shamshan par shayari, शमशान पर शायरी, दोस्तों मौत एक सच्चाई है , आज तक इससे कोई नहीं बच पाया है। इनशान अपने लिए दुनिया में खुशी ढूँढता है, लेकिन उसे पता ही नहीं की हमारी वास्तविक खुशी कहाँ पर है। दुनियाँ में आप कहीं पर भी घूम लो , अंत में आपको शमशान घाट ही आना पड़ेगा, आपकी यात्रा शमशान में आकार खतम हो जाती है। शमशान घाट एक ऐसी जगह , जिस जगह पर आपको छोटे से लेकर महान हस्तियाँ, ज्ञानी और महाज्ञानी पुरुष मिल जाएँगे, हम कल्पना कर रहे थे, की ये इनशान इस दुनिया से चला जाएगा तो क्या होगा। लेकिन वास्तविक्कता ये है की ये दुनिया किसी के कारण नहीं रुकी है । इस संसार में नए लोग आते रहेंगे पुराने लोग जाते रहेंगे। आज हम आपके लिए शमशान पर शायरी लेकर आयें। आप इन शयरियों में अछी शायरी उन लोगो को भेजना, जो लोग लोगो का शोषण करते है। या शमशान से डरते है, जबकी कर्म उनके शमशान जाने जैसे है। अगर इन शायरी से एक भी व्यक्ति का हदय परिवर्तन हो गया तो , हमारी लिखी हुई सफल समझूँगा । तो चलिये दोस्तों शमशान से संबन्धित सभी शयरियों को तब पढ़ना जब आप अकेले हो । आप कोई किसी को कहने की जरूरत नहीं , आप अपने मोबाइल के स्टेटस में शायरी लगा सकते है । shamshan par shayari, शमशान पर शायरी का भंडार हमार पास है । आप इनमे से अच्छी अच्छी शायरी चुन सकते है ।
Shamshan par dard bhari shayari image
वो आग लगा रही थी मेरे अरमान में
उसे क्या पता , हम तो खुद बर्बाद होने के लिए
लेते हुए थे समसान में ॥
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मुझे शमशान का सन्नाटा पसंद है
इसमे कोई रोकता नहीं
मेरे मरने पर भी मुझे कोई टोकता नहीं ॥
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ये दुनिया तो केवल दरवाजा और दुकान है
ये हमारा असली घर नहीं है माधव
हमारा असली घर तो शमशान है
ये तेरी यही मेरे पहचान है ॥

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वैसे तो मुरदों का घर है शमशान
बड़े कठीण है दुनिया के रास्ते
यही सफर है सबसे आसान॥
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ज़िंदगी का असली सफर शमशान है
यही इनशान की पहचान है॥
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जल जाता है शरीर और बस यादें रह जाती है
मिट जाती है सब हस्तियाँ बस मुलाकातें रह जाती है॥
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अगर में तुम्हें ना मिलूँ तो शमशान में आ जाना,
ना मिले मेरे कब्र तो शमशान के मुर्दे को मेरा नाम बता देना॥

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क्यों किसी ज़िंदे को सतना है
आखिर सब को लोटकर तो यही आना है ॥
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शमशान एक जीवन की सच्चाई है
बहुत ही कम लोग है जिसने ये बात पचाई है
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कौन कहता है की मुर्दे बोलते नहीं
एक बार आवाज लगाकर तो देखों
ये मुर्दे भी जाग जाएँगे
सच्चे मन से जागाकर तोड़ देखो ॥
“शमशान एक जीवन की सच्चाई है
बहुत ही कम लोग है जिसने ये बात पचाई है”
यह पंक्तियाँ जीवन के गहरे सत्य को दर्शाती हैं।
जीवन के इस गहरे सत्य को दर्शाती एक छवि।
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शमशान की राख़ से पूछा मैंने
क्या तुम्हें किसी की याद नहीं आती
उसने मुस्कुराकर जवाब दिया
याद तो बहुत आती है मगर
अपनों का रवैया देखकर फिर चली जाती है ॥
शमशान की राख़ से पूछा मैंने,
क्या तुम्हें किसी की याद नहीं आती?
