भ्रष्टाचार पर तंज कसने वाली और सिस्टम को हिलाने वाली शायरी +150

Author:

भ्रष्टाचार दीमक की तरह देश को चाट रही है

ये देश को दो हिस्सों में बाँट रही है

कहीं अमीरी कहीं गरीबी सबको छाँट रही है ॥

…………………………………………………………………

भ्रष्टाचार करके एक बाबू पैसो पर नाच रहा है

भलाई और अच्छाई के के झूठे पर्चे बाँट रहा है ॥

……………………………………………………………………

हर किसी को ऊपर की कमाई चाहिए

भरष्टाचार में लिपटा जमाई चाहिए ॥

……………………………………………………………………

भरष्टाचार किसी को पसंद नहीं

पर ऊपर की कमाई सभी को पसंद है

इसी बात पर तो ये पूरा देश दंग है॥

bhrashtachar par shayari

………………………………………………………….

डॉक्टर भी भ्रष्ट

नेता भी भ्रष्ट

सरकार भी भ्रष्ट

इन सभी का जनता को

मिला रहा बड़ा कष्ट ॥

……………………………………………

दो मिंट में भ्रष्ट लोगो की जमानत हो जाती है

ये तो अंधा कानून की सरकार है साहब

जो भोले भाले लोगो को सताती है ॥

………………………………………………….

यहाँ बलात्कारियों को बेल मिल जाती है

जो आवाज उठाएँ बेटी के लिए

उसे मारपीट और जेल मिल जाती है ॥

………………………………………….

इस देश का अंधा कानून है साहब

जो देखने के बाद भी अंखे बंद कर लेता है

इसकी हर एक मार को एक गरीब सहता है॥

…………………………………………………………………..

जब राजनैतिक मुद्दे आए तो बेटियाँ अमानत हो जाती है

बेटियों के बलात्कारियों की एक फोन पर जमानत हो जाती है ॥

…………………………………………………………………………

इन नेताओं से उम्मीद छोड़ दो ये तो

खुद ही भ्रष्टाचारी है

जिनको तुम बेटियों की ज़िम्मेदारी दे रहे हो

वो तो खुद ही बलात्कारी है ॥

……………………………………………………

तू जिन नेताओं को सोंप रहे ज़िम्मेदारी

ये देश को क्या सजाएँगे

जो खुद है एक बीमारी ॥

…………………………………………………………..

ये नेता सोरगुल करके करते है नंगा नाच

क्या करेंगे आपका इलाज

जो खुद बैठे है लाइलाज ॥

…………………………………………………….

यहाँ चपरासी से लेकर पटवारी तक को रिस्वत चाहिए

अगर तुम भी बचना चाहते हो ऐसे भ्रष्टों से तो अच्छी किस्मत चाहिए ॥

🚩

“यहाँ चपरासी से लेकर पटवारी तक को रिश्वत चाहिए,
अगर तुम भी बचना चाहते हो ऐसे भ्रष्टों से…
तो अच्छी किस्मत चाहिए ॥”

#BhrashtacharMuktBharat

…………………………………………………………………….

हर भरष्टाचारी को फांसी दे तो

कोई नहीं बच पाएगा

औरों का नंबर बाद

इन नेताओं का नंबर पहले आयेगा

Bhrashtachar shayari

……………………………………………………….

हर भ्रष्टचार को फांसी दो

इन्हे सुधारने वाले को बड़ी रासी दो ॥

…………………………………………………..

ये नेता रिस्वस्त के लिए खुद नंगा घूम रहे है

रिस्वत के पैसे को वो बार बार चूम रहे है ॥

Bhrashtachar par shayari, भ्रष्टाचार पर शायरी

……………………………………………………………….

भ्रष्टाचार एक बीमारी नहीं एक खाज है

इसका इलाज दवाई नहीं ये बीमारी लाइलाज है ॥

………………………………………………………

ये भ्रष्टाचार सरकार की खाज है

ये कोई आदत नहीं ये बीमारी लाइलाज है ॥

………………………………………………………………

हर नेता कहता है हम भ्रष्टाचार मिटा देंगे

करके देश का सफाया हम खुद की खाज मिटा देंगे ॥

……………………………………………………………

हर नेता भ्रष्टाचार मिटाने का वादा करता

नेतागिरी में आते ही जनता को सताने लगता है ॥

…………………………………………………………………

अस्पताल में doctors को पैसे दो

पुलिश स्टेसन में पुलिश को पैसे दो

अदालत में पैसे दो वकीलों को

वरना घूमते फिरो लेकर अपनी दलीलों को ॥

…………………………………………………………….

