namak haram par shayari नमक हरामी लोगो पर शायरी, दोस्तों कई बार ऐसा होता है की हम अपने दिल की बाद अपने दिल में दबकर बैठ जाते है. हम अपने दोस्तों को कडवे शब्द तो बोलना चाहते है लेकिन इस डर से वोस शब्द नहीं बोल पाते है . की वो नाराज न हो जाए. इससे बचने का सबसे अच्छा उपाय ये है . की आप ये बाद शायरी के रूप में अपने वाट्स app के स्टेटस पर लगा सकते है. जिस जो दोस्त नमक हराम होगा. उसके दिल पर ये शायरी अपने आप लग जायेगी. उसके लिए ये शायरी एक तीर की तरह काम करेगी . वो अन्दर ही अन्दर तिलमिलाउठेगा. तो दोस्तों हम आपके लिए कई प्रकार की शायरी लेकर आये है. उम्मीद है की आपको ये shayari बहुत अच्छी लगेगी. आप हमारी पोस्ट से कोई भी shayari उठाकर अपने उन दोस्तों को टैग कर सकते है . जो आपके साथ धोका करता है. या जो लोग नमक हराम है. उनको ये shayari किसी ना किसी बहानेभेज दो. ताकी वो पढ़ सके . अगर हमारे द्वारा लिखी गई shayari से एक भी व्यक्ति में बदलाव आता है , तो हम अपने आपको खुश नसीब समझेंगे .
दिल ना लगाना कभी नमक हारामी से
वो खुश होते है आपकी हर नाकामी से ॥
………………………………………………………………….
नमक हरामी लोग बहुत मतलबी होते है
वो आपके हर अहसान का बदला गद्दारी से देते है ॥

………………………………………………………….
कई लोग बड़े हाराम होते है
फ्री के चक्कर में वो बदनाम होते है
अछे लोग रोड पर नहीं मिलते
अक्सर ऊँघे बहुत काम होते है ॥
…………………………………………………………
जो नमकका कर्च चूकते है वो वफादार कहलाते है
और जो जिसकी थाली में खाकर उसी में छेड़ करते वो गद्दार कहलाते है ॥
……………………………………………………………………………………….
कुछ लोगो के तो खून में ही हरामीपना होता है ,
दिखावे के लिए वो बार बार अपने पाप धोता है ॥
………………………………………………………………………………….
कुछ लोगो के तो खून में ही हरामीपना होता है ,
दिखावे के लिए वो बार बार अपने पाप धोता है ॥
कई लोगो के खून में नमक हरामी होती है
जबकि कई लोगो की तो फितरत भी शैतानी होती है ॥
……………………………………………………………….
जिस थाली में खाते है उसमे छेड़ नहीं किया करते
हम सभी को अपना मानते है दोस्त, दोस्त में भेद नहीं किया करते ॥
…………………………………………………………………
अक्सर नमक हराम दोस्त गद्दार होते है
जबकि ईमानदार आदमी खुद्दार होते है ॥
…………………………………………………………..
नमक हरमी लोग अक्सर दगा देते है
करके लाखों सितम आप पर
वो आपको ईमानदारी की सजा देते है ॥
………………………………………………………………………..
हमने जिस को खून से सींचा और पैसा लगाया था
आज सफल होने पर वो हमे मारने को आया था ॥
…………………………………………………………………….
जिस नमक हरामी को हमने दिल से प्यार किया
आज भरी सभा में उसने चंद पैसो के लिए इंकार किया ॥
……………………………………………………………………………………
ऊपर वाले नजर रखना इस जहां पर
नमक हरामी बहुत बैठे है यहाँ पर ॥
……………………………………………………………………
नमक हारामी वो होते है तो आपको सामने से प्यार दिखाते है
मौका पाते ही वो अपना रंग दिखाते है ॥
…………………………………………………………….