उसने मुस्कुराकर जवाब दिया,
याद तो बहुत आती है मगर…
अपनों का रवैया देखकर फिर चली जाती है।
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शमशान तक तो सब छोडने आए
पर मेरे दिल का हाल किसी ने नहीं पूछने आए
हम भी कितने नागवार थे , कई बार कौशिश की
बताने की , पर चाहकर भी बता ना पाये ॥
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मेरे गम को कोई पहचान नहीं पाया
मेरे दिल के अरमान को कोई जान नहीं पाया
पहले किया करते थे बड़े बड़े वादे मेरे लिए
मरेने के बाद वो शमशान तक नहीं आया ॥

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मुर्दे का कोई नाम नहीं होता
मरने के बाद उसे कैसे ही दुतकारो
वो बदनाम नहीं होता ॥
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उसके सामने से मेरे अर्थी चली गई वो पहचान नहीं पाया
पता नहीं क्या मिल गया उसे, उसके चक्कर मे वो मुझे जान नहीं पाया ॥
शमशान एक जीवन की सच्चाई है,
बहुत ही कम लोग हैं जिसने ये बात पचाई है।
— कड़वा सच
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उसने धोका देकर मारा था हमे
प्यार से बुलाकर मारा था हमे
दस लोगों के वस में नहीं आते थे हम
प्यार के जाल ने मारा हमे ॥
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दुनिया की सबसे शांत जगह शमशान है
इस शांती को जगह जगह तलासता पागल इनशान है ॥
“Top 50+ Best Shamshan Shayari in Hindi: जिंदगी की कड़वी सच्चाई”।
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दिल में शकुन और शांती मिले
हर किसी ये अरमान है ,
और कोई जगह नहीं है ऐसी
जैसा sirf शमशान है ॥

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क्या मरने के बाद मूहोबत खतम हो जाती है
अगर हो जाती है तो बार बार तेरी याद क्यों आती है॥
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मरने के बाद मेरे कब्र पर गुलाब लगा देना
अगर ना मिले दिल को तसली
तो मेरे कब्र पर बेवफा लिखवा देना ॥
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हमे भी शोक था तेरे प्यार में ढलने का
हम दिन रात जलते रहे तेरे प्यार में
हमे भी शोक नहीं था आग में जलने का ॥
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मरने के बाद लाश को जला दिया जाता है
कोई इंतजार नहीं करता साँझ के ढलने का
तुम सोचते हो में इतना दुखी क्यों था
किसी को शोक नहीं है गरम आग में जलने का ॥
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मेरा कत्ल करके हर रही थी
नागिन की तरह मेरे परिवार को डस रही थी ,
उसे क्या पता वो मेरे चकर में खुद ही jaal में फस रही थी॥
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दिल लगाना है तो शमशान से लगाओ
अगर पाना है ऊपर वाले को
तो समय से पहले जाग जाओ ॥

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वो इस प्रकार शमशान में आई
की जैसे अमर हो
सजा रही थी मेरे अर्थी को
जैसे उसका घर हो॥
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ना गरीब देखा है
ना अमीर देखता है
ये तो शमशान है शाहब
ये तो हरदम राख़ फेकता है ॥
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शमशान की ठंडी राख़ ने काइयों का जमीर जगाया है
यहीं पर आकार असली शांती मिली , इस दुनियाँ ने तो केवल भगाया है ॥
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मौत इंतजार नहीं करती साँझ ढलने का
बिलकुल भी मौका नही मिलता संभलने का ॥
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ऐसा कोई शमशान नहीं होता जिसमे राख़ ना हो
ऐसा हो ही सकता की हर मुर्दे में कोई बात ना हो ॥
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शमशान में जलने वाला हर मुर्दा खास था
जलने के बाद हर मुर्दा बस एक मूठी राख़ था ॥
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तू क्या घमंड करता है अपने आप पर
तेरे जैसे कितनों को ये रख कर चुका है
तू बस नाम का जिंदा है , आत्मा से कबका मर चुका है ॥
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अब तो घर जा जल गया शरीर
जल गई है सारी लकड़ी
लगा दूसरी जगह अपना मन
क्या देखती है खड़ी खड़ी ॥
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ना ये दुनिया किसी के मरने से रुकती है
ना ये दुनिया किसी के जीने से रुकती है
अंत में आकार सभी की यात्रा
शमशान में रुकती है ॥
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इस दुनिया में कोई अमर नहीं रहेगा
इस सत्ये को हर कोई कहेगा ॥
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क्या घमंड करते हो काया का दो पल में जला दिये जाओगे
क्या घमंड करते हो माया का पल में मिटा दिये जाओगे ॥
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शमशान में आते ही सब कुछ रुक जाता है
जो व्यक्ति किसी के सामने ना झुकता हो
वो शमशान दिखते ही झुक जाता है ॥
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दुनिया मेरी मौत का तमाशा देख रही है
चीता जलती देख शमशान में मेरे
वो खुशी से चहक रही है,