बिजली के कनेकसन करवाला है

तो पैसा लौटना होगा ।

अगर कमजोर पड़े तो हर कोई ठगेगा आपको

आने वाला ऐसा जमाना होगा॥

………………………………………………..

ये नेता विदेशो में अपना धन छूपाते है

करके झूठा नाटक ये

खुद को गरीब बताते है

💰
Black Money Alert

“ये नेता विदेशों में अपना धन छुपाते हैं,
गरीबों की मेहनत की कमाई, तिजोरियों में दबाते हैं।”


सत्य की आवाज़ #CorruptionFreeIndia

…………………………………………………………

ये हमारे देश के भ्रष्ट नेता है जो हर किसी को लूट लेते है

अगर स्वार्थ दिखे तो इनको , तो ये खुद की छती पे मूत लेते है ॥

Rishwatkhori par shayari

……………………………………………………

फांसी होनी चाहिए इन भ्रष्टाचारी चोरों को

गड़बड़ होते ही नोकरी से निकाल देना चाहिए इन हरामखोरों को ॥

…………………………………………………………..

भ्रष्टाचार मिटाने का वादा हर सरकार करती है

करके भ्रष्टाचार खुद , दामन साफ होने का दावा करती है॥

…………………………………………………………………….

अपने वतन को बेच खाओ सालों

खाओ सारा धन पर थोड़ी तो शर्म खाओ ॥

………………………………………………….

अपने वतन को बचा लो यारो

रिस्वत खोरों को मार भगा लो यारो

……………………………………………………..

जो खाता है नेकी की कमाई

आजकल के जमाने में होती नहीं उसकी सगाई ॥

………………………………………………….

गरीबो को लूटकर कोठियाँ खड़ी कर लेते है

चूसकर गरीबों का खून ये बोरिया भर लते है ॥

………………………………………………..

भ्रष्ट देश की भ्रष्ट सरकार

सब चोर है कोई नहीं वफादार ॥

………………………………………………….

दो दिन में जेल में रहने पर वो देश चला सकते है

पर दो मुकदमे होने पर सरकारी नोकरी से भगा सकते है॥

………………………………………………………………..

ना तो इनको पुलिश का डर है ना ही कानून का

ऊपर की कमाई इतनी कर ली, अब क्या कहना इनके जुनून का ॥

……………………………………………………………………

संसद अपंग हो चुकी है उसके पैरों में जान नहीं है

बनती है ऐसे कानून जिसमे देश की शान नहीं है

क्यों करते हो उनसे रहम की उम्मीद

कौन संसद में ऐसा है जो हैवान नहीं है ॥

AntiCorruption shayari

………………………………………………………….

भ्रष्ट देश का राजा कहलाता है तू

करता है झूठा नाटक ईमानदारी का

भ्रष्टाचारी का दादा कहलाता है तू ॥

……………………………………………………….

में भ्रष्ट देश का आम नागरिक हूँ

में कुछ कर नहीं सकता बस देश सकता हूँ

अगर बन जाउ उस जैसा तो सभी के पेंदे सेक सकता हूँ ॥

………………………………………………………………

ना ये नेता रुकेगा

या ये भ्रष्टाचार रुकेगा

इसी प्रकार चलता रहा तो

एक दिन ये फिर से ये देश झुकेगा

…………………………………………………………

जनता को सदाचार का उपदेश देते है

पर ये खुद केश लेते है ॥

…………………………………………………

सीखते है लोगो को केसलेस

पर इसी के नाम पर करते है पार्टी में कलेश ॥

………………………………………………….

कोई नेता के बस में तो कोई अभिनेता के बस

भरष्टाचार घुस चुका है देश के नस नस में ॥

……………………………………………………..

भ्रष्टाचार ने इस देश की बजा डाली

करके करोड़ों का फ़्रोड़ देश की नीव हेला डाली ॥

……………………………………………………………………………

इस भ्रष्टाचार को खतम करने में

कईयों ने अपना जीवन खफा डाला

बचाने के लिए इस वतन को

खुद का पल्लू जला डाला ॥

………………………………………………..

