Green suit shayari ग्रीन शूट पर शायरी (प्रेमिका की तारीफ में दो अल्फाज )

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green suit shayari in hindi ग्रीन सूट पर शायरी , हमे पता है की लड़कियो को ज़्यादातर पिंक कलर पसंद है , पिंक के बाद दूसरा नंबर हरे रंग का आता है। हरे रंग के अंदर लड़की बहुत ज्यादा आकर्षक लगती है । हरा रंग मन को शांत करता है। अगर हम हरे रंग के सूट की तारीफ के मधायम से करना चाहे तो हमारे पास अलफाज नहीं मिलते है। इसलिए हम आपके लिए हरे रंग के सूट पर 150 शयरियों का संग्रह लेकर आए है। अगर आपका मन कर रहा है की में भी अपनी प्रेमिका की तारीफ शायरी के माध्यम से करें , तो आप हमारी पोस्ट को पढ़िये , आशा करते है की आपको अपनी मनपसंद शायरी मिल जाएगी।

मौसम कितना हसीन है

सूट तेरा ग्रीन है

तुम मुझे कभी धोका नहीं दोगी

मुझे तुझ पर यकीन है॥

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ग्रीन सूट में तुम बहुत प्यारी लगती हो

बाकी लड़कियों से न्यारी लगती हो

क्या तारीफ करूँ तेरे हरे सूट की

फूलों के खेतमें खिली हुई क्यारी लगती हो ॥

ग्रीन सूट पर शायरी इन हिंदी

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तेरे ग्रीन सूत को दिल से सलाम करता हूँ

ये जिन्दगी अब तेरे नाम करता हूँ

में तुझसे बहुत प्यार करता हु

में ये ऐलान सरेआम करता हूँ..

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तेरा ग्रीन सूट ऊपर से होठ गुलाबी

तुझे देखकर ये दिल हो जाता है शराबी

ये दिल काबू में नहीं रहता

पता नहीं क्या है इसमें खराबी..

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तेरा सूट ग्रीन है मौसम हसीन है

तु मुझसे एक दिन प्यार जरूर करेगी

ये मेरे दिल को पक्का यकीन है..

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जिस तरह ग्रीन सूट तेरी पहचान है

इसी से तेरे चेहरे की मुस्कान है..

green suit par shayari

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तेरे हुस्न का मिजाज रंगीन है

उस पर जचता सूट ग्रीन है

जब जब तुझे देखूं में

हर पल मेरी दिवाली और

ये मौसम रंगीन है..

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हरा सूट पहनकर जब निकलती है सडको पर

कहर ढाने लगते है इन आवारा लड़कों पर ..

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क्या हाल होता होगा लड़कों जब तुझे देखते ग्रीन सूट में

रास्ता जाम हो जाता है लाइन लग जाती है इन रूट में ..

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ग्रीन रंग का शूट तेरा

दिल पर कहर मचता ये मेरा

जब दिख्तीए है तू मुझे छत पर

चेहरा खिल उठता है मेरा ..

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ग्रीन शूट में तुम बहुत प्यारी लगती हो

खिले हुए फूलों की क्यारी लगते हो

चुनें को जी करता है तुझे

लेकिन दिखने में तुम कटारी लगती हो ..

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सुनों मेरा जान

ग्रीन शूट है तेरी पहचान

दिल लगा बैठा तेरे से

ये दिल है तुझ पर कुर्बान ..

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ग्रीन शूट पहनकर जब तू घर से निकलती है

दिलवालों के दिल में कली सी खिलती है

कोई नसीब वाला ही होगा

जिस तुम जैसी दुल्हन मिलती है..

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मौसम आजकल ग्रीन सा हो गया

जब से में तुझ से मिला हूँ ये बन्दा रंगीन सा हो गया ..

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देखकर तुझे ये मौसम ग्रीन सा हो गया

मिला हूँ जब से उसे ये मौसम हसीन सा हो गया ..

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आजकल वो ग्रीन शूट में दिखती है

क्या गुरुर करती है अपने हुस्न पर

तेरे जैसी 500 – 500 में बिकती है ..