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मेरे चिता शमशान में जल रही है
में चला गया इस दुनिया से
पर तू आज भी मेरे टुकड़ों पर पल रही है ॥
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शमशान सभी को अपनी आगोस में ले लेता है
वो ना अमीर देखता है ना ही गरीब देखता है
सभी के लिए वो रख और आग फेकता है ॥
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कब्र जब अपनी शमशान में होगी
कुछ दिनों बाद मेरे परी
किसी और के साथ आसमान में होगी॥
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मेरे वाली को शमशान पसंद है
वो मौत से बिलकुल भीं नहीं डरती
जीती है मर्जी से, हर काम दिल से करती ॥
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वक्त किसी का गुलाम नहीं होता शहाब
तुम शरीर नहीं आत्मा हो
‘आत्मा का कोई नाम नहीं होता शहाब ॥
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दूर रहना मेरे जनाजे से
मुझे बेवफ़ाई की बू आती है
तेरे इरादे से ॥
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मरने के बाद भी इस दिल को सुकून नहीं है
उसने हमे अपने हाथों से मारा था
जज के सामने बोलती है ये सूसाईट है कोई खून नहीं है ॥
दूर रहना मेरे जनाजे से,
मुझे बेवफ़ाई की बू आती है
तेरे इरादे से।
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किसी के मरने पर भी आज तक ये दुनिया नहीं रुकी
ज़िंदगी में मिलती है बहुत खुशियाँ फिर भी इनशन दुखी ही दुखी ॥
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जो लोग शमशान जाकर भी नहीं समझते
उनको कोई नहीं सुधार सकता
उनकी नैया राम भरोशे है
उनको कोई तार नहीं सकता ॥
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जहां लोग जलाए जाते है उसे शमशान कहते है
जो मन को जलाकर बादल दे उसे भगवान कहते है
दुनियाँ में सबसे हरमी कोई है तो उसे इनशान क़हते है ॥
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हमारा असली घर तो शमशान ही था
इसे ढूंढते धुंढ्ते सारी ज़िंदगी गुजर गई,
उलझे रहे ज़िंदगी के जाल में
हमारा तो यही असली मुकाम था ॥
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मेरा असली घर तो शमशान था
इस सत्य से में आज तक अंजान था ॥
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अब मुझे शमशान भाने लगा है
डर लगता था पहले अब तो मजा आने लगा है ॥
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मेरी शमशान में चला जल रही थी
वो कमीनी अकड़कर चल रही थी ॥
मेरा असली घर तो शमशान था,
इस सत्य से में आज तक अंजान था।
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सुन लो मेरे मौत पर रोने वालों
झूठे आँसू और हमदर्दी हमे नहीं चाहिए ,
हमे तो अपना जिंदा शमशान पसंद है
तुम्हारा मुर्दा संसार नहीं चाहिए ॥
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शमशान तो मुरदो का महल है
यहाँ आँखों से कुछ दिखता नई
मरने के पाता पता चलेगा
की यहाँ कितनी चहल पहल है ॥
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सूरज तो हर रोज उगता है ,
मगर श्मशान मे वो जाता है ,
जिसका वक्त रूकता है।
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वो मन ही मन हर किसी को अपना मान लेती है
टूटते हुए तारे को देखकर विस मांग लेती है ,
उसे पता नहीं की जो चला गया वो कभी लौटकर आता है
वो हर पत्थर को भगवान मान लेती है ..
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असल में शमशान तो मुरदों का महल है
दुनिया से ज्यादा वहाँ चहल पहल है ॥
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शमशान गए हुए लोग कभी लौटकर आते नहीं
जिसे लौटकर आना था तो वो जिन्दगी से कभी जाता नहीं ..
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अनोखी है हर शमशान की कहानी
एक बार जो गया फिर लोटकर आता नहीं
वो भी बन जाता है तारों की एक कहानी ..
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जब शमसान में मेरी चिता जल रही थी
वो पगली फूलों पर चल रही थी ..
,में सोचता थी की मेरी जिदगी बदल रही है
उसे क्या पता उसकी उम्र ढल रही है ..
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जब आप शमसान में होते है
तो लोग हमारे लिए खूब रोते है
कुछ दिन बीत जाने के बाव वही लोग चेन से सोते है ..
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शमशान वही जाता है जिसका रब रूठता है
तुम चाहे कितना भी जीलों , जीने का मोह कभी नहीं छूटता है ॥
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कोई किसी के लिए नहीं रोता
हर कोइ अपने स्वार्थ और जरुरत के लिए रोता है
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शमशान में अच्छाई की बात होती है
शमशान में सचाई की बात होती है
जो लोग जिन्दगी गवा देते ही यूँ ही
मरने पर उनकी कहाँ बात होती है ..
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चिताओं की आग में जलकर भी बची है एक छोटी सी आस
भले तू हमें छोड़कर चली गई
पर आज भी तू है मेरे लये ख़ास ..
