चुगली करने वालों पर कुछ मजेदार शायरी chugli shayari in hindi

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chugali pe shayar दोस्तों कई बार ऐसा होता है की हमारे कई दोस्त ऐसे होते है जिसे हम खोना नहीं चाहते है . और उन्हें अपने दिल की बात भी कहना चाहते है . ऐसी स्थिति में हमें कुछ ऐसा तरिका निकलना पड़ता है . जिससे वो बात उस तक पहुँच जायर और उसे बुरा भी ना लगे . ऐसी स्थिति में शायरी का सहारा लिया जाता है . आप अपने चुगलखोर दोस्तों के दिलों तक बात पहुँचाने के लिए इन शायरी को अपने whats app पर स्टेटस के रूप में उपयोग ले सकते है. तो चलिए दोस्तों इन चुगलियों वाली शायरी को पढ़ते है. अगर आपको अच्छी लगे तो इनको अपने स्टेटस पर जरुर लगायें .

अपनी वाली बड़ी चुगलखोर है

पहले मौक़ा देती है

फिर कहती है की मेरे दिल में कोई और है ..

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चुगली करने वाले चुगलखोर कहलाते है

चोरी करने वाले चोर कहलाते है

दिल के साथ खेलने वाले हरामखोर खहलाते है ..

chugali par shayari

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हम जानते है की तू चुगली करने में माहिर है

तेरे पेट में पचती नहीं कोई बात

तू मेरे लिए जगजाहिर है ..

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मौसम का मिजाज क्या बदला वो कमबख्त चुगलखोर बन बैठे

हमने दिल का घाव सामने क्या किया वो तो आदमखोर बन बैठे ..

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करके गैरों से आस्की हमें ना चिडाया कर

करके किसी और की चुगली हमें ना सताया कर ..

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अंधेरी रात ka अन्धेरा है तू

ढलते हुए दिन का बसेरा है तू

क्या बुराइ करूँ तेरी जानेमन

चुगलखोरों का बसेरा है तू ..

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हमारे सामने वो झूठा मुस्कुराती थी

करके नखरे हम पर वो सितम ढाती थी

असल में चुगलखोर थी वो

हमारे राज वो दुश्मनों को बताती थी ..

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हमारी जिन्दगी में फिर ये सवेरा आयेगा नहीं

अगर आपकी जिन्दगी में एक बार चुगलखोर आ जाए

फिर कोई और आयेगा नहीं

फिर जिन्दगी सतर्क हो जायेगी और अन्धेरा छाएगा नहीं ..

chugali wali shayari

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बहुत बड़ी थी उनकी दिल की ख्वाहिशें

हम पूरी ना कर सके उनकी फरमाँइसे

हमें बाद में जाया वो चुगलखोर की है पैदाईसें ..

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दिल में बड़ी टीस है

दिल की बड़ी राईस है

चुगलखोर है तू

फिर हम्मसे इतनी टीस है ..

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गीली लकडियो में आग ना लगाया कर

करके चुगली मरे हुए शैतान को

फिर से ना जगाया कर..

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भले ही हम चुगलखोर है पर धोकेबाज नहीं

हम कमियां बताते है आपकी पर दिल के राज नहीं ..

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करके चुगली उसने दोस्तों को दुश्मन बना दिया

अच्छे खासे जी रहे थे हम

उसकी चुगली ने हाथ में कठोरा थमा दिया ..

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सहने की भी एक हद होती है

कहने की भी एक हद होत्ती

कितनी चुगली करोगे हमारी

ढहने की भी इ हद होती है ..

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तू कहा ना किसी से

तू रहती है हमारे दिल में

तेरी चुगली का बुरा नहीं माना हमने

तेरी चुगली से रोनक बनी रहती है महफ़िल में ..

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ना शास्त्र काट पाए

ना दिल बाँट पाए

चुगलखोर तो बहुत थे मेरी जिन्दगी में

की ही बहुत कौशिश पर कुछ ना उखाड़ पाए ..

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आपने सूना होगा की लोहा लोहे को कटता है

चुगलखोर अपनों को बांटता है ..

chugalkhor par shayari

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जिनकी जुबान मिट्ठी और दिल में जहर हो

भगवान करें हम पर कभी ऐसे दोस्तों की न महर हो ..

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तू चलता जा इस टूटी रोड पर

चुगली करने वाले मिलेंगे तुझे हर मोड़ पर ..

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ये चाँद तेरे नाम कर दू

तेरी झोली सितारों से भर दूँ

मेरे दिल की दुनिया है तु

सब कुछ पता है मुझे

फिर तुझे चुगलखोर कहकर कैसे बदआम कर दूँ ..

