दोस्तों कई बार हमें आवस्या के दिन यात्रा पर जाना पड़ सकता है . अमावस्या की काली रात को देखकर हमारे मन में विचार आता है, की क्या हमें अमावस्या के इन यात्रा करनी चाहिए . तो दोस्तों बतादू की अमावसया के दिन हमें यात्रा नहीं करनी चाहिए .क्योकि बहुत सारी साधनाएं ऐसी होती है जो अमास्या के दिन की जाती है . आप अमास्या के दिन को छोड़कर किसी दिन या तरात को यात्रा कर सकते है. ये आपके और आपके परिवार दोनों के लिए उचित्त होगा.
नंबर एक अमास्या के दिन नकारात्मक शक्तियां अधिक प्रबल होती है.
दोस्तों अगर आप अमास्या के दिन या अमावस्या की रात को यात्रा करने जा रहे है तो सावधान हो जाइए. क्योकि अमावसया के रात आपके लिए सुरक्षित नहीं है . क्योकि बहुत सी ऐसी नकारात्मक शक्तियां होती है जो रात के समय विचरण करती है. अमास्या के दिन सकारात्मक शक्तियां कमजोर पड़ जाती है . जबकि नकारात्मक शक्तियों अधिक प्रभावी होती है . इसके अलावा बहुत सी ऐसी भूत प्रेत वाली साधनाए होटी है जो रात के समय की जाती है . अगर आप उन साधनों के बीच बिघन का कारण बनते है . तो वो शक्ति आपको परेशान कर सकती है . यानी रात समय आपका एक्सीडेंट हो सकता है . इसलिए आपको अमावस्या के दिन यात्रा करने से बचना चाहिए .
नंबर दो , अमास्या की रात या अमावस्या के दिन पित्र्दोश का ख़तरा बना रहता है .

दोस्तों अगर आप किसी यात्रा पर जाने की प्लानिंग कर रहे है तो आपको अमावस्या के दिन घर से नहीं निकलना चाहिए . क्योकि अमावस्या का दिन पित्राओं का दिन होता है. इस दिन हमारे पितृ जो की भूत योनी में होते है . वो अपनी वासनाओं की पूर्ति के लिए धरती पर आते है . अगर आप उनके बीच आ जाते है तो आपको नुक्सान हो सकता है . आप जब भी किसी यात्रा पर जाएँ . तो अपने पित्र गणों का समरण करें . अमास्य्या के दिन अपने घर की छत पर वो सामग्री रखें जो पित्र गणों को पसंद थी . ऐसा करने से पितृ गन आप पर मेहरबान हो जायेंगे . और आपको आशीर्वाद देकर जायेंगे . इसलिए आप अमावस्या के दिन यात्रा पर न जाएँ .
नंबर तीन, अमावस्याया के के दिन यात्रा करने से यात्रा में बाधा आ सकती है .
एक महीने की रात में , अमास्या की रात सबसे काली रात होती है. इस दिन चाँद तारे कुछ भी नजर नहीं आते है. सबकुछ अंधकारमय नजर आता है . एसी स्थिति में आपको संभलकर यात्रा करनी चाहिए. अगर यात्रा ज्यादा आवश्यक नहीं है तो आपको यात्रा टाल देनी चाहिए. इस रात को हादसा होने की संभावना बहुत ज्यादा होती है .
नंबर चार, बौध और जैन धर्म के अनुसार ये दिन ध्यान व उपवास का दिन होता है.
इस दिन बोध धर्म को मानने वाले लोग आध्यात्म के लिए सबसे अच्छा दिन मानते है . इस दिन उसे डिस्टर्ब करने वाला कोई नहीं होता है. ध्यान मुद्रा में वो पूर्ण रूप से बैठा जा सकता है . इस दिन अगर आपको यात्रा करनी होती है तो इस दिन आपको अपने इस्ट देव को याद करना चाहिये .
नंबर पांच , पशचिम सभ्यता में इसे न्यू मून कहा जाता है.
पश्चिम सभ्यता वाले लोगों का मानना है की ये अंधेरी रात न्यू मून की तयारी है . ये नए प्रयाशों के लिए अच्छा माना जाता है . इस दिन यात्रा का दिन अनिश्चित होता है. इस दिन यता करने से आप उचित मंजिल पर पहुँच जायेंगे.क्या अमावस्या के दिन यात्रा करनी चाहिए
नंबर छः चेनी या जापानी मान्यताओं में इसे सूजी खा जाता है .
चीनी सभ्यता के अनुसार इसे अशुभ माना जाता है. अगर आप लम्बी यात्रा करना चाहते है तो य आपके लिए बहुत ही बुरा होता है. इस दन भूलकर भी अप किसी यात्रा पर ना जाए . आपको अमास्या के दिन यात्रा टाल देनी चाहिए .
नंबर सात,अफ़्रीकी और लेतीं सभ्यता के अनुसार अमावश्या आत्माओं का समय है.
अमेरिका के लोगों के अनुसार अमावस्याएक आत्माओं का समय माना जाता है. इस समय सकारात्मक और नकारात्मक दोनों विचरण करती है . अगर रात के समय आप यात्रा करना चाहते है तो अआप सतर्क हो जाइए. जबकि अमरीका की धार्मिक किताब मेक्सिको डे ऑफ द डे के अनुसार इन दिनों में पवित्र आत्माएं भटकती है .
अगर यात्रा करना बात जरूरी है तो क्या करें .
इस दिन इतना बड़ा काम हो की आपको इस दिन यात्रा करनी ही होगी. तो आपको किसी यात्रा को प्रारंभ करने से पहले अपने इष्ट देवताओं को याद करें. इसके साथ ही अपने पितृ जनों को याद करें , ताकी आपके उप आने वाले संकट कम हो जाए . या उन की मेहरबानी से आपके संकट टल जायेंगे ..
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