हमे कई नमक हराम मिले थे सफर में
सभी ने अकेले मरने को छोड़ दिया था डगर में ॥
……………………………………………………………………………….
वो नमक हमारी मेरे कामयाबी से जलता है
वो बाद बात पर बदलता है ॥
…………………………………………………………..
वो कमबख्त मेरी कामयाबी को पचा नहीं पाये
हम उनके वादे से कफ़ा थे
उसने कई कौशिश की गिरने की
पर कौशिश के बावजूद भी वो हमे हिला नहीं पाये ॥
……………………………………………………………………………..
वो नमक हरमी सामने से प्यार और पीछे से वार करते है
जब भी कहों साथ चलने को हर बार वो इंकार करते है ॥
………………………………………………………………..
नमक हरमी लोग बात बात पर झूठी सोगन्ध खाते है
जब चले जाते है वहाँ से तो पीठ पीछे गली सुनाते है ॥
…………………………………………………………………..
जिसने जीवन में चख लिया नमक का स्वाद
वो जीवन में कभी नहीं होगा फिर से बर्बाद ॥
जिसने जीवन में चख लिया नमक का स्वाद
वो जीवन में कभी नहीं होगा फिर से बर्बाद ॥
……………………………………………………………………
हरामी के साथ सच्चा नहीं रह सकता
हारामी लोग कितना साथ देंगे ये कुछ कह नहीं सकता ॥
…………………………………………………………………………………
उसने खून कर दिया मेरे वफादारी का
नमक खाकर हमारा
करके गंदा काम नाम कलंक कर दिया बीरदारी का ॥
……………………………………………………………………………………….
वो हमे जहर देकर गए ,हम उसे रोटी कहते है
नमक हरामी की भी इंतहा हो गई देखो
वही आज हमे मारने चली
जिसे हम अपनी चोटी कहते थे ॥
……………………………………………………………………
हमने देखा की कोई नमक हलाल है
जो इतने दुखों पर भी डटा हुआ है
करके लोगो की भलाई आज
भी वो सत्य के रास्ते पर रुका हुआ है॥
……………………………………………………………….
कामचोर के चक्कर में हो गए हम कंगाल
तू लोगो की गिरेबान क्या देखता है पहले अपनी संभाल ॥
…………………………………………………………………………………………….
हमने उनके वादे पर भरोषा किया ,ये हमारी गलत फहमी थी
जिसे हमने दिल से अपना माना , वही नमक हराम निकले
दुख तो जब होता है जिसे अपना समझे वही बेईमान निकले ॥
…………………………………………………………………………………..
जब मैंने सब तरफ देखा तो नमक हरामों की फोज खड़ी थी ,
करके बेईमानी फिर से वो अपने घर में रोज खड़ी थी॥
…………………………………………………………………………………………
मरते दम तक तेरी नमक हारामी भूलेंगे नहीं
तू भले कितना भी माना ले तेरे लिए मुंह भी न खोलेंगे हम ॥
………………………………………………………
हमने खाया था नमक एक थाली से
इसलिए सारे पंछी उड़ा दिये उस डाली से ॥
ए हरमी तू सितम पे सितम किए जा
मरने दे लाचारों को
पर तू मौज पे मौज किए जा ॥
…………………………………………………………………..
हमने खाया था नमक एक थाली से
इसलिए सारे पंछी उड़ा दिये उस डाली से ॥
………………………………………………………………………………..
वो हमारे दिल में रहते थे धड़कन बनकर
पर वो आज दिल को दर्द देते है हरामि बनकर ॥
……………………………………………………………..
हमे पता नहीं था की वो इतना बड़ा नमक हराम निकलेगा
यकीन नहीं आज भी मुझे की वो इतना बड़ा कमीना निकलेगा ॥
………………………………………………………………..