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दिखने में वो बड़ी हसीन ही

बातें उसकी बड़ी नमकीन थी

जीना चाहता था उसके साथ सारा जीवन

पर वो चुगली करने में ग़मगीन थी..

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मेरी किस्मत ख़राब थी

इसलिए हवाओं ने धोका दिया

उसकी चुगली करने की फितरत थी

उसी ने मेरे दुश्मनों को मौक़ा दिया..

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दिल मेरा हसीन हो जाता है जब वो आंखे नीची करते है

मगर मेरा दिल गम्गीन हो जाता है जब वो चुगली करके धोका करते है..

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प्यार से आज तू जान मांगेगी तो जान दे दूंगा

अगर अपनी बात किसी को बताई तो जान ले लूंगा ..

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उसे फर्क नहीं पड़ता है की

बात सच है या झूठ

डांटता हूँ जब उसे , तब वो जाती है मेरे से रूठ ..

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सितारों को आसमान का साथ नहीं

चुगली करने में तेरी जैसी किसी में बात नहीं ..

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हम रूठी हुई बिगम को मनाने आये है

सुन ए चुगलखोर लडकी .

तुम हमारी बेगम बनने के लायक नहीं

हम ये तुझे बताने आये है ..

chugali wali shayari

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भले हम चुगलखोर है पर धोकेबाज नहीं

हम खामियां बताते है आपकी

पर दिल के राज नहीं..

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मजबुरी है उनकी मगर शोक है पुराना

बिना चुगाली बेरंग लगता है उसे सारा ज़माना..

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ऊपर वाले से छीन लेंगे तुझे

फिर जी भरके चुगली कर लेना हमारी

किसी चीज के लिए ना सतायेंगे तुझे..

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तू ना बताना किसी से , तू रहती है हमारे दिल में

तेरी चुगली से रौनक बनी रहती है हमदर्दों की महफ़िल में .. ‘

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जो माँ बाप की नहीं हुई वो किसी और की क्या होगी

वो जायेगी किसी चुगलखोर के साथ

लेती है प्यार भरे सपने , पर हमें पता है उस्की जिन्द्गी क्या होगी..

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ये चाँद तेरे नाम कर दूँ

ये धरती और सितारे तेरे नाम कर दूँ

मेरे दिल की दुनिया है तू

दिल करता है चुगलखोर कहकर

तुहे बदनाम कर दूँ..

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बुराई में अच्छाई नहीं होती

मुहबत में कभी अंगडाई नहीं होती

में कभी डाकू नहीं बनता है

अगर तू चुगलखोर मुझे सताई नहीं होती..

chugali shayari in hindi

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कुछ लोग चुगली करके नाम कमाते है

उच्च दिल लगाकर सताते है

वो एक ही है इस दुनिया में जिसे हम प्यार करते है

ये बात हम हर किसी को नहीं बताते ..

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आँखों से अपना बनया था

बातों में अपना बनाया था

भगा दिया हमने उस चुगल खोर को

जिसको हमने दिल में बसाया था..

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तेरे दर के आगे आज हम मरेंगे

मर ना सके तो आज तुझे बर्बाद करेंगे..

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दुनिया में पैदा नहीं हुआ हमें बर्बाद करने वाला

चुगलखोर कब से होने लगा दिलवाला

वो तो दिलों को तोड़ता है

नहीं हो सकता दिलों को आबाद करने वाला ..

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मैंने देखी बाजार में एक हसीना थी

चुगली करने में वो मस्त नगीना थी

कमबख्त हमारा दिल उससे प्यार कर बैठा

जिसके पास मेरे जीवन की कासीना थी..

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फर्क नहीं पड़ता उसे सच झूठ से

वो तो घर जलाती है लोगों के सूखे ठूंठ से ..

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म से मलंदर होता है

स से समुन्द्र होता है

चुगली करे वो किसी का नहीं

वो तो सीने में लगा मीठा खंजर होता है ..

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अज तो तेरी चुगली ने हद कर दी

भरे बाजार में नीलाम मेरी जजत कर दी..

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तीर नज़रों से चलाया ना कर

दिल के राज हर किसी को बताया ना कर

तू बुरी नहीं है मुझे पता है

हर वक्त तू खुद को चुगलखोर से बचाया कर ..

chugali shayari in hindi

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कहता हूँ गलत है ये सब करना

ला,कमबख्त सुनती कहाँ ये बंद करना ..

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मज्बुरी है उसकी चुगली करना

हमारी मजबूरी है उस पर मरना

हम कहते कहते कहते ठेक गए

अच्छा नहीं सही बात प् डरना ..

