओं का जादू नजरों का साया
नेरा महबूब फिर से काली साड़ी पह्ननकर आया ..
……………………………………………………………..
लगता है जैसी कोई सपनो की परी धरती पर उतर आई है
पता नहीं ऐसी ठंडी हवा कहाँ से आई है ॥
…………………………………………………………
सुन ओ काली साडी वाली
मत बन इतनी मतवाली
आजा मेरी बाँहों में बन जा मेरी घर वाली ..
…………………………………………………….
जब काली साड़ी वाली मेरे पास से गुजरी
तुझे या पता मेरे दिल पर क्या गुजरी ..
……………………………………………..
काली साड़ी और काले बाल
जान लेकर पूछती है क्या है अब तेरा हाल ॥
……………………………………………………………
तुझे पाने के लिए हर परीक्षा से गुजरेंगे
तेरे लिए कई साजिस करेंगे
हम तेरे लिए पानी जान तेरे नाम करेंगे
तू सोचती है वो मर जाएगा
नहीं जानेमन मरके भी हमपना नाम अमर करेंगे ॥
…………………………………………………………………
मेरे तेरी नजर में हीरो बनना चाहता हूँ
करके तेरे लिए गुलामी तेरे प्यार में जीरों बनना चाहता हूँ ..
…………………………………………………………………..
पलके तेरी भीगी भीगी हो
मुझे पता है तेरे दिल का हाल जानेमन
तू मेरे लिए रातों रात जागी जागी हो॥
………………………………………………………….
बोतल हो तो शराब की ओ
कली हो तो सिर्फ गुलाब की हो
क्या क्या तारीफ़ करें आपकी जनाब
काली साड़ी आपके लिवाज की हो..
…………………………………………………….
सस्ता नासा हमको जचता नहीं
हर कोई मेरे दिल में बसता नहीं
तुम कहते हो तेरे दिल में कोई और है
सुन ओ जानेमन तेरे अलावा मेरा और कोई रास्ता नहीं ॥
………………………………………………………………..
काली साडी का साया उस पर लाल होटों का कमाल
तुझे देखकर मेरे दिल में मच जाता है धमाल ..
……………………………………………………..
काली साड़ी में लगती हो जैसे कोई गुलाबी हो
वर्षों से पडी हुई शराब हो
तुम जैसी भी हो मेरे लिए ख़ास हो
फिर में मेरे लिए कहों में लाजवाब हो ..
……………………………………………..
बंद बोतल में तो शराब भी प्यारी अगती है
लगाकर तो देख लबों पर ये कितनी खरी लगती है
मेरा लड़कियों को देखकर दिल मचल जाता है
काली साड़ी में तो हर लडकी मुझे कंवारी लगती है ॥
…………………………………………………………………………….
काली साड़ी में लगते है जैसे वो आसमान इ आये है
बनके दीवाने मेरे दिलों पर छायें है
हम तेरे लिए प्यार का पैगाम लायें है ..
………………………………………………
काली साड़ी पर काला आसमान है
बिना बताये जो दिल को जख्म दे जाए
वो और कोई नहीं मेरी जान है ॥
…………………………………………………..
काली साड़ी का काला साया
धीरे धीरे मेरे दिल पर उतर आया ॥
…………………………………………………..
आसमान ने फिर से कली साडी को औढ लिया
तुझे रोते देख लगता है फिर उस कमीनी ने तेरा दिल तोड़ दिया ..
…………………………………………………….
डर लगता है हमें प्यार के साए से
डर लगता है मुझे दिल के किराये से
डर लगता है मुझे अपने पराये से
मुझे अब कोई परवाह नहीं
क्योकि मुझे तो प्यार है तेरे साए से॥
………………………………………………………
जब वो काली साड़ी में आती है
सूरज उगा रहता और शाम ढल जाती है
उड़े देखकर रुकी हुई हवा भी चल जाती है॥
…………………………………………………….
दिल मेरा तोड़ दिया उसने बुरा क्यों मानु
काली साड़ी पहकर आये छत पर
तभी तुझे अपना मानु ॥
………………………………………….
अब नहीं गुजरेंगे रातें तेरी राहों में
हमें तो जीना है सिर्फ तेरी पनाहों में ..
…………………………………………….
काली साड़ी में वो आई और आसमान भी काला था
वो हमे देखकर घबरा गई क्योकि उसका चेहरा निराला था ..
हम पीना चाहते थे मधुशाला लेकिन पी ना सके
क्योकि उनके हाथ में जहर आ प्याला था..
………………………………………………………
काली साड़ी सी खोई रात है
तू 30 हो गई
फिर भी तुझे में पहले वाली बात है..
…………………………………….
काली साड़ी में परी लगती हो
दिल को जो जला दे वो घडी लगती हो ॥
……………………………………………..
देखकर तुझे काली साड़ी में मेरा दिल जल जाता है
आती है जब तू सजकर छत पर तो मौसम बदल जाता है..
………………………………………………………………
चांदनी रात में उसने कली साड़ी का जाल बिछाया
आज फिर दीवानों को फ़साने के लिए उसने अपना पल्लू गिराया ॥
……………………………………………………..