सुन बे नमक हारामी
ऐसे ना कर मेरे प्यार की बदनामी ॥
………………………………………………………………
मेरे मरने पर भी छूपकर जसन मानते है
वो इतने मक्कार है फिर भी मुझे सच्चाई का पाठ पढ़ते है ॥
……………………………………………………………………………………
वो नमक हमारी झूठा ,रोकर मुझे दिखलाएंगे
जाने के बाद वो खूब जशन मनाएंगे ॥
वो नमक हरामी झूठा, रोकर मुझे दिखलाएंगे
जाने के बाद वो खूब जश्न मनाएंगे ॥
………………………………………………………………………………………..
दोस्ती का दावा करते थे, मगर वक्त आया तो साथ छोड़ गए,
यह नमक हरामों ने दिल के रिश्ते सारे तोड़ गए..
……………………………………………………………………………….
कुछ घाव लाइलाज होते है
जबकि कई दोस्त दगाबाज होते है,
वैसे देखें तो इनका भी कोई दोस नहीं होता
ऐसा तब होता है जब तकदीर ख़राब होता है..
…………………………………………………
वैसे तो हर घर में एक नमक हराम होता है
उसे दोष देने से क्या फायदा उसका तो यही काम होता है..
……………………………………………………………………………..
कभी दिल ना लगाना हरामी लोगों से
प्यार की उम्मीद ना रखना बुद्धिमान लोगों से ..
……………………………………………………
बिना किसी कारण तूने मेरा दिल तोड़ दिया
दिखाकर अपनी नमक हरामी नियत मुझे अकेला छोड़ दिया ..
बिना किसी कारण तूने मेरा दिल तोड़ दिया
दिखाकर अपनी नमक हरामी नियत
मुझे अकेला छोड़ दिया।
………………………………………………….
नमक हरामी की हद देखो
गद्दारी और मक्कारी कि हद देखो
बहुत ओछे होते है ये लोग
फिर भी इनका बेईमानी में कद देखो ..
……………………………………………………….
सुना की दूध का जला छाछ को भी फूंक फूंक कर पीता है
एक बार प्यार में धोका मिलने के बाद वो सर उठाकर जीता है ..
………………………………………………..
नमक हराम हमेशा धोका देते है
मुख से कुछ नहीं बोलते फिर भी नजरो से बहुत कुछ कहते है ..
नमक हरामी उसके खून में थी
हम उसे अपना समझ बैठे
वो कैसे अपना हो सकता है
बेईमानी तो उसके जूनून में थी।
………………………………………………………………….
नमक हरामी उसके खून में थी
हम उसे अपना समझ बैठे
वो कैसे अपना हो सकता है
बेईमानी तो उसके जूनून में थी ..
…………………………………………………………….
नमक हरामी हमेशा खून में होती है
बस एक बार उसे मौक़ा देकर तो देखो ..
…………………………………………….
हम किसी के बाप से डरते है
हम तो खुलकर वार करते है
देकर धोकर किसी को
नमक हरामी करते नहीं..
………………………………………………….
उस नमक हराम ने मेरा घर जला डाला
करके झूठा प्यार का वादा अपना बना डाला
जब किया मैंने उपयार का इकरार
तो साली ने साफ़ मुंह से मना कर डाला..
…………………………………………………….
नमक हरामी लोग सामने से वार नहीं करते
वो करते है झूठे प्यार का नाटक
पर दिल से किसी को प्यार नहीं करते।
उस कमबख्त ने सारा शहर जला डाला
लेकिन खुद ही बच पाई इस आग से
खुद तो गई मगर मेरे पुरे घर को शमशान बना डाला ..
……………………………………………………………………
उसकी मक्कारी ने मुझे तोड़ दिया
करके प्यार का झूठा नाटक बीच सफ़र में छोड़ दिया
हम उसकी याद में उम्मीदों का घर बनाते रह
मगर किसी और के साथ घर बसाकर उसने मेरा घर तोड़ दिया..
………………………………………………………..