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पुरे शहर के शहर जल गए
जिसे बचाकर रखा तो वो भी चले गए ,
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जिनके के लिए तू रोती है ,वो कभी लौटकर नहीं आयेगे ,
चलना हि पडेगा इस मंजिल पर अकेले
जिस जगह तुम धुन्डेगी खुदा को
उस जगह हम खड़े पायेगे ..
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शमशान में गए हुए लोग कभी लौटकर नहीं आते ,
हो जाते है वो भगवान को प्यार फिर कीसी को नहीं सताते ॥
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जो चले गए वो इश्क नहीं किया करते .
जिन्हें मिली है खुदा की गोद
उनके लिए रो रो कर जीया नहीं करते ..
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सुन ए बन्दे जोर ना दिखा जवानी का
तेरा ही अंत शमशान घाट में होगा
तू तो केवल पात्र है जीवन की कहानी का ..
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शमसान तो यूँ ही बदनाम है
सारा दुःख तो जिन्दगी ही देती है ..
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मौत का अहसास बड़ा खूबसूरत होता है
जो जान लेता है इसे, वो इसे पाने के लिए रोता है..
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हर रोज जलती है किसी ना किसी की चिताएं
मिटटी में मिल जाता है कोई
फिर आसमान में चमकने लग जाता है तारा बनकर कोई ..
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मरने के बाद हर कोई आसमान में तारा बन जाता है
फिर लाख धूडो उसे धरती पे , वो कहाँ पाता है ..
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हमारी चीता को देखकर दुनिया खूब रोई थी
न जाने मेरे पास उंनकी कौनसी चीज खोई थी ॥
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कोई किसी के लिए नहीं रोता जनाव
कभी ना हो जीवन एं गम
हर किसी का यही है ख्वाब ..
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मेरी जब शमशान में चिता जल रही थी
वो पगली इतराकर मेरे आगे चल रही थी ..
हमारी चीता को देखकर दुनिया खूब रोई थी,
न जाने मेरे पास उंनकी कौनसी चीज खोई थी।
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हम तो शमशान में बैठक भूतों के साथ बीडी पियेंगे
यही है हमारे जीवन में रियल कहानी
हम तो इसी तरह से जियेंगे ..
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शमसान में हम भूतों से नहीं डरते
मन भर गया है ऐसे लोगों से
अब तो हम अपने मन की करते है ..
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ना कर एतबार किसी पर
ना कर एतराज किसी पर
सभी को एक दिन शमसान तो जाना है
ना कर बेगुनाहों पर वार ..
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शमशान में आपकी सारी चीजें जलायी जाती है
दौलत और सोने चाँदी को बचाई जाती है ॥
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सूरज का साथ बस शाम अक है
अपनी दोसती बस शमशान तक है
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जल गया शरीर शमशान में
अब कोई सामान ना रहा ईद दूकान में ..
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पीकर बेसुमार दारू हम तुझे याद करते है
बैठकर शमसान घाट पर हम तुझे प्यार करते है ,
करके खुद के साथ ज्यादती हम खुद को बर्बाद करते है..
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वादे सारे तूने पल भर में तोड़ दिए
जाकर शमशान में तूने सरे नाते तोड़ दिए ..
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चीता की आग में जलकर भी मैं जिंदा बच गया
मुझे मुर्दा समझकर न जाने मेरा आशिक किधर चला गया ॥
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शमशान की रात को कभी चखना मत
हर किसी से दुश्मनी रखना मत
एक दिन तो सभी को मरना है
इस जिन्दगी से दिल लगाकर रखना मत ..
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किसी के लिए दिल में आग ना रखना
हर किसी से वैराग ना रखना
मौत का स्वाद ऐसा ही है की फिर जिन्दगी अच्छी ना लगेगी
भूलकर भी मौत का स्वाद ना चखता ..
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चिता में तो बस शरीर जलता है
लेकिन जीते जी तो पूरा जीवन ही जलता है ..
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अपनी जवानी पर इतना क्यों इतराता है
करके सितम बेगुनाहों को क्यों सताता है
करके बेसुमार घमंड खुद को खुदा बताता है ॥
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जल गए शमशान में बड़े बड़े राजा महाराजा
अगर वास्तविक जीना है तो एक बार शमशान का चक्कर लगा जा ..
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अगर जीनी है अच्छी जिन्दगी तो शमशान का चक्कर लगा जा
वरना मौत को लगाकर गले मेरे साथ आजा ..
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असली घर तो हमारा शमशान ही था
इस बात से आज तक में अनजान था ..

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आज तक में इस बात से अनजान था
हम जिन्दगी भर तलासते रहे उस सत्य को
असली घर तो साला शमसान ही था ..