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ग्रीन साडी में वो ग्रीन वाइन लगती है

जब खोलती है अपने बालों को तो

डायन सी लगती है..

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दिल तो पहले ही जख्मी था

ऊपर से ग्रीन शूट में आ गई

देखकर कातिल नज़रों से मुझे

फिर से प्यार की चिंगारी सुलगा गई ..

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हम तेरे ग्रीन शूट की तारीफ करते है

तू हमेशां खुश रहे ह हम तो यही दुआ करते है ..

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हम तो ऊपर वाले से यही दुआ करते है

खिलती रहे कलियों की तरफ ..

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तू सिर्फ मेरी है तुझे और कोई छू नहीं सकता है

हजारों लड़कियों में तुझे पहचान लूंगा ऐसा कोई और हो नहीं सकता ..

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जिंन्दगी ग्रीन शूट के पिच्छे बह रही है

कभी ख़ुशी कभी गम

जिन्दगी इसी तरह मजे ले रही है..

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हर आशिक दिल तेरे सूट को सलाम करता है

ये तुम्हारा पागल आशिक ये जिन्दगी तेरे नाम करता है ..

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हम तेरे हरे सूट की तारीफ करते है

तू सदा यूँ ही मुस्कुराती रहे

हम खुदा से यही ख्वाहिस करते है ..

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वैसे तो परियों की रानी है तू

हर आशिक के दिल की कहानी है तु

क्या तारीफ करुँ तेरे ग्रीन सूट की

मेरे लिए खुदा की मेहरबानी है तू ..

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आजकल बादल भी ग्रीन से हो गए है

मेरे दुःख भरे दिन भी रंगीन से हो गए

जो कभी नहीं बोलते थे हमें

आज वो भी अपने हो गए है ..

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आजकल उसे रंगों की पहचान हो गई है

इसलिए वो रंगीन सपनो में खो गई है

जब से देखा है उसे ग्रीन सूट में

तब से वो अपनी हो गई है ..

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हरे सूट में गोरा रंग है

हर सफर में हम तेरे संग है

तू मुझ जिअसे लड़के इ प्यार करती हो

ये देखकर मेरे सरे दोस्त दंग है ..

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आजकल उसके नाम का इन्स्टा पर सिक्का चलता है

वो करती कुछ नहीं है बस कमर मटकाती है

फिर भी लाखों लोगों का ध्यान भटकाती है ..

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आजकल उसके हरे सूट का जादू चल रहा है

उसे देखने के लिए लोगों का दिल मचल रहा है

आजकल हो गई है वो इतनी फेमस

की उसी के नाम का ट्रेंड चल रहा है ..

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आजकल उसके के नाम का जादू चल रहा है

उसे देखने के लिए मेरा दिल मचल रहा है ..

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कभी चाँद पूरब से निकलता है तो कभी पश्चिम में ढलता है

देखकर तुझे ग्रीन सूट में ये मेरा दिल मचलता है ..

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क्या खुदा की कारीगिरी है

जब वो दिखे ग्रीन सूट में तो

खुदा भी कहे क्या अदागिरी है ..

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तेरे ग्रीन सूट को चूमने को जी करता है

तेरी बाँहों में झुल्लने को जी करता है

तेरे रंग हरे सूट में दुनिया घुमने को जी करता है ..

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पतले ग्रीन सूट में तेरा चेहरा चमकता है

दिखे जब तो सोलह सिंगार में

तो मेरा टूटा दिल भी धड़कता है

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तेरे चलने का अंदाज और बात करने का सलीका

उस पर ये ग्रीन सूट दिखे तो मेरा दिल पड जाए फीका ..

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ना तो अब उस टॉफी का स्वाद रहा

और ना ही ये पंछी आजाद रहा

ग्रीन साडी की चमक देखकर ये

पंछी बस यादों में याद रहा ..