नमक हरामी लोग सामने से वार नहीं करते
वो करते है झूठे प्यार का नाटक
पर दिल से किसी को प्यार नहीं करते ..
हमारे चारों तरफ नमक हरामी लोगो का सैलाब है
तुम किस किस को पढ़ोगे,
यहाँ पर तो हरामी लोगो की किताब है।
……………………………………………………………..
हमारे चरों तरफ नमक हरामी लोगो का सैलाब है
तुम किस किस को पढोगे, यहाँ पर तो हरामी लोगो की किताब है..
………………………………………………………………………
हमें पता नहीं की वो प्यार में मुझे इस तरह दगा देगा
करके प्यार में धोका मुहोबत का ये सिला देगा ..
………………………………………………………….
संभलकर रहना हराम के पिल्लों से
बचकर रहना इन नाग जहरीलों से ..
…………………………………………………………………
नमक हरामी दोस्त रखने से अच्छा है की एक कुता पाल लो
देखकर दोस्तों की हरामियत अपनी आँखों पर पटा डाल लो ..
…………………………………………………………………..
दोस्त एक बच्चे जैसा पालों
दोस्ती के लिए उसे सब कुछ दे डालो ..
……………………………………………………………………..
तो दिखने में थोड़ी हसीन थी
जब बात की उससे तो पता चला की वो तो नमकीन थी ,
जब गुजारे मैंने उसके साथ कई दिन तो पता चला
की वो लड़की नहीं एक नागीन कमसीन थी..
हरामी लोग पीठ पीछे वार करेंगे
वो पीछे से वार और सामने से प्यार करेंगे ,
दोस्तों को देकर लम्बी उम्र की दुआ ,
पीछे से मौत का सामान तैयार करेंगे।
……………………………………………………….
हरामी लोग पीठ पीछे वार करेंगे
वो पीछे वे वार और सामने से प्यारे करेंगे ,
दोस्तों को देकर लम्बी उम्र की उड़ा ,
पिच्चे से मौत का सामान तैयार करेंगे..
…………………………………………………………….
तेरे प्यार की दुनिया उसने बर्बाद कर डाली
करके नमक हरामी उस बैरन ने दुश्मन की भी
जिन्दगी आबाद कर डाली ..
………………………………………………….
नमक हरामों ने पूरा शहर जला डाला
खुद ही नहीं बच पाये इनकी लपटों से
जलने के साथ मुझे अपना घर जला डाला ..
………………………………………………………
मत करना हरामी लोगों से ये दोस्ती के नाम पर दगा दे जायेंगे
करके तुम्हारे साथ धोका तुम्हे दगा दे जायेंगे ..
………………………………………………………….
नमक हराम दोस्तों रखने से अछा है की
आप एक कुत्ता पाल लो ..
……………………………………………………….
वो नमक हरामी दोस्त दिल्लगी की शोकीन थी
दिल उसी ने तोड़ा ,जिस पर मुझे हद से ज्यादा यकीन थी ..
वो नमक हराम दोस्त दिल्लगी की शोकीन थी
दिल उसी ने तोड़ा,
जिस पर मुझे हद से ज्यादा यकीन थी।
………………………………………………………………
नमक हरामी दोस्तों दोस्तों झूठा प्यार करेंगे
मिलते ही मौक़ा वो पीछे से वार करेंगे..
……………………………………………………………….
उसके लिए मैंने अपनी ख़ुशी वाली दुनिया जला डाली
में खुश्हाल इन्शान था , उसने मुझे में प्यार की जोत जला डाली ..
………………………………………………………………….
बचकर रहना आसमा से कभी भी बादल फट जाते है
ध्यान रखना इन हरामी दोस्तों से समय आने पर वो खड़े खड़े नट जाते है ..