भ्रष्टचरियों ने सारा काला धन सफ़ेद कर डाला

जीतने भी ईमानदार थे सभी को हिल डाला ॥

…………………………………………………………………

कुछ नेता जादूगर है तो कुछ बाजीगर है

अपनी कारस्तानी से देश की बजा ही डालते है ॥

………………………………………………………………..

ये भरष्टाचारी जी जी करते हुए

हुए 3g घोटाले कर गए

जैसा कोई विदेशी नहीं कर सकते

अपने देशी कर गए ॥

……………………………………………………….

न्याय भी बिकट है बाज़ारों में

नहीं तो इन गद्दारों का सर होता दीवारों में ॥

Stop Corruption shayari

………………………………………………………

कहीं नोट आग में जल जाते है

तो कहीं लोग आग में जल जाते है

भ्रष्ट अफसरों के चलते अपराधी बचके निकल जाते है ॥

…………………………………………………

इन भ्रष्ट नेताओं के चलते कई लोग बचकर निकल जाते है

कई जगह लाखों नोट जल जाते है

इनको क्या पता पसीने की कमाइ क्या होती है

कमाते कमाते प्राण निकल जाते है॥

………………………………………………………………

सतधारी में कुछ नेवले है तो कुछ विशेले शांप है

भरष्टाचारी लोग इस देश के लिए अभिशराप है ॥

………………………………………………………………….

प्यार करूँ या ना करूँ तानाशाही से

कुछ समझ में नहीं आ रहा

देखू तब टरकी उनकी , तो

मन उनकी तरफ ही जा रहा ॥

……………………………………………………………………..

लोकतंत्र में तो भ्रष्टाचार होता है

अमीर हस्ता है और गरीब रोता है॥

………………………………………………………

सरकार की नीतियों से गरीब गरीब अरु अमीर अमीर हो गया

पता नहीं इन निकमे तंत्र का का जमीर कहाँ सो गया ॥

…………………………………………………………………………….

भ्रष्ट तंत्र ने इस देश को खोखला कर दिया

दिखने में भले ये देश महान है

पर सभी को पता है की ये अंदर से शंमसान है ॥

………………………………………………………………….

सोने के महलो में रहते है

चाँदी की चमच से खाते है

भरष्टाचार के शिकार पर बैठकर

हमे न्याय का पाठ पढ़ाते है ॥

…………………………………………………………….

तुम क्या सोचते हो जज और वकील लड़ते है

ये तुम्हारा वहम है , ये तो दोनों की मिली बखत है

इसने दोनों का धंधा चलता है

इसी इंसाफ के चकर में भ्रष्टाचार पलटा है॥

Transparency shayari

………………………………………………………………..

जहां होता है लोकतन्त्र

वहाँ दिन रात दंगे होते है

इंसाफ के नाम पर

हर रोज कोर्ट में

गरीब नंगे होते है ॥

…………………………………………..

लोकतन्त्र में जगह जगह दंगे होते है

होती है जिस जगह राजतंत्र

वहाँ पर भ्रष्टाचारी नंगे होते है ॥

………………………………………………………….

किसान खेत में मर रहा है

भरष्टाचारी विदेश में राज कर रहा है ॥

…………………………………………………………..

किसान दाने दाने के लिए तरस जाता है

नेता का बेटा विदेश में पढ़कर आता है,

आता नहीं उसे हल पकड़ना

आकार हमे किसानी पर ज्ञान सिखाता है ॥

………………………………………………………………………………..

अगर कुत्ते के मुंह में खूल लग जाये तो उसकी आदत बेकार हो जाती है

ईमानदार को भ्रष्टाचारी की लत लग जाये तो ये बहुत बड़ी बीमारी होती है॥

…………………………………………………………………………….

लोकतन्त्र अंग्रेजों की कुप्रथा

ये अमीरों की लिए मजे और

गरीबों के लिए सजा है

इसमे अमीर खुले घूमते है

और गरीब डरता है॥

…………………………………………………

घुटनों में दर्द लिए हुए बेंक के चक्कर काट रहे है उम्र दराज

मेनेजर डाट रहा है , ऐसा कहाँ से आया ऐसा उनका अंदाज ॥

……………………………………………………………………….

सीने में दर्द बेंकों के चकर लगा रहे है उम्र दराज

गरीबो का ऐसा ही सम्मान होगा जब होगा

भ्रष्टाचारी का राज॥

……………………………………………………….