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हम तुझे पसंद करते है इशलिए तैयार रहते है हर गम सहने को

तुम मुझे ग्रीन सूट में अच्छी लगती हो, इसलिए तुझे कहते है ग्रीन सूट पहनने को ..

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जिस लड़की ने मेरा दिल लूटा उसका ग्रीन सूट था

कुछ भी कह यार उस लड़की का चेहरा बड़ा क्यूट था ..

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ग्रीन सूट है उसकी पहचान

उसकी चमक से चमकता है ये जहाँ

जब आती है मिलने वो छत पर

तो आ जाती है मेरी जान में जान ..

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ग्रीन सूट गुलाबी गाल

जिसे मिले ये लड़की

हो जाये वो मालामाल ..

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सब असर है तेरे गुलाबी सूट का

थोड़ी देर तो मजा लेने दे जवानी की लूट का

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दो कबूतर सूट के अन्दर दिखाती है

दीवालों को दीदार करके कबूतरों को पसीने छूडाती है ..

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मेरा महूब क्यों इतना प्यार है

कुछ नहीं भाई ये तो ग्रीन सूट का नजारा है ..

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हरा सूट हरी घास

जानेमन जितनी दूर जाए

उतनी ही बड़ती है प्यास ..

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हरे सूट का मुझे अहसास है

पीने के बाद भी नहीं बुझती ये वो प्यास है

अब तो पता चला वो मेरे लये क्यों इतनी ख़ास है ..

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तूने बिन मांगे शराब का प्याला भर डाला

तोबा तोबा इस ग्रीन सूट वाली ने तो सत्यानास कर डाला ..

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तेरी याद में हम पीये जा रहे है

ग्रीन सूट देखकर जीए जा रहे है

दर्द तो बहुत होता है अपने जखमो पर

उसकी बर्बादी को देखने के लिए अपने जख्मों को सिये जा रहे है ..

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ग्रीन सूट का धोका एक बार जो खाये

जिन्दगी भर प्यार के नजदीक ना आये ..

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जिसको ग्रीन साड़ी वाली दिख जाए

फिर उसे पूछों की नींद कैसी आये ..

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हमें नसा हो रहा है हमने उसको छूआ तो नहीं

हम खुद को चुन्त्की काटकर देख रहे है

की हमें कुछ हुआ तो नहीं ..

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ये दिल अन्दर ही अन्दर मचल रहा है

ग्रीन साडी वाली को देखकर न जाने क्यों उछल रहा है ..

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पेग पर पेग मारे जा रहा हूँ फिर भी कुछ हुआ नहीं

मुझे ऐसा क्यों हो रहा है ग्रीन सूट वाली ने तो छूआ नहीं ..

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ग्रीन सूट में तुम बाजीगर लगती हो

नजरे मिलाने में तो मुबोबत की कारीगर लगती हो .. .

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तेरी ग्रीन साड़ी देखकर दिल हरा भरा हो गया

माँ की गोद समझकर तेरे पल्लू में सो गया ..

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हवा में उड़ रहा है तेरे ग्रीन सूट का पल्लू

तू प्यार में सीधा कर रही है उल्लू ..

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kali sadi par shayari 

चुगली करने वालों पर शायरी 

पापा की परियों पर शायरी 150

चांदनी रात पर 150  शायरी ,साथी और प्रेमिका के लिए

जोरू के गुलाम पर 150 शायरीअपने दोस्त और रिश्तेदारों के लिए

पागल लड़की पर शायरी 150 + जो प्रेमिका की रूह को छू लेगी

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हरा रंग का सूट लगता है जैसे हवा का झोका हो

तेरा प्यार मुझे ऐसा लगता है की जैसे धोका हो ..

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हर कोई तेरे सूट का कायल बन जाय

अगर मारे तू एक आंख तो हर कोई तेरी नज़रों का घायल बन जाए ..

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तेरे ग्रीन सूट के आगे चाँद भी फीका पड जाता है

देखकर तेरी बेकरारी को ये दिल तेरे पिच्चे पड जता है ..

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पानी से तेरे होठ भीगे है

लफ्ज कुछ नहीं बोलते

फिर भी तुम्हारे आगे हम फीके है..