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मरके कोई खुद शमशान तक आ नहीं पाया
हर रोज डूबता है सूरज आज तक इसके कोई बचा नहीं पाया ॥
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बड़े से बड़े व्यक्ति का शमशान पर आकर किस्सा खतम हो जाता है
कोई कितने ही खुद को बलशाली क्यों ना समझे , सभी के साथ ऐसा हो ही जाता है ॥
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हम शमशान में बैठकर बीड़ी पी रहे थे
अपने दिल की बात भूतों से कह रहे हे ,
मर तो हम पहले ही गए थे
बस उसके सहारे जी रहे थे ॥
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हम तो शमशान में भी मस्ती से जी लेते है
इसलिए लोग हमे चांडाल कहते है ॥
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ना तो हमे कुछ पाने की आशा
ना कुछ चाहने की आशा
जहां भी जाता हूँ दुखी हो जाता हूँ
हर तरफ है निराशा ही निराशा ॥
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दिल भर गया है कुछ ना बचा दिल के अरमान में
दुनिया घूमने की जरूरत नहीं मुझे , सब कुछ मिल जाता है शमशान में ॥
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ना कोई दर्द था
ना हमारा हमदर्द था
हम जिस वक्त लोटे थे शमशान में
उस समय मौसम बड़ा शरद था ॥
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शमशान में जाते ही सारे वैर खतम हो जाते है
न जाने फिर लोग बेगुनाहों को क्यों सताते है ॥

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अगर शमशान बीच बाजार हो तो
सभी को याद आता रहेगा की हमारी
अंतिम यात्रा यहाँ पर खतम होगी
, इसलिए बाजार के लोग कम बेईमानी करेंगे ॥
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वक्त किसी का गुलाम नहीं होता
तुम शरीर नहीं आत्मा हो
इसलिए आत्मा का कोई नाम नहीं होता॥
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आत्मा अमर है फिर शमशान जाने में डर क्यों लगता है
ये बात सभी को पता है, फिर भी इनशान ,
इसे टालने के लिय न जाने क्या क्या करता है ।।
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आत्मा का कोई नाम नहीं होता
चले आओ शमशान में यहाँ कोई काम नहीं होता
करते रहना जीवन भर आइसो आराम
यहाँ कोई इनशान बोर नहीं होता ॥
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कोई किसी के लिए नहीं रोता
सब अपने स्वार्थ के लिए रोते है
पदोशी मरने पर आन्शू तक नहीं आए
क्या वो अपने नहीं होते है ॥
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घर वाले मुझे शमशान में जलता छोड़ आए
अब तो आवाज भी नहीं निकलती, दिल की बात किसे बताए ॥
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शमशान में भूतों से डरते है लोग
सभी को पता अंत में सभी का यही होना है
फिर भी भूतों वाले काम करते है लोग ॥
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जिसने मौत को करीब से देखा है
उसका जीना कुछ अलग होगा
होगा उसके जीवन में बदलाव
पर तो तेरे से अलग होगा ॥
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जो मौत को छूकर आया है
वो कभी शमशान नहीं जाएगा
अगर आई हो जीकसी मौत
तो लाख कौशिश के बाद भी बच नहीं पाएगा ॥
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किसी बात को दिल से लगाकर मत रखना
शमशान की राख़ को कभी जीभ से मत चखना
इस दुनिया में मौत ही सच है
किसी और से दिल लगाकर मत रखना ॥

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शमशान जाने में जो शांती मिलती है वो दुनिया के किसी कोने में नहीं मिलती
माँ के अंचल में जो छांव मिलती है वो किसी पेड़ के नीचे नहीं मिलती ॥
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जब हम सो रहे थे शमशान में
तो कोई तमन्ना नहीं थी हमरे अरमान में ॥
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जब हम शमशान में घूमने आए
तो हमारा मन बदल गया
करता था में भी बेईमानी ,
पर स्मय रहते संभल गया ॥
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दिल में अगर भगवान बसा हो तो
शमशान में भी मजा आता है
फिर तो क्या शमशान क्या स्वर्ग सब कुछ भा जाता है ॥
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मुझे स्वर्ग नहीं शमशान चाहिए ,
मुझे शोर नहीं अहसास चाहिए
जीवन में बहुत किया है प्यार
मुझे तो बस प्यार का अहसास चाहिए ॥
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असली मंजिल तो शमशान ही थी
बाकी दुनिया तो सौदे की दुकान थी ॥
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100 साल जीकर भी जीने की तमना नहीं मरती
एक बार मौत से मिलकर तो देखों, फिर कहना
मुझे मौत दे दे भगवान मेरी तमन्ना जीने को नहीं करती ॥
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वो शमशान में पीकर बैठे थे
हम शमशान में जीकर बैठे थे ॥