बचकर रहना आसमा से कभी भी बादल फट जाते है
ध्यान रखना इन हरामी दोस्तों से
समय आने पर वो खड़े खड़े नट जाते है।
…………………………………………………………………………
दुनिया वाले तुम्हारा तमाशा देखते रह जायेंगे ,
तुम सोचते रह जाओगे ,और वो तुम्हारे बारे में क्या कुछ कह जायेंगे ..
…………………………………………………………………..
दुश्मनी तेरे भाई से कोई कर नहीं सकता
तेरा भाई बड़ा हरामी है , इससे कोई लड़ नहीं सकता ..
…………………………………………………………………………………
हमें डर लगता है झूठी बदनामी से
भगवान बचाए ऐसे हरामी से ..
……………………………………………………
मेरा दिल जला डाला उसने मेरे साथ हरामी करके
में उसके लिए कई बार जीया हूँ मर मरके..
वो दुश्मन के साथ बैठकर शराब पीते है
पता नहीं वो इस हरामीपने के साथ कैसे जीते है।
…………………………………………………………….
वो दुश्मन के साथ बैठकर शराब पीते है
पता नहीं वो इस हरामीपने के साथ कैसे जीते है ..
………………………………………………………………………
जंगल में शेर को किसी की जरुरत नहीं
हरामियों के मक्कारी दिखाने का कोई मुहरत नहीं ..
……………………………………………………………………
वो बोलती कुछ नहीं लबो से
केवल आंख से इशारे करती है ,
करके तीखी नजरों से वार वो
कईयों को किनारे करती है।
वो बोलती कुछ नहीं लबो से
केवल आंख से इशारे करती है ,
करके तीखी नजरों से वार वो
कईयों को किनारे करती है ..
………………………………………………….
देकर मीठा जहर वो दिल को तडफाती थी
करके झूठे प्यार के वादे वो झूठी उम्मीद जगाती थी..
देकर मीठा जहर वो दिल को तडफाती थी
करके झूठे प्यार के वादे वो झूठी उम्मीद जगाती थी
………………………………………………………………………………….
जिस दिन तूफान आएगा
अपने साथ सबको बहाकर ले जाएगा
फिर क्या करोगे अपनी हरामियत का
ना तुझे कोई पूछेगा ना अपना बनाएगा ..
………………………………………………………………..
इग्नोर करों नमक हरामियों को
इनको तो जवाब वक्त देगा
जब आयेगा इनका बुरा दिन, तो पसीना नहीं खून बहेगा ..
इग्नोर करों नमक हरामियों को
इनको तो जवाब वक्त देगा
जब आयेगा इनका बुरा दिन,
तो पसीना नहीं खून बहेगा।
………………………………………………………………………….
वो मेरी चिता को जलाकर हस रहे थे
बाहर से दुखी थे मगर मन ही मन पता नहीं क्या कह रहे थे ..
……………………………………………………………………………….
वो मेरी हालत पर लगातार जस रहे थे
लेकिन उन्हें क्या पता
की वो नमक हरम खुद की चल में फास रहे थे ..
………………………………………………………………………..
हमने एक बेवफा का नमक खाया
न चाहते हुए भी उसे गले से लगाया
जीतकर विस्वास मेरा उसने मुझे जहर पिलाया था ,
में जिसे प्यार समझता था, पर उसने मुझे प्यार के जाल में फसाया ..
………………………………………………
नमक हराम है ये दुनिया सारी
मुस्कुराते हुए लगती है प्यारी॥
नमक हराम है ये दुनिया शारी
मुस्कुराते हुए लगती है प्यारी
………………………………………………………………
समय के साथ दोस्त भी बादल जाते है
तुम कहीं भी चले जाओ ये तुम्हें हर जगह मिल जाते है ,
चलकर ये अपने गलत पेंतरे , लोगों को सताते है॥
…………………………………………………………………
मेरी वफ़ाए तुझे याद आएगी
मेरी सदाएं तुम्हें याद आएगी
क्यों लड़ते हो दौलत के लिए
क्या ये मरने के साथ जाएगी ॥
मेरी वफ़ाए तुझे याद आएगी
मेरी सदाएं तुम्हें याद आएगी
क्यों लड़ते हो दौलत के लिए
क्या ये मरने के साथ जाएगी।
………………………………………………………
ये नमक हराम लोग है इन्हे तुम नहीं समझ पाओगे
तुम जहां भी जाओगे इनही को पाओगे ॥
……………………………………………………………………….
