राखीबंधते समय मुख किस दिशा में होना चाहिए– राखी बांधते समय बहन का मुख दक्षिण-पश्चिम दिशा की ओर तथा भाई का मुख उत्तर-पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए । मुख्य दिशाएँ चार होती हैं: पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण। इनके अलावा, चार उप-दिशाएँ भी होती हैं: ईशान यानी उत्तर-पूर्व, आग्नेय यानी दक्षिण-पूर्व, नैऋत्य यानी दक्षिण-पश्चिम, और वायव्य यानी उत्तर-पश्चिम. कुछ लोग 10 दिशाएँ भी मानते हैं, जिनमें ऊर्ध्व यानी ऊपर और अधो यानी नीचे दिशाएँ भी शामिल होती हैं

पूर्व दिशा यानी जिधर से सूर्य उदय होता है.
पश्चिम दिशा यानी जिधर सूर्य अस्त होता है.
उत्तरयानी सूर्य के उदयदिशा होने की दिशा के बाएं हाथ की तरफ.
दक्षिण यानी सूर्य के उदय होने की दिशा के दाएं हाथ की तरफ.
चार दिशाए चार उप दिशाएं इसे अलावा ऊपर और निचे को मिलकर कुल दश दिशाएं होती है .