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कोई भरोषा नहीं इस जिदंगी का
पता नहीं कब खतम हो जाए
एक पल में सब बदल जाएगा
लोग राम नाम दोहराएगा ॥
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कोई भरोषा नहीं इस जिएंगी
खातमान नहीं होता शमशान जाकर भी
इनशान जैसी गंदगी का ॥
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जान से ज्यादा चाहने वाली ने जान ही मांग ली
हम तो उसके लिए ही जीएंगे , ये हमने ठान ली ॥
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जान से ज्यादा चाहने वाली ने भी हमारे दिल को हिला दिया
शराब पीकर लेते थे शमशान में
किसी ने मुर्दा समझकर जला दिया ॥
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मौत को आसानी से नियंत्रित किया जा सकता
ये मौत तो यूं ही बदनाम है
असल में ये ज़िंदगी ही नहीं संभलती
ये ससुरी बड़ी बेलगाम है॥
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वो नदी ही क्या जिसका किनारा ना हो
वो साथी ही क्या जिसका सहरा ना हो
वो शमशान ही क्या जिसमे मौत का नजारा ना हो ॥
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हर नदी का एक किनारा होता है
कई लोग कहते है कोई नहीं है मेरा इस दुनिया में
ध्यान से सून लो, कोई ना कोई जरूर हमारा होता है॥
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तुम क्या जानों आग का दर्द महलों में पलने वाले
हम तो ऐसी गर्मी रोज सहते है , हम है आग में जलने वाले॥
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मरने के दुछ दिनों बाद कोई नहीं रोता
जल गया शमशान में आकर जो व्यक्ति
अब उसकी खटिया पर कोई नहीं सोता
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शमशान में आकर में सारे दर्द भूल जाता हूँ
पता चलता जीवन का वास्तविक रूप जब
में गर्व से फूल जाता हूँ ॥
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दिल का दर्द छूपाया तुमने
जान से ज्यादा चाहा तुमने
हमे पता तक नहीं चला
की तुम मुझसे प्यार करती थी
आज तक नहीं बताया तुमने ॥
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शमशान में बैठकर हम तास पत्ते खेलते थे,
हमने बड़ो बड़ों को यूं जलते देखा था
इसलिए तास के पत्तों में राम का नाम झेलते थे ॥
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जिसका अंत आ गया उसे कोई बचा नहीं सकता
हो जिसके सर पर ऊपर वाले का हाथ उसे कोई सता नहीं सकता ॥
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मेरे झोली में एक कतरा भी नहीं बचा है खाने का
अब तो कोई रास्ता बता दे मुझे शमशान तक जाने का ॥

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पहले शमशान से डर लगता था
की मुझे मौत ना आ जाये ,
जब से मुरदो को देखा मौत से मिलने की इच्छा होने लगी ॥
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शमशान में जाकर राख़ हो जाती है हर ज़िंदगी
किसी के कोई काम नहीं आती ये बंदगी॥
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हम तेरे बिना जीकर भी क्या करेंगे
जब से शमशान का दौरा किया
सोचते है अब जीकर ही क्या करेंगे ॥
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मेरा कत्ल तो मेरे मूहोबत नही ही किया था
दुशरों को क्या दोष दूँ , उसके लिए तो मार्कर जिया था ॥
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हम तो शमशान में रहकर भी खुश है
घूमकर देखों दुनिया में चारों तरफ दुख ही दुख है ॥
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शमशान में आग लगाई उसमें
ज़िंदगी की सच्चाई बताई उसने
लोग तो बनावटी बाते करते है
मेरे मौत से मुलाक़ात कराई उसने ॥
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शारीर जल जाता है शमशान जान एके बाद
कुछ याद नई रहता महता मौत आने के बाद ॥
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आग की चपेट में पूरे शहर के शहर जल गए
सब कुछ ठीक हो गया
कुछ रातें गुजरी कुछ दिन ढल गए॥
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शमशान में शरीर जल जाता है पर यादें रह जाती है
जब देखता हूँ शमशान के दीवार तो वो बिन बोले ही बहुत कुछ कह जाती है ॥
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अनोखी है शमशान की कहानी
इसने कइयों की उम्मीद खतम कर दी
तो काइयों की ज़िंदगानी ॥
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आत्मा अमर है उसका कोई नाम नहीं होता
इनशान समझ ले बस अपनी रूह को
फिर वो जीवन भाई किसी का गुलाम नहीं होता ॥
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लोग शशान को तो यूं ही बदनाम करते है
असल में दुख तो ये ज़िंदगी देती है ॥
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चीता की आग में जल गया जिसम
खाख हो गई सारी हस्ती
पर ना जलेगा नाम उसका
जिसने समय पर छोड़ दी दुनिया की कसती ॥