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मजबूरी है उसकी सौक है पुराना

बिना चुगली के बेरंग लगता है उसे ये ज़माना..

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दिल करे तो आ जाया कर

बिना वजह किसी को ना बहकाया कर

चुगली करने से पहले

थोड़ा तो सरमाया कर..

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दिल है की मानता है

क्या तुझे चुगली के बिना कोई जनता नहीं ..

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फूल है तू गुलाब सा

मौसम है तू शराब सा

चुगली सेट नहीं होती है तुझ पर

हर गाली को तू ना आजमाया कर..

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डातू तो तुझे ये मन माने नहीं

बिना चुगली के कोई तुझे जाने नहीं

तुझे देखकर जी करता है मर जाऊं तेरे प्यार में

मगर तू मेरे प्यार की गहराई जाने नहीं.. ..

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फूल है तू गुलाब सा

मौसम है तू ख्वाब सा

करती है तू चुगली मेरे सामने

हक़ जताती है तू मुझ पर जनाब सा..

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हम दीवाने है तेरे

हम अफसाने है ट्रे

तू मत किया कर हर जगह मेरी चुगली

हम परवाने है तेरे ..

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जितनी मेरी चुगली होगी उतनी ही फजीहत होगी

अब तेरी हर बात पर मेरी इजाजत होगी

तू पैर रखके दिखा बाहर

फिर तेरी या मेरी मौत होगी ..

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तू हवा में उड़ता रहे

पानी की तरह बहता रहे

में चुगली करती रहूँ तेरी

तू बस सहता रहे ..

chugali karne walo par shayari

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दिल का राय इसी के साथ शेर ना किया कर

करना है तो हमे चार आखें कर

बेवफाओं से वफ़ा ना किया कर ..

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आज की दुनियां में चरों तरफ बेवफाई है

फिर इस चुगलखोर में इतनी वफ़ा कहा से आई है..

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लबालब भरा तालाब भी सुख गया

एक चुगलखोर के चक्कर में हमने आपना घर फूंक दिया..

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तेरी चुगली सुनकर मौत को भी शर्म आया जाए

क्यों करते हो किसी की जिदगी बर्बाद

कर तुहे भी एक दिन रहम आ जाए ..

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बिन बुलाये तेरे दर पर आयेंगे नहीं

तू कितनी भी कौशिश कर ले चुगलखोर

अब हम तुझे अपनाएंगे नहीं ..

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जो अपनों की ना हुई वो किसी और की क्या होगी

एक चुगलखोर के संग जिद्न्गी बड़ी मुस्किल होगी ..

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जिसकी जूबान पर चढ़ जाता है चुगली का स्वाद

फिर हो जाते है अच्छे अच्छे बर्बाद ..

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चुगली करने वालों का ठिकाना नहीं होता

इनसे रहम की उम्मीद ना रखना

इनके पास तो अपना फसाना भी नहीं होता ..

chugalkhor ke liye shayari

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रत की राही है वह

दिल में उसके सैतान है

हम सोचते थे मेरे ख्वाबों की परी है

पर वो तो मामूली इन्शान है ..

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दिलो दिमाग में बस तेरा नाम है

तुझे कोई अच्छा नहीं लगता

तू बस दिखावटी है

चुगली करना तेरा काम है..

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दिल और दिमाग में तेरा नाम है

इन पर भूलकर भी भरोषा मत करना

क्योकि चुगली करना इनका काम है..

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जो लोग खुद की छाया से डरते है

वही लोग दूसरों की चुगली करते है..

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सच की नाव कभी डूबती नहीं

अगर चुगली सामने की आये

तो वो कभी चुभती नहीं..

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नजरें मत मिलाया कर इन सितारों से

चुगली करके तू बेहया हो गई इन हजारों से ..

shayarionline.in

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करते है जूठा दिखावा मन में उनके खोट है

चुगलखोर का काम होता है दिल पर करना चोट है ..

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मीठी जुबान पर रखती है वो जहरीली बातें

इनकी यह बाते ख़राब कर देती है मेरी रातें ..

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मेरी पीठ के पिच्छे खंजर ना चालाया कर

झूठे प्यार का दिखावा ना किया कर

मुझे पता है तेरी फितरत

मुझे देखकर झूठा ना मुस्कुराया कर..

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दिल का दर्द उससे कहा नहीं जाता

दूर उससे रहा नहीं जाता है

हमें पता है की वो चुगल खोर है

फिर भी उसके बिना रहा नहीं जाता ..