अपने तो इतिहास मे

यह लोकतंत्र था नहीं ,

अंग्रेजों की बीमारी को

हम भुगत रहे ।

…………………………………………………………………

आज के ज़माने में कोई नहीं पूछता ईमानदारी को

सब को सो चदा है सरकारी नौकरी पाने का

किसी को परवाह नहीं है इस ज़माने का ..

………………………………………………………………..

किसी को परवाह नहीं है इस देश है

सभी को चिंता है अमीरी की रेश की ..

………………………………………………………..

जिसका ज़िंदा इमान नहीं

वो सच्चा मुस्लमान नहीं ..

…………………………………………………..

जो रिश्वत खाए वो सच्चा मुसलमान नहीं

तुम बुरे रास्ते से बच्चो क्या ये खुदा का पैगाम नहीं ..

…………………………………………………….

रिश्वत के पैसे जीवन में बहार आई

बेईमानी के पैसे से घर में कार आई

जिन्दगी में बहुत एस की तूने

अंत में तो ईमानदारी की दौलत काम आई ..

SocialJustice shayari

…………………………………………………………………

ये बात लिखेकर ले लो

जो जितना ज्ञानी है वो उतना ही बड़ा हरामी है

भ्रष्टाचार करना सब चाहते है

डरते है इससे सब ,क्योकि इसमें बदनामी है ..

……………………………………………………….

झूठा दिखावा करके ये समाज सेवा करते है

दिख जाये सुन्दर महिला तो सब सेवा भूल जाते है

लिपटकर उनकी बाहों में वो प्यार का झुला झूल जाते है ..

………………………………………………………………….

चेहरे पर मुखोटा समाज सेवी का

घर में मंदिर महादेवी का

दिखावा करते है सच्चे सेवी का

मगर इनके काम है काल भैरवी का ..

…………………………………………………………….

सबसे ज्यदा पढ़ेसरी मक्कार होते है

सबसे गंदी इन्ही की सरकार होती है ..

………………………………………………………………………….

जो नेता अनपढ़ होकर देश को इतना लुटता है तो

सोचो पढ़ा लिखा होने पर कितना लूटेगा

कम से कम आज देश एक तो है

ऐसे नेता होने पर न जाने कितने टुकड़ों में टूटेगा ..

…………………………………………………………………………….

ये क्रप्सन एक दिन देश को ख़तम कर देगा

टूटकर सब कुछ अपना दामन दुखों से भर देगा..

……………………………………………………….

भ्रष्टाचार करने वाले खुदा से नहीं डरते

खुद के नाम पर ही ये ज्यादा करप्शन करते ..

…………………………………………………..

बुरा काम करने वाले खुदा से न डरने

क्या उम्मीद करते हो इस सिस्टम से

ये आपके लिए कुछ नहीं करने वाले ,

लाख लिखों इनके बारे में खरी होती

ये कभी नहीं सुधरने वाले ..

………………………………………………………

बेईमानी का समंदर लगातार बह रहा है

सरकारी अफसर इसमे तैर रहे है

जुल्म तो बस गरीब सह रहा है ..

……………………………………………………..

करप्सन इस देश में बेलगाम हो रहा है

बच्चे बच्चे को पता ही फिर भी ये सिस्टम सो रहा है ..

…………………………………………………………………………..

हर नेता जनता के लिए कांटे बो रहा है

फिर भी पता नहीं ये देश क्यों सो रहा है ,

मुझे आज समझ में नहीं आ रहा है

पता नहीं इस देश के युवाओं को क्या हो रहा है..

………………………………………………………………

नरेगा में भ्रष्टाचार

कोयला में भ्रष्टाचार

धन में भ्रष्टाचार

मन में भ्रष्टाचार

क्या उम्मीद कर रहो इनसे

ये तो सब है भ्रष्टों की सरकार ..

………………………………………………………

गरीबों की कोई रुसवाई नहीं करता

सब भ्रस्टाचार की चोटी को देख रहा है

कोई भी इनकी जड़ों की खुदाई नहीं करता ..

………………………………………………..

गरीबों का तो ईमान होता है

लेकिन हर अमीर बेईमान होता है ..

………………………………………………………….

जो जितना भ्रष्ट

उसके जीवन में उतने ही कष्ट ..

…………………………………………………

लोग कहते है गद्दार होते है राजनीती लोग

में कहता हूँ ये इंसान है ये है देश का रोग ..