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लोग जीते जी मौत को अनुभव बताते है
जबकि मौत का अनुभव ऐसा ही की लोग
इसके बताने जिंदा ही नहीं होना चाहते ॥
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मौत को समझना है तो
मरना पड़ेगा ,
यानी आपके पास मौत का
अनुभव जीरो है ॥
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जो पत्थर में भी भगवान सजा लेते है
जो पत्थर में भी रास्ता बना लते है
अगर मिले मुझे ऐसे लोग तो
हम झट से उन्हे अपना बना लेते है ॥

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जब जब तेरी याद आती है शमशान चला जाता हूँ
करके तुझे याद तेरी यादों में खो जाता हूँ
तेरी एक झलक पाने को खुदा से शिकायत लगता हूँ ॥
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राक्षस तो हर युग मे मिलेंगे ,
मगर असली फूल वो होंगे ,
जो कांटों के साथ खिलेंगे ।
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कोई ना पा सका इस जग की माया को
चीता की आग से कोई नहीं बचा पाया अपनी काया को
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जीवन की सच्चाई मौत है
फिर न जाने लोग मौत से इतना क्यों डरते है
उन्हे क्या पता शमशान आने को लोग मरते है ॥
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जब हमारी मौत हो
तब फूल बरसा देना
लेकर राम का नाम
हमारी चीता को आग लगा देना ॥
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इस बेरहम ज्ंद्गी से अछी तो मौत है
जो एक बार आती है और चेन की नींद सुला देती है॥
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हाम्रा मौत का तमाशा मत बनाना
अगर आना हो तो सीधे सीधे आना
वरना करके झूठा दुख का नाटक
लोगो के सामने आँसू मत बहाना ॥

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मौत के सामने सारी अकड़ धरी की धरी रह जाएगी
एक दिन ऐसी नींद आएगी की आँख भी न खुल पाएगी ॥
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ये दोगली दुनिया है शहब
यहाँ झूठा दिखावा करना पड़ता
होता नहीं दुख कीसी के मरने का
पर झूठा अंशु दिखने पड़ते है॥
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मिट जाएगा इतिहास तेरा
जला देगी शशान की आग
हर एहसास तेरा,
एक सांस भी नहीं ले पाएगा उसके बिना
क्या करता है मेरा मेरा ॥
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टूट जाती है शमशान में आते ही हर रिसते की डोर
हम तो चले अपने घर की और
बसा लेना अपना घर , साथी ढूंढ लेना कोई और ॥
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चीता में मिट जाता है हर शरीर
मरते ही टूट जाती है हर रिसते की जंजीर ॥

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अगर खुदा ने दुनिया बनाई तो
वो पका इस दुनिया का गुनहगार है
भरोषा करे तो किसका करें
हमारे तो यहाँ चोरों की सरकार है ॥
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ऊपर वाले ने जीवन के साथ मौत भी बनाई
एक तरफ पालना सजाया तो दूसरी तरफ अर्थी सजाई ॥
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अपने फायदे के लिए दूसरों
का गला काटने वाले ,
धर्म के लिए खुद को बांटने वाले ,
श्मशान की राख एक जैसी होती है ,
भले ही तू है रक्त चाटने वाले ।
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उसको जिंदा होने की खबर थी मेरी
उसे नहीं पता वो जहां पर बैठी थी
वहाँ कब्र थी मेरी॥
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जब मौत सामने आती है तो कुछ दिखाई नहीं देता
लेते हो मस्ती में शमशान के अंदर तो फिर कुछ सुनाई नहीं देता …
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मेरा कब्र से वो प्यार का इजहार कर रही थी ,
मरने के बाद बता चला की वो मुझे प्या कर रही थे
इसलिए वो मेरी मौत से इतना डर रही थी ॥
जो आज तुम्हारी है वो कल किसी और की होगी,
होगा सब कुछ दुनिया में,
पर तेरे लिए ये दुनिया बोर सी होगी।
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जो आज तुम्हारी है वो कल कीसी और की होगी
होगा सब कुछ टूनिया में
पर तेरे लिए ये दुनिया बोर सी होगी॥
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कितना भी छूपालों पर सच छूप नहीं पाएगा
अगर मर गया इंसान तो वो लौटकर नहीं आयेगा ॥
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चुपाने से सच कभी छूपता नहीं
शमशान में गया हुआ इनशान कभी उठता नहीं ॥
शमशान जैसी शांती कहीं होती नहीं,
वरना शमशान के लिए जिंदगी फिदा होती नहीं।
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जिनको शोक है कुछ करने का
तो बही किसी से नहीं डरने का ॥
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अगर आपको शोक है कुछ करने का
तो क्यों समय खराब कर रहे हो
अभी समय है कुछ करने का ॥
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किसने हक दिया तुझे