नमक हराम दोस्तों का एक ही पहचान होता है ,
ये तुम्हारे लिए करता कुछ नहीं है लेकिन दिखावटी खूब रोता है॥
नमक हराम दोस्तों का एक ही पहचान होता है,
ये तुम्हारे लिए करता कुछ नहीं है
लेकिन दिखावटी खूब रोता है।
…………………………………………………………………………………………..
दोस्ती की नींव का रखा था तुमने पत्थर
दिखा दी नमक हरामी वाली अदा, तोड़े दिल के सारे छत्र ॥
………………………………………………………………………………………….
“Top 250+ Best Shamshan Shayari in Hindi
अंधभक्त के लिए फनी 150 मस्त शायरी
Green suit shayari ग्रीन शूट पर शायरी (
kali sadi par shayari काली साड़ी पर 150 शायरी
चुगली करने वालों पर कुछ मजेदार शायरी chugli shayari in hindi
चुगली करने वालों पर कुछ मजेदार शायरी
अगर मेरी जिदंगी में नमक हरामी दोस्तों ना होता
तो में जीवन में कभी भी झूठा ना सोता ..
…………………………………………………………………………………
जिस दिन तेरे दिल पर चोट लगेगी
उस दिन समझ जाएगा दोस्त का धोका
उसने प्यार नही किया था , दिया था तुझे बड़ा धोका ..
………………………………………………………………
जिस दिन उसको दिल पर चोट लगेगी
उस दिन उस नमक हरामी को सजा मिलेगी..
…………………………………………….
नमक हमारी दस्तों की कोई कीमत नहीं होती
चाहे वो अपनेपन का अहसास कराये
पर ये उसकी वास्तविक फितरत नहीं होती ..
…………………………………………………………….
मुझे याद है वादे तेरी दोस्ती के
उस समय हम दीवाने थे तेरी बक छोडी के ..
…………………………………………………………….
एक समय अपना ही घर था
आज बेघर हो गए
हम हुए दुनिया से जुदा पर
पर कसम से हम तेरे हो गए ..
………………………………………………
दोस्त बनकर तूने जो जख्म दिल पर दिया है
उसे हम कभी भूलेंगे
तेरी हर बेवफाई की रस्सी पर हम प्यार से झूलेंगे ..
………………………………………………………..
आज से ना दोस्तों से गिला करेंगे
ना तेरे दुश्मनों से मिला करेंगे
ये सच्ची दोस्ती के फूल है
जो समय पर खिला करेंगे ..
ना तेरे दुश्मनों से मिला करेंगे
ये सच्ची दोस्ती के फूल है
जो समय पर खिला करेंगे
…………………………………………………….
काले नमक का स्वाद कड़वा होता है
जो दोस्त नमक हरामी हो वो दोस्त भडवा होता है ..
…………………………………………………………………………
एक दिन डूब जाएगा तेरा अभिमान
नमक हरमों को जल्द ही बंद हो जाती है दूकान ..
एक दिन डूब जाएगा तेरा अभिमान
नमक हरमों की जल्द ही बंद हो जाती है दूकान
…………………………………………………………………………………..
दोस्ती का वादा किया था पर आज क्यों मुकर गया
आज उसकी सारी यादों को जलाकर घर गया ..
………………………………………………………….
उन कमीनों ने मेरी दोस्ती का बेड़ा गरक किया
घोलकर मेरी जिन्द्गीए में विश इसको नरक किया ..