काले रंग वाले भी आजकल बहुत भाव खाते है
उनका औरा देखकर हमारे भी रुतबे बदल जाते है॥
……………………………………………………..
काली साड़ी में वो हुस्न की रानी लगती है
भीग जाए वारिस में वो तो मेरे प्यार की दीवानी लगती है ॥
……………………………………………………
न कोई गहना ना कोई संगार
काली साडी में लगती हो बम्बार ॥
……………………………………………..
देखकर उसे खिल उठी रात
उसके संग चलने लगी तारों की बारात ॥
……………………………………………
वो तेरा काली साड़ी में आना
रखकर चेहरे पर हाथ मंद मंद मुसकुराना
आज भी मुझे याद है वो प्यार भरा फसाना ॥
………………………………………………..
काली साड़ी में रानी लगती हो
दिखने में पारी आसमानी लगती हो
तुझे देखकर क्या गजल लिखु
तुम तो मुझे एक पुरी कहानी लगती हो..
……………………………………………….
होठों पर मुस्कार और आँखों में सितारे
चलती है सड़क पर जादू बिखारे ॥
……………………………………………………………..
काला रंग कोई बेकार नहीं होता
तुम हर किसी से उम्मीद लगा बैठे हो
हर कोई सरकार नहीं होता..
………………………………………….
महकती है उसकी हद से ज्यादा
उसने किया था मिलने का वादा
दिल रोने लग जाता है उसकी याद में
जब हो जता है प्यार हद से ज्यादा ॥
………………………………….
तेरे हुस्न के लिए हम बर्बाद होने को तैयार है
हम तो तुमसे कबसे प्यार है
सभलके रहना मेरे सपनो की रानी
तू सुन्दर हिरनी है और चरों तरफ खूंखार शियार है॥
…………………………………………………….
चाँद की चाँदनी में तुम चाँद जैसी चमकती हो
अगर आती हो काली साड़ी में तो तुम गुलाब जैसी महकती हो ॥
………………………………………………………
सब कहते है उसे हुस्न की रानी
काली साडी में बड़ी सुन्दर दिखती है मरजानी ..
……………………………………………..
काली साडी में पटखा लगती हो
हसीन इतनी दिखती हो की जैसे फूलों की सखा लगती हो ..
……………………………………………….
परियों जैसा हुस्न लेकर चलती है
दीवाने सिटी लिए चलती है ॥
.. ………………………………………
चाँद भी शर्मा जाये
एक नजर जब तु दिख जाये
अगर तेरे प्यार में पड़े कोई तो
उसका घर बार भी बिक जाये ॥
………………………………………….
तेरा काला रंग जान से प्यारा लगता है
हर कोई दिखे जब काली साड़ी में तो
आशिक हमारा लगता है॥
…………………………………………..
मेरे नजर काली साड़ी पर थी
तू क्या सोचती है मेरे नजर तेरी गाड़ी पर थी॥
…………………………………………..
हर व्यक्ति की नजर तेरी गाड़ी पर थी
सिर्फ मेरे नजर काली साड़ी पर थी॥
……………………………………….
हर हुस्न वाले का आशिक हूँ में
हर काली साड़ी वाली से वाकिफ हूँ में॥
………………………………………………………………..
जब तुम हो काली साड़ी में तो हर घटाएँ रंगीन लगती है
जब तुम मेरे साथ हो तो हर मौसम हसीन लगती है॥
……………………………………………….
काली साड़ी में लिपटी एक साम आई
तेरी काली साड़ी मेरे काम आई
तुम कहती हो कपड़े मायने नहीं रखते
इन कपड़ों से मेरे लाखों की कमाई आई ॥
………………………………………………
तेरी काली साड़ी देखकर तुझे याद करेंगे
हो जाये अगर तुझे मुझ से इस्क तो
हम तेरे इस्क में डूब मरेंगे॥
………………………………………………….
काली तेरी साड़ी और ऊपर से ये संगार
जब दिखे काली साड़ी में तो तुमपे आता है मुझे प्यार ॥
………………………………………….
काली साड़ी पहने कबसे बैठी हूँ तेरे इंतजार में
मैं खुद को भुला चुका हूँ तेरे प्यार में ॥
…………………………………………………………..
काली शादी में तुम तुफान लगती हो
हर बार मिलती हो तुम मुझसे
पर हर बार अंजान लगती हो॥
………………………………………………
मेरे जान काली साड़ी में बड़ी हसीन लगती है
जब तू आती है मेरे सामने तब मेरे रातें रंगीन हो जाती है…
……………………………………………………………
काली साड़ी को देखकर बादल भी बरस रहे है
तेरा प्यार पाने को लाखों लोग तरस रहे है॥
ये दिल तुझे ही प्यार कर बैठा
तुझे देखने के लिए मेरे नयन तरस रहे है॥
…………………………………………………………
आसमान में काली घटाएँ छाई है
जब तुम काली साड़ी पहनकर आई है
…………………………………………………………….
तुम काली साड़ी में दिल पर बिजली गिरा रही हो
बदल बदल कर साड़ी मुझे क्यों तड़फा रही हो॥
…………………………………………………………….