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जब वो ग्रीन सूट पहनकर आई थी

साथ में बदल बरखा लाइ थी

जब आंख खुली तो पता चला

वो नहीं केवल उसकी परछाई थी ..

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तेरे हरे रंग का सूट दिल को सकून देता है

बिखरता हूँ जब भी मैं मेरा साथी फिर से बून देता है..

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हर रंग के सूती की ऐसी अदाए है

में कभी नहीं भूल सकते ऐसी उसकी अदाएं है ..

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मौसम भी बेईमान हो जाता है जब तू छत पर आती है

नींद मुस्किल से आँखों में आती , तेरी याद में वो भी छिन्न जाती है..

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तेरा ग्रीन सूट देखकर सपनों में खो जाता हूँ

फिर स दिल को देकर तसल्ली फिर से सो जाता हूँ ..

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बचपन में तेरा सूट ग्रीन था

मौसम वो कितना हसीन था

हम साथ में खेला कूड़ा करते थे

वो समय कितना रंगीन था ..

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तेरे गोर बदन पर हरा सूट खूब जचता है

इसी को देखकर मगरमछ भी तेरे जल में फास्ता है ..

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वो खड़ी थी ग्रीन सूट पहने नदी के किनारे

जी करता है तेरी मांग में भर दूँ चाँद सितारे ..

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तेरे सूट का ग्रीन रंग बहुत गहरा है

तू बचाकर रहा कर इन सरिफों से

तेरे चरों तरफ आशिकों का पहरा है..

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वो ग्रीन सूट में टहल रही थी

मौसम हसीं था और हवाएं चल रही थी ..

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हवो के झोके से फट जाता है है बहुत नाजुक है उसका ग्रीन सूट

जब भी में दिल की बात करना चाहता हूँ वो हर बात पर जाती है रूठ ..

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ग्रीन सूट की मस्ती में वो जी रही थी

खुले आसमा के निचे बैठकर वो पी रही थे

मैंने सोचा वो मेर से वो प्यार करती होगी

कमबख्त वो तो खुद की मस्ती में जी रही थी..

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उसके ग्रीन सूट ने दिल में आग लगा दी

उसके आने के इंतजान में हमने सारी महफ़िल सजा दी..

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लहरे टकराती है साहिल से तो सर मचाती है

ग्रीन सूट वाली सीधी दिल में आग लगाती है ..

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आसमा बेईमान हो गया चाँद की खूबसूरती देखकर

में भी हैरान हो गया तेरी सादगी देखकर

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ग्रीन सूट मेरी पहली पसंद था

वो मुझसे दूर होना चाहती थी

पर उसे कौन समझाये

में तो उनकी नजरों में बंद था ..

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ग्रीन सूट पहनकर दिल में खलबली मत मचाया कर

अपनी कातिल अदाओं से हमें ना तडपाया कर ..

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कास हमारा भी दिल वीरान होता

तो हम तुझे दिल में बसा लेते

उस हरे सूट वाली के लिए

दिल में जगह बना लेते ..

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में तो उसी दिन मर गया था

जिस दिन तूने ग्रीन सूट पहना था

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जब से देखा है तुझे हरे सूट में ज्यादा हसीं लगती हो

जब जुल्फे बिखरती हो गलों पर तो बड़ी कमसीन लगती हो ..

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तेरी तस्वीर को दिल से लगाए बैठे है

तुझे प्यारे से सपने आँखों में सजाये बैठे है

तुम कहती हो तुमने किया ही क्या है मेरे लिए

हम तुम्हारे लिए जान गवाएं बैठे है ..

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हरा सूट पहनकर वो सपने में आ जाया करती थी

लगाकर गले मुझे दिल को सुकून दे जाया करती थी ..

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मेरे प्यार की वफादार वफायें और

ऊपर से ये ग्रीन सूट की अदाएं

आसान कर देती है जिन्दगी की राहें ..