हमे बर्बाद करने का
सुनो ए खुदा कितना लोगे मुझे कब्र से रिहा करना का ॥

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शमशान जैसी शांती कहीं होती नहीं
वरना शमशान के लिए ज्डिंगी फिदा होती नहीं ॥
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शमशान की राख़ में कुछ बात तो है
वरना लोग क्यों मरते शामसना के लिए
इतने तो उतावले होते नहीं भगवान के लिए ॥
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कब्रिस्तान में जब वो मेरे कब्र पर फूल चढ़ने आई
हम तो कब के मर चुके थे
अब मारे हुए दिल को क्यों धड़कने आई ॥
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मारे हुए का दिल कभी धड़कता नहीं
अगर चला गई कोई शमशान तो
फिर वो किसी के लिए तड़फता नहीं ॥
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जीवन में कभी अमन नसीब नहीं हुआ
चाहने पर भी दिल के कोई करीब नहीं हुआ
जाना है सबको एक दिन शमशान में
पर मेरे साथ ये अजीब नहीं हुआ ॥
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जिदंगी भले दर्द देती है
आर शमशान हर दर्द को खतम कर देती है ॥
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मत किया कर मेरी कब्र के पास उजाला ,
अक्सर मुर्दों को उजाले से डर लगता है।
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मुरदों को उजाले से डर लगता है
ये इनशान नहीं एक मुर्दा कहता है
असल में एक व्यक्ति जीदगी भर रोता है
मौत होने पर वो वास्तव में जागता है ॥
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जिस दिन शमशान में दिवाली मानना सीख जाएँगे
उस दिन ज़िंदगी जीना सीख जाएँगे ॥
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ज़िंदगी भर जलील किया उसने
वो वापिस लौटकर ना आ जाये
इस तरह मेरे कब्र को सील किया उसने ॥
ज़िंदगी भर जलील किया उसने,
वो वापिस लौटकर ना आ जाये
इस तरह मेरे कब्र को सील किया उसने।
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खाक का है शरीर एक दिन खाक में ही मिल जाना है ,
किस्सा तेरी मूहोबत का
एक दिन श्मशान में में रख बन जाना है ॥
Shamshan par shayari, शमशान पर शायरी
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तू जिसको प्यार करता है वो एक दिन शमशान में यही सोएगा
भले जीते जी ना करती हो वो प्यार तुमसे, मरने के बाद वो खूब रोएगा ॥
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मेरे दुश्मनों ने मेरे कब्र पर पेशाब किया
जैसे उन्होने गड जीत लिया
मौत तो उसे भी एक दिन आएगी
पर उसने झूठा एहसास किया ॥
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दुश्मन को शमशान में जलाकर खुश मत होना
यहाँ कोई अमर नहीं रहता
ये कुदरत का नियम है नदी का पानी हमेशा बहता रहता ॥
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एक दिन सभी को खाक में मिल जाना है
फिर ज़िंदगी में इतना क्यों इतराना है ॥
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मरने पर मेरे कब्र पर एक गुलाब लगा देना
अगर लगे गंदी कब्र मेरे तो उसकी फोटो लगा देना॥

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हम तो उस बेवफा के लिए शहीद
हुए पर उसे कोई फर्क नहीं पड़ा ,
न जाने में उसके लिए किन किन से जा भीड़ा ॥
दोस्ती करनी है तो शमशान से करो,
ताकी आपको अंतिम दिन तक उसका साथ मिले।
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क्यों रोती हो आकार कब्र पर मेरे
शमशान में तो चेन से जी लेने दो
जो दिल में बाद दबी है अब नहीं रहेगी
जी भरके उसे उसे दिल की बात कहने दो॥
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दोस्ती करनी है तो शमशान से करो
ताकी आपको अंतिम दिन तक उसका साथ मिले॥
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हम तो शमशान में भी बोतल खोल लेते है
ना मिले कोई परी तो अपने दोस्तो को love you बोल लेते है॥
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वो शमशान में बैठकर मेरा इंतजार कर रहा था
उसे क्या क्या पता उसका यार तो मर गया
मरते मरते तेरे लिए तेरे लिए बहुत कुछ कर गया ॥
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शमशान की आग में एक प्यारा सा एहसास है
नहीं है आज वो हमारे बीच , फिर भी वो हमारे पास है ॥
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अच्छा काम बड़ी शान से कारों
नहीं मिलेगा कभी जीवन में धोका
मूहोबत करनी है तो भगवान से करो ॥
कोई पूछे तो एक ही पता देना,
ना याद आए तो शमशान बता देना।
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मेरी जिंदगी शमशान जैसी हो गई है
जो भी मेरे पास आता है राख़ हो जाता है॥
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कोई पूछे तो एक ही पता देना
ना आद आए तो शमशान बता देना ॥
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