…………………………………………………………………

अच्चे लोग तो सिर्फ गरीब होते है

जबकी बुरे लोग तो सता के करीब होते है,

गरीबों के घर का चुलहां तक नहीं जलता

पर ये गमीर ac में होते है ,

अमीर पेट खरके सोते है

पर गरीब रात भर रोते है ..

………………………………………………

ये पैसे की भूख कभी मिटती है

ऊपर की कमी की इच्छा कभी घटती नहीं ,,

………………………………………………………………..

जो सिस्टम को सुधरने के लिए जाता है

वो सिस्टम का गुलाम हो जाता है..

……………………………………………………………….

पैसे की भूख सभी में होती है ,

जो लगातार बढ़ती जाती है

भरष्टाचार बढ़ने पर

इन्शानियत घटती जाती है..

………………………………………………………..

भ्रष्टाचार एक तेज चलने वाला घोड़ा है

जितना भी ऊपर का धन मिले वो थोड़ा है..

……………………………………………………….

सारी मेहनत बेकार हो जाती है

जब सरकार भ्रष्टाचार हो जाती है ..

……………………………………………………

भ्रष्ट लोग काम वही करते है जिसमे ऊपर की कमाई हो

अधिकारी सुनते उसी की है जिसमे जेब में गरमाई हो ..

………………………………………………………..

भ्रष्ट लोग रोटी का टुकडा देखते ललचाते है

जब कोई डालने लगे रोटी का टुकडा तो

वो उनके सामने दम हिलाते है ..

………………………………………………………………..

काम ऐसा करों जिसमे खुद की भलाई हो

नौकरी ऐसी करो जिसमे ऊपर की कमाई हो ..

………………………………………………………………..

बूढ़े हो गए सब दफ्तरों के चक्कर लगाते लगाते

ये भ्रष्ट अधिकारी सुनते ही नहीं

ये तो स्वार्थी लोग है जो जिन्हें हम चुनते ही नहीं ..

…………………………………………………………………….

एक अनपद नेता देश को लूट लेता है

ये सबसे बड़ा इनका कमाल है

जब पढ़ा लिखा देश का नेता होता तो क्या होगा

सबका यही सवाल है ..

……………………………………………………..

चपल घीस जाती है दफ्तरों के चक्कर लगाते लगाते

यहाँ हर दुसरा आदमी भ्रष्टाचारी है

जज रिटायर हो जाते है इन्साफ पाते पाते ..

System Reform

…………………………………………………………

सरकारी अफसर तो मोज करते है

रिश्वत को इनका पैसा है

ऐसी हरकत वो हर रोज करते है ..

………………………………………………………………

चाहे उन्हें चोर कहदो या चपल से मारो

ये कभी नहीं सुधरेंगे तुम चाहे लाख सुधाओं ..

………………………………………………………………….

भ्रष्टाचार मिटाने का जिम्मा उसी को दिया जाता है

जो खुद भ्रष्टाचारी है ,

महिला आयोग उसी को दिया जाता है जो बलात्कारी है ..

………………………………………………………………………………….

पुलिस और चोर कभी अलग नहीं हो सकते है

जब तक इनका राज है

गरीब कभी चेन से नहीं सो सकते ..

………………………………………………………………..

पुलिस पैसे लेकर चोर को छोड़ देती है

अगर कोई आवाज उठाये इनके खिलाफ तो

वो गरीबों का घर तोड़ देती है..

…………………………………………………..

भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कोई कानून नहीं है

कोई इनको रोके इतना किसी में जूनून नहीं है ..

……………………………………………………….

भ्रष्टाचार के लिए अभी तक कोई कानून नहीं बन पाया ..

…………………………………………………

मोटे हो गए सता का सुख

भोग भोग कर ,

मकान सारे भर लिये

धन रोक रोक कर ।

…………………………………………………………..

भ्रष्टाचार ने देश को बर्बाद कर दिया

घुसखोरी के लिए नातों ने आजाद कर दिया ..

…………………………………………………………..

हर सरकार घुसखोर को ख़तम करने के वादे सरकार करती है ,

मगर सता मिलने के बाद गरीब जनता पर वार करती है..

……………………………………………………………….

मुतने पर टेक्स

थूकने पर टेक्स

झुकने पर टेक्स

मिटने के लिए भ्रष्टाचार

भ्रष्टाचारी को बना दिया अध्यक्ष ..