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बेवफाई तो उसका गहना था

जिस दिन वो मुझसे जुदा हुई

उस दिन भी उसने ग्रीन सूट पहना था..

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हरा सूट पहनकर वो सपने में आती है

बस उसकी छोटी सी झलक इतना बड़ा सकूं दे जाती है ..

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ग्रीन सूट वाली के लिए मर ही जाऊं तो कोई बात नहीं

उसके दिल में मेरे लिए बुरे जज्बात नहीं ..

उसके लिए जान देने को जेई चाहता है

उसके बिना मुझे कुछ नहीं भाता है ..

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कितना प्यारा है तेरा ये ग्रीन सूट

पर से ये प्यारी मुस्कान

तेरा ये हसकर मुड़ना निकाल देता है मेरी जान ..

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जिस तरह सावन में खिलती है हरियाली

इसी तरह नसीब से मिलती घरवाली ..

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जब जब तुम्हारी याद आती है तो

तेरी तस्वीर चूम लेता हूँ

जब जिन्दगी काटने को दौड़े तो समसान घुम लेता हूँ ..

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हरे सूत में प्यारी लाती है तेरी मुस्कान

ग्रीन सुट की बिजलियाँ किस पर गिराएगी मेरी जान ..

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हरे सूट में जब मेरा महबूब मुस्कुराता है

लगता है जैसे की वो अपने गम छुपाता है ..

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उसकी मुस्कान की पीछे है मेरी सारी जिन्दगी

उसकी के नाम की है ये बंदगी ..

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ग्रीन सूट वाली ने एक पल में मेरी जिन्दगी उजाड़ दी

वो तो बहुत भोली भाली थी , पर दोस्तों ने उसकी आदत बिगाड़ दी ..

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ग्रीन सूट में ना आया कर किस किसे से लड़ता फिरूंगा

तू हरे सूट में लगती है इतनी प्यारी है की किसी और से क्या प्यार करूंगा ..

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हरे सूट में वो मेरी कब्र पर आई

रो पडी देखकर वो मेरी परछाई ..

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जब निभाना ही नहीं था तो रिश्ता जोड़ा क्यों

जब छोड़कर ही जाना था तो ज़िंदा छोड़ा क्यों ..

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तुझे हो क्या गया हरी हर चीज तुझे ग्रीन चाहिए

मेरी जेब में कुछ नहीं फिर भी तुझे जिन्दगी हसीन चाहिए ..

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एक पल की जिन्दगी है दो पल का फसाना

हरे सूत में तुम किसी लगती हो जान

एक बार पहनके तो दिखाना ..

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ग्रीन तेरी ऑंखें

रंगीन है ये रातें

दिल को सुकून देती है

तेरी प्यार भरी बातें ..

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उसका कुछ नहीं ये तो सब ग्रीन सूट का कमाल है

जिन्दगी में उसकी की वजह अब मालामाल है …

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तुम्हारे ग्रीन सूट ने भी शवान को भी पागल किया है

इतराकर बल खाकर चलती है ना तुमने कोई सिंगार किया है ..

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तेरी ग्रीन साड़ी वाली फोटो को दिल से लगा लिए

भरके तुझे बाँहों में अपना बना लिए

सपने में भरकर तेरी मांग तुझे अपना बना लिया ..

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तेरे ग्रीन सूट को याद करते करते रातें कट गई

जब तरा बाप आया सामने तो मेरी फट गई ..

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तेरा ग्रीन सूट मुझे याद आता है

जब भी याद करुएँ उस मसले को तो एक नया जख्म दे जाता है..

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मेरे वीराने दल में तुम रहती हो

मेरे लिए हर दर्द सहती हो

करती नहीं कभी शिकायल

हर गम को ख़ुशी से सहती हो ..

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ये सावन भी बड़ा बेईमान है जो हरे रंग को देखकर मचल जाता है

एक मेरा आशिक है जो हरे रंग को देखकर फिसल जाता है ..

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तेरे ग्रीन सूट वाला रूप याद आता है

तेरा रही रंग मुझे भाता है

जब जब याद करता हूँ उस दर्द भर पल को

फिर वही पल मुझे जख्म दे जाता है ..