…………………………………………………………………………………
नमक हरामी लोग है यहाँ बहुत सारे
इनमे दया क्यों ढूंढता है प्यारे ..
नमक हरामी लोग है यहाँ बहुत सारे
इनमे दया क्यों ढूंढता है प्यारे
……………………………………………………………..
यहाँ हर तरफ मिलेंगे तुझे प्यार के मारे
गोर से देखना इनके नजारे ,
अगर देखनी है इनकी रियल अदाएं
तोदेखो इनकी आँखों का इशारे ..
………………………………………………….
अमृत बोलकर जहर दे दिया
नमक हारामी ने मकसद पूरा किया ..
………………………………………….
मीठा पानी बोलकर खारा जहर देते है
नमक हरामी लोग अक्सर
मदद बोलकर कहर देते है ..
……………………………………………….
वो नमक हरामी लोग धीरे धीरे तेरे मन में जहर भर देंगे
करके प्यार का नाटक तो तुझे चुप कर देंगे
बैठकर तुम्हारे दुश्मन के पाँव वो
उनके कान भर देंगे ..
………………………………………………………………………
नमक हरामी लोग, सामने दुश्मनी नहीं करेगे
वार पीछे से करके, आपके जख्म भरने का नाटक करेंगे ..
नमक हरामी लोग, सामने दुश्मनी नहीं करेगे
वार पीछे से करके, आपके जख्म भरने का नाटक करेंगे
………………………………………………………..
नमक हरामी लोग से की उम्मीद मत रखना
रखना दोस्त चाहे कितने मगर गद्दार मत रखना
ईमानदारी का पैसा भले मिले कम
मगर बेईमानी का स्वाद भी मत चखना ..
………………………………………………………………………….
नमक हरामी करके क्या तुम इज्जत कमा पायेगा
जो तेरे पास है वो भी बचा नहीं पाओगे ..
नमक हरामी करके क्या तुम इज्जत कमा पायेगा
जो तेरे पास है वो भी बचा नहीं पाओगे
……………………………………………………………………
जब छोड़ा तूने वफ़ा का दामन
जिन्दगी मेरी मर सी गई
एक तेरी झलक पाने के लिए जिन्दगी तरसी गई ..
जब छोड़ा तूने वफ़ा का दामन
जिन्दगी मेरी मर सी गई
एक तेरी झलक पाने के लिए जिन्दगी तरसी गई
………………………………………………………………
समझा था मैंने तुझे सच्चा यार
तू तो निकला प्यार प्यार का गद्दार
किया था मैंने हद से ज्यादा तुझ पर ऐतबार
तू लिए बैठा है हाथ में तलवार
मैंने सोचा नहीं था तू निकलेगा इतना मक्कार ..
………………………………………………………………………
चील की सी निगाहें है इनके इनसे तुम बच नही पाओगे
नमक हरमी तो अवल है, अपने कामों में
तुम इनके सामने टिक नहीं पाओगे ..
चील की सी निगाहें है इनके इनसे तुम बच नही पाओगे
नमक हरमी तो अवल है, अपने कामों में
तुम इनके सामने टिक नहीं पाओगे
………………………………………………………………………….
नमक हराम एक गाली है
जो किसी को पसंद नहीं
लेकिन करते सभी है ..
……………………………………………………………
लोग नमक हरामी करके कैसे नजर मिला लेते है
अपनों का चिराग बुझाकर खुद का दिया कैसे जला लेते है ,,
लोग नमक हरामी करके कैसे नजर मिला लेते है…
अपनों का चिराग बुझाकर खुद का दिया कैसे जला लेते है।
………………………………………………………………………………
नमक हरामी लोग कभी शांत नहीं हो सकते
करते है वो स्वार्थ की खातीर प्यार
मगर प्यार में खो नहीं सकते ..
………………………………………………………………..
वो नमक हराम फोन करके दिल का हाल पूछते है