………………………………………………………..

भ्रष्टाचार को ऐसा ही देश चाहिए

जिसमे कोई बोलना ना हो

क्या नेता या जनता मुह खोलते ना हो ..

……………………………………………………………….

हीरे का सिंघासन हो सोने की थाली

भ्रष्टाचारयों की दुनिया निराली

तीन पीढ़ी तक दौलत ख़तम नहीं होगी इनकी

उन्होंने इतनी दौलत कमा ली ..

……………………………………………………………………

भ्रष्टाचारी गरीबों का धन बटोर रहे है

नेता इन्ही लोगों को टोर रहे है ..

……………………………………………………..

बिना रिश्वत यहाँ पर कोई काम नहीं करता

अगर नहीं आपकी जेब में पैसा तो कोई सलाम नहीं करता ..

……………………………………………………………….

नेता कहते है फ्री की रेवड़ी बाँटने

से सरकार को लोस होता है ,

जो तुम जनता के साथ कर रहे हो

क्या तुम्हे इसके लिए अफ़सोस होता है ..

…………………………………………………….

इस देश में कानून के ऊपर क़ानून है

बता लेते है नेता हर भ्रष्टाचारी को

क्योकि हर भ्रष्टाचारी उनकी नज़रों में मासूम होता है ..

………………………………………………………………………………

इस देश में लुटेरों के लिए मानवाधिकार होता है

गद्दारों के लिए सिस्टम रोता है

जब आ जाए किसी गरीब पर भारी संकट

तो ये सिस्टम आंखे मूंदकर सोता है ..

bhrasht par shayari

…………………………………………………………….

कानून को साबुत चाहिए निर्दोष होने का

ऐसे कानून सुन्दर मुझे अफ़सोस होता है..

……………………………………………………………..

गरीबों को तो दो वक्त की रोटी तक नसीब नहीं होती ,

पर भ्रष्टाचारियों की हर थाली लजीज होती है ..

……………………………………………………………..

सीतारमण बजट से पहले हलवा खाती है

फिर सारी दौलत गमीरों के नसीब में जाती है ,

खाकर गरीबों का हक़ वो निर्मला ताई कहलाती है ..

………………………………………………………………..

भ्रष्टाचार से मुक्त मुल्क हमारा हो

स्वर्ग से सुन्दर भारत हमारा हो ..

……………………………………………………

भ्रष्टाचारी मस्ती से जीते है ,

मगर गरीब किसान जखों को सीते है

हर बार सोचते है की अबकी बार हमारी

सुनवाई होगी

पर उन्हें क्या पता ये नेता है किसी की नहीं सुनते है

तुम ही पागल हो जो हर बार नए सपने बनते हो ..

…………………………………………………………

भ्रष्टाचारी गरीब का खून पीते है

ये तो गरीबों के रहमों कर्म पर जीते है ..

……………………………………………………..

भ्रष्ट तंत्र का भ्रष्ट राजा

नेताओं ने बजा दिया देश का बाजा ..

………………………………………………………..

ये नेता भ्रष्टाचारियों को क्या पकड़ेंगे

जो खुद ही भ्रष्ट है

इन्हें कहाँ फुर्सत है जनता की

ये तो अपनी अइयासियों में मस्ते है ..

…………………………………………………….

हमारे पास एक पैसा जीने के लिए नहीं

ठंडा तो छोडो हमारे पास पाने पीने के लिए नहीं ..

…………………………………………………

भ्रष्टाचारियों के पास पीने के लिए महंगे शराब है

इनके नीचे काम करने वाले

हर आदमी की हालत ख़राब है ..

………………………………………………….

ख़ूब करेंगे ये भ्रस्टाचार

पकडे जाने पर कहेंगे सिस्टम है बेकार ..

……………………………………………………….

सरकारी नौकरी चाहने वाला हर व्यक्ति भ्रष्टि है

उसकी तो बस काले धन पर दृष्टी है ..

……………………………………………………..

जिसका जमीर मर चुका है उसका क्या कहना

तुम तो इस सिस्टम में निडर होकर रहना ..

………………………………………………………..

ये भ्रष्टाचारी बस एक ही भाषा समझते है

जब आती है खुद पर आफत तब जाकर जगते है ..

……………………………………………………………….

एक एक पैसा जोड़कर घर बनाया

मेरी छोटी सी गलती पर

मेरे घर पर बुलडोजर चलाया ..

……………………………………………………..

अफसरों के घर टूटते नहीं कभी

सरकार से अफसर रुठते नहीं कभी ..

…………………………………………….

अब सरकारी नौकरी नहीं बची

तुम मानो या मानों ये बात है सच्ची ..

…………………………………………………….

हर गरीब का यही सपना है

एक नंबर जाए वो देश अपना है ..

……………………………………..

पैसे फेंको तमासा देखो

भ्रष्ट को य सब कहके तो देखो ..

Bhrashtachar par shayari, भ्रष्टाचार पर शायरी

……………………………………………..

पैसे से नौकरी लो

फिर नौकरी से छोकरी लो ..

…………………………………………….

दामाद सरकारी नौकरी वाला ही चाहिए

चाहे वो भ्रष्ट हो ,

जिन्दगी भर बैठकर खाए मेरी बेटी

उसे कभी ना कोई कष्ट हो ..

……………………………………………………

भ्रस्टाचार की सामने दिवार कड़ी

कैसे जाए कोई व्यक्ति उस पार

इनके समाने तो हर जिंदगियां लाचार पडी ..

………………………………………………………………..

सब को ऊपर की कमाई चाहिए

हो चपरासी पर , सरकारी जवाई चाहिए ..

……………………………………………………………..

कुछ लोग हवा में पैसा उछाल रहे है

कुछ लोग पेट के लिए खाना उबाल रहे है ..

………………………………………………………………

यहाँ पर हर कोई भ्रष्ट बैठा है

इनके सामने तो सिस्टम लाचार बैठा है ..

……………………………………………………..

सिस्टम को चलाने वाले ही चोर है

तो कौन रोकेगा इनकोई इसमें इतना जोर है

…………………………………………………………………..

ये भ्रष्टाचारी तो एक ही भाषा समझते है

या तो उन्हें पैसे दिखाओ

या पीठ पर डांग बजाओ ..

……………………………………………………………

आज के समय लोग माँ बाप की सेवा नहीं करते

तुम क्या सोचते हो ये देश सेवा करेंगे ,

ये तो सिर्फ दिखावा है

मौक़ा मिलते ही ये अपनी जेब भरेंगे ..

Shayari On System

……………………………………………….

देश की सेवा के नाम पर ये मेवा खाते है

इनके हर रस्ते भ्रष्टाचार की तरफ जाते है ..

………………………………………………………….

सरकारी अफसर देश की सेवा के नाम पर

देश को बेच रहा है

इन्हें कोई मतलब नहीं है देश सेवा से

ये तो बस काला धन खेच रहा है

………………………………………………….

अगर कोई कहें मैंने नौकरी देश सेवा के लिए करता हूँ

तो उसे कहों अपनी ड्यूटी समय के बाद तीन घंटे नौकरी करके दिखाओ ..

………………………………………………………………………..

देशभक्ति तो बस एक बहना है

निचे निचे इन्हें तो बस मोटा धन कामना है ..

……………………………………………………………

सरकारी बाबु स्वार्थ के लिए अपने मा बाप के साथ नहीं रहते

तुम क्या सोचते हो ये देश का साथ देंगे ,,

जब तक आती है इनकी जेब में कमाई तब तक ये कुछ नहीं कहते है ..

……………………………………………………………………………

तुम कहते हो सरकारी नौकर सुस्त और आलसी होते है

इनकी पांच दिन की तनख्वाह काटकर देखो

तब पता चलेगा ये लोग कित्तने लालची होते है ..

……………………………………………………………………

पांच दिन की इनकी तनख्वाह काटकर देस्खो

सारी देशभक्ति निकल जायेगी

इसी तरीके से इनकी असलियत निकलकर आयेगी ..

………………………………………………………………….

40 साल जेल में रखकर कहते है तू निर्दोष है

फिर कहते है ,कोई बात नहीं , हमें इस बाद का पूरा अफ़सोस है ..

…………………………………………………………………….

जीते जी को मार देते है ये लोग

बड़े स्वार्थी होते है मरते को पानी पिलाते ये लोग ..

…………………………………………………………………..

सरकारी अफसर मरते हुए को पानी नहीं पिला सकता

उसे कानून के सिकंजे का डर लगता है

भाड़ में जाए ऐसी सरकारी नौकरी

जिसमे मरते व्यक्ति को पानी पिलाने से डर लगता है ..

…………………………………………………………………

सरकारी अफसर किसी के नहीं होते है

ये जनता के नहीं सरकार के नौकर होते है ..

……………………………………………………………

कहने में भले ये सरकार के नौकर है

हमारे सामने ये रॉब दिखाते है

नेताओं के सामने तो ये सर्कस के जोकर है ..

Sachai Ki Jeet

………………………………………………………………

तुम जितने खामोश रहोगे ये उतने ही आपके सर पर चढ़ जाते है

जैसे ही तुम रिश्वत देने के लिए आगे आते हो ये मुंह से लार टपकाते है ..

………………………………………………………………….

तुम्हारे पास रिश्वत के पैसे है तो काम पट जाएगा

कुछ नहीं करना होगा पैसे से काम झट से हो जाएगा ..

……………………………………………………………

इन्हें सुधारने का एक ही तरिका है डांग

करें कोई बेईमानी तो फाड़ दो इनकी गान ..

……………………………………………………………………

गरीबी का रोना कब तक रोते रहोगे ,

अमीरों के जुल्म कब तक सहते रहोगे

उखड दो दुःख का पहाड़ ,कब तक दुःख में जीत रहोगे ..

……………………………………………………………..

रोते रोते समसाम तक आ गए

सोगंध खाते खाते देश को खा गए ..

…………………………………………………………..

तुम क्या सोचते हो इनका ईमान जागेगा

ये सरकारी अफसर है मेरे दोस्त

ये तो सिर्फ डांग के आगे ही भागेगा ..

……………………………………………………………….

आजतक इन अफसरों ने देश को क्या दिया है

इन लोगों ने तो देश का खून ही पीया है ..

……………………………………………………………….

सात समंदर पार करने पर भी भ्रष्टाचारी मिलेगे

जितने भी करप्ट लोग होंगे वो सरकारी मिलेंगे ..

……………………………………………………………

भ्रस्टाचार सिर्फ सरकारी लोग ही क्यों करते है

प्राइवेट वाले क्यों नहीं करते है

सरकारी किसी से नहीं डरते

जबकी प्राइवेट पेट के लिए मरते है ..

………………………………………………………

भ्रष्टाचार पेट भरने के बाद होता है

जब भरा हो पेट इंसान का तभी तो चेन की नींद सोता है ..

……………………………………………………………..

सरकारी लोग ईमानदारी तब दिखाते है जब तनख्वाह कटती है

इनको तब कोई फर्क नहीं पड़ता जब देश की जीडीपी घटती है ..

Social Awareness

……………………………………………………………………..

बिना पैसा तुम्हारा कोई काम नहीं करेंगे

अगर मिले इनको कोई लाइन पर लाने वाला

तो ये जी सर जी सर करेंगे ..

………………………………………………………….

कुछ कुर्सी पर पर बैठ बैठे मर गए

तो कुछ कुर्शी के लिए मर गए ,

ये तो देश के शहीद जवान थे

जो तुम्हारे लिए फांसी पर चढ़ गए ..

……………………………………………..

पैर कब्र में लटके है फिर भी रिश्वत मानते है

करके करोड़ों का घोटाला खुद को गरीबों का मसीहा मानते है ..

………………………………………………………………………..

कब्रिस्तान में कब्र खुदी है ,फिर भी रिश्वत मानते है साले

इस उम्र में भी चाहिए इन्हें शराब के प्याले ..

………………………………………………………………………….

एक दिन हर किसी को मर जाना है

फिर क्यों किसी गरीब को सताना है ..

……………………………………………………………

एक दिन सब को मर जाना है

क्या करोंगे इतने धन का, साथ में कुछ नहीं जाना है.

क्यों मारते हो अपने जमीर को सब यही रह जाना है ..

…………………………………………………………..

ईमानदारी के पैसे में जो मजा है वो भ्रष्टाचार में नहीं

हम भले गरीब है पर इन मादर चोलों की कतार में नहीं ..

………………………………………………………………………….

पैसा हो तो ईमान का हो

सत्यानास तो बेईमान का हो ..

…………………………………………….

जिसको पैसों से प्यार है वो वफादार कैसे हो सकता है

जिसने करोड़ों खर्च किया हो डिग्री पर वो इमानदार कैसे हो सकता है ..

……………………………………………………………..

लूट मचाती सरकारें

लुटेरों को बचाती सरकारें