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मेरे प्यार की वीरान नगरी में तेरी वो तस्वीर पडी है

मेरी याद में वो आज भी वहां खडी है

मेरे लिए कितने दुःख सहे उसने

इसलिए आज वो वहां के वहां पडी है ..

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मेरी वीरानी दुनिया में कोई ग्रीन सूट पहनकर आया

हम उसे अपना प्यार समझ रहे थे मगर वो कफ़न लेकर आया ..

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तेरे ग्रीन सूट का जख्म आज भी ताजा होगा

तुझसे जो दिल लगायेगा वह मौत का राजा होगा ..

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मौत से प्यारी जिन्दगी है

जिन्दगी से प्यारे तुम

जब तुम आती हो ग्रीन सारी में

लगती है एटम बम ..

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हरा सूट पहकर दिल को तडपाया मत करों

तेरे आशिक को इतना तद्फाया मत करो

हमारे साथ बुरा किया तुमने कोई बात नहीं

कम से कम ऊपर वाले से तो डरा करो

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तेरा हरा वाला सूट आज भी याद है मुझे

हसकर छुपजाना याद है मुझे

छपके से नजरे मिलकर नजरे चुराना याद है मुझे

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तुम्हारे हरे सूट का सुरूर इस कद्र छाया है

तुझे देखने के लिय चाँद जमी पर उतर आया है ..

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वीरान नगरी में रौशनी का चिराग है तू

नइ डफली का नया राग है तू ..

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ग्रीन सूट में धमाल लगती हो

आती हो छत पर तो बवाल लगती हो

जब से मुझे तेरी बेवफाई का पता चला है

मेकप में भी चंडाल लगती हो ..

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उजड़े हुए मकान में बस तेरी आवाज गूंजती है

मेरी माँ ने देखते थे तेरी मेरी शादी के सपने

वो भगवन की तरफ आज भी तुझे पुजती है..

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औरत मिले हजार

पर ना मिले छिनार

दौलत ना मिले भले

पर सच्छा मिले प्यार ..

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गुलाब का दूल हर जगह खिलता नहीं

सच्छा आशिक हर इसी को मिला नहीं

जब मिल जाए सच्चा प्यार करने वाला तो

दिन उसी का कभी ढलता नहीं ..

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हरे सूट मे तुझे देखकर चाँद सरमा जाता है

सोचता है क्या चमकू उस चाँद के आगे

जो सबकुछ छिपाते हुए भी सब कुछ दिखा जाता है ..

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आज हवाएं थोड़ी उदास व

दिल दर्द से भरा है

मेरा आशिक कोई पत्थर नहीं

वो तो मेरा लिए सोना खरा है ..

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वो हरे सूट में सिमट सी जाती है

जब भी मिलती गले से

वो चिमट सी जाती है ..

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मेरे उम्र भर की चिंगारी एक याद में ढह गई

एक जिमीदारी का ऐसा तूफान आया

उसमे मेरी मुहोबत बह गई ..

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तेरे हरे सूट की नजाकत हर मौसम को ख़ास बना देती है

जब जब तू आती है मुझसे मिलने ये मुलाक़ात ख़ास बना देती है ..

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मेरा दिल बारूद का ढेर था

वो पटखा बनकर आ गई

इसलिए हम गरम ना हो सके

वरना में भी तो सवा शेर था..

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हरी साड़ी में वो हुस्न का पटाखा लगती है

अंगूरों से लिपटी एक शाखा लगती है ..

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ग्रीन सूट में वो पटखा दिखती है

रसीली आमो की शाखा लगती है ..

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ये आशिक तेरी दीवाना है

ये तेरी नजर का निशाना है

वरना हम भी बाख जाते तेरे वार से

मुझे तो तेरे को फसाना है ..

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ग्रीन साड़ी वाली ने पूरा शहर जला दिया

हमसे लड़ाई क्या हुई की उसने पूरा शहर जला दिया ..

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