तेरे चहेरे पर वो साड़ी का पालू गिरना
गर्दन पर पड़े बालों को झटकना
इशारे करके लड़कों को सतना
हर नए लड़के से प्यार जाताना
वो सब याद है ॥
………………………………………………………
अपने नयन मटकों से लोगों को फसा रही हो
लगाकर आँखों में काजल क्यों मेरा कलेजा जला रही हो॥
…………………………………………………
तेरा आँखों का नजा शराब से ज्यादा खूबसूरत है
तुझे देखूँ काली साड़ी में ये मेरे दिल की जरूरत है॥
………………………………………………………..
काली साड़ी में वो शराब बनकर आई
उसे देखने के लिए दिल में कब से थी तनहाई ॥
………………………………………………..
जब से आसमान में काली घटाएँ चाहिए है
मुझे सक है की तू पक्का काली साड़ी पहनकर आई है ॥
…………………………………………….
काली साड़ी की चमक से मुझ पर बिजली गिरा रही हो
अपनी मतवाली चाल से दुनिया हिला रही हो॥
…………………………………………………………………….
काली साड़ी पहकर कमर का टेटु दिखती है
मिलकर नजर फिर से नजरें चुराती है
करके प्यार की छोटी छोटी बाते
फिर मुझे रात भर सताती है॥
,………………………………………………………………..
इस काली शराब और साड़ी में हर नासा समाया है
तेरी इसी कजरारी आँखों ने मुझे सायर बनाया है॥
…………………………………………………………………………
तेरी काली साड़ी का जादू सर चढ़कर बोलता है
तुझे देखकर काली साड़ी में मेरा मन डोलता है॥
………………………………………………………..
काली साड़ी में लिपटकर वो शाम आई
तुझे देखते है दूर हो जाती है मेरे तनहाई
………………………………………………………..
जब से देखा है काली साड़ी में तुझे
शराब से नशा होता नहीं
तुझे देखने बिना ये बंदा सोता नहीं
तू सोचती है मर जाएगा मेरे बिना
पगली जब तक तुम हो नजरो के सामने मेरे
मुझे कुछ होता नहीं ।।
…………………………………………………..
पगली हम तो नींद में भी तेरा नाम लेते है
जब आती है तेरी काली साड़ी की याद
तो हम पेग पर पेग लेते है॥
……………………………………………………….
उसकी ज़ुल्फों का अंधेरा कुछ ऐसा छाया
की अंधरी रात में भी मुझे मेरा चाँद अंजर आया ॥
……………………………………………………………………….
तेरी काली साड़ी का पल्लू याद है मुझे
जिस दिन आई थी कॉलेज में वो लेक्चर याद है हमे
सायद भूल गई होगी तुम अपने स्टूडेंटे को
पर ऑफिस में स्याही गिराई वो याद है हमे
……………………………………………………………………
काली साड़ी उसकी लाल शराब मेरी
उसकी एक तिरछी नजर ने कर डाली
ज़िंदगी खराब मेरी॥
……………………………………………………………………
तुझे क्या पता काले रंग में भी एक अलग मस्ती समाई है
जाम से उठी नजर तो तू सामने नजर आई है
जब उतरी मेरे शराब तो कुछ नहीं दिखा
मेरे चारों तरफ शराब और मेरे तनहाई है॥
……………………………………………………………..
काली साड़ी में गोरे बदन का अंग खिल जाता है
तुझे देखकर आशिक खुश हो जाते है
क्योकि जो उन्हे चाहिए वो मिल जाता है॥
…………………………………………………………………..
बारिश का मौसम नहीं फिर भी बादल बरसती है
मुझे काली साड़ी में देखने के लिए निगाहें तरसती है
जब तू ना दिखे मुझे तो मेरे आँखें बरसती है ॥
…………………………………………………………………
जब वो काली साड़ी पहनकर पास आती है
तभी मेरे दिल को वो रास आती है ॥
दिल बैठ जाता है उसकी याद में
जब वो सिने से लगती ह मेरे
तभी मुझे सांस आती है॥
…………………………………………………………….
सुना है काली साड़ी में कढाई नहीं होती
जब से तुमसे नैया मिले है तब से पढ़ाई नहीं होती ॥
…………………………………………………………
काली साड़ी में देखकर तुझे सितार बजता हूँ
चूमकर तेरे होठों को फिर एक नया जाम उठता हूँ॥
………………………………………………………….
मेरे दिल की दुआ है तू
मेरे जख्मी दिल की सजा है तू
तुझे कैसे दिल से जुड़ा करूँ
मेरे टूटे दिल की दावा है तू ॥
……………………………………………
पूरे नहीं होते तेरे बिना ये मेरे दिल के अरमान
जब से तुझे देखा है काली साड़ी में
मेरे दिल हो गया पठार का मन हो गया वीरान ॥
……………………………………………………………
कास मेरे घर के पास समंदर होता
मेरा याद काली साड़ी के अंदर होता है
………………………………………………………….
काली साड़ी ने मेरे दिल को जगा दिया
काली साड़ी की चाहत रहने वाले
सभी को तूने दगा दिया॥