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चुगलखोर दोस्त ने दिल पर वार किया

नजरों से अपने दिल को तकरार कीया

सतर जगह मुंह मारकर कह्ती है

जानेमन मैंने तो बस तुमसे ही प्यार किया ..

chugali wali shayari

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जिसने साथ जीने मरने की कसम खाई

वही मेरे लिए कफ़न ले आई ..

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दोस्तों ने दोस्ती के नाम पर लूटा है

दुश्मनी के नाम पर मेरा गुसा अपनों पर फूटा है

में पागल सा हो गया हूँ , जबसे प्यार में मेरा दिल टूटा है..

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चुगली करके ना चलाया कर रिश्तों में खंजर

कुछ ना मिलेगा इस टूटे दिल में

ये दिल कई साल पहले हो गया था बंजर ..

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दुसमन हर मुकाम पर मिलेगे

सावधान रहना इन दुश्मनों से

क्योकि ये भेदिये तुझे शेर की खाल में मिलेंगे..

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मुझे लगा दिल की अच्छी है तू

तूने क्या सोचकर मेरी इज्जत उछाल दी

तू क्या सोचती है सौन्गा तेरी याद में

मेरे तेरी याद को दिल से निकाल दी..

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तुम्हारी गली में मेरा आना जाना हां

में प्यार नहीं करता था तुझसे

तुझे जिंदगी निकलने का ये केवल बहाना था..

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सच्चा व्यक्ति कभी झूठ से नहीं डरता

चुगली की आग में जलकर सच कभी नहीं मरता

तू लाख चुगली करले मेरी

तेरा दिखावा मेरा बाल बांका नहीं करता ..

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जो लोग जान देते है सचाई के लिए

चुगली करने वाले तरह जाते है एक अच्छाई के लिए..

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अपना प्यार सभी को सोने जैसा चाहिए

भले खुद का दिल पत्थर का हो , मगर आशिक खिलोने जैसा चाहिए..

chugali shayari

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वो झूठ पे झूठ बोलती रही

अपने झूठ के पलड़े पर वो मेरी बातें तोलती रही

हम तो निकल गए जीवनमें आगे

वो जीवन भर उन्ही गलियों में डोलती रही..

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अच्छाई को देखने के लिए नजरिया अच्छा होना जरूरी है

हम भी नहीं बैठना चाहते चुगलखोरों के साथ ,पर हमारी भी कुच मजबूरी होती है..

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चूहे और बिल्ली में कभी दोस्ती नहीं हो सकती

चुगाल्खोर और अच्छे लोगों में कभी बोलती नहीं हो सकती ..

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पानी और आग अभी एक साथ नहीं रह सकते

आशिक और बेवफा दोनों एक साथ नही बह सकते

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चुगली करने वाले हर मोड़ पर मिल जायेंगे

वफादार लोग आपको सुनसान रोड पर मिल जायेंग

मिलते नहीं सच्चे लोग तुझे हर जगह

कमीने लोग हर रोड पर मिल जायेंगे ..

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अच्छी खासी कस्तियाँ डूब जाती है

जब वक्त बुरा होता है

जो चुगली करके खुश होते है

उनका यहाँ पर नहीं खुदा के यहाँ हिसाब होता है..

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पत्तःर रखकर दिल पर हम तुझसे मिलने आये थे

कब्र पर रखें हुए फूलों से दिल को सजाये थे

सोचा था सच्ची मुहोबत मिलेगी हमें

मगर वो मेरा कफ़न लेकर आये थे..

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जब साथ नहीं होता कुदरत का

तो चुगली वाले फायदे उठा जाते है

जरुरत के अनुसारलोग हमें आजमा जाते है..

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चुगली बिक जाती है हजारों में आसानी से

अच्छाई कोई देखना नहीं चाहता

फिर जीने में मजा नहीं आता है

नफरत हो जाती है इस जिंदगानी से..

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जिन्दगी की किताब के हमने पन्ने जला दिए

वो चुगली करते रह गए , हमने मौत से मिला दिए ..

chugalkhor shayari

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पीठ पिच्छे वो मेरी बात करते है

करते है मेरी चुगली

वो मुझे नमक पर मिठास कहते है..

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ये चुगली का बाजार है

यहाँ पर हर कोई सौदागर है

र्रिस्तों इ बोली लगे को ..

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वो chugali करते है और हम मुस्कुराते है

हम जानते है उनकी फितरत

नाटक करके हमें जलाते है ..

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कुछ लोग चुगली को अपना पैसा बना लेते है

करके बुरे वो खुद के हाथ जला लेते है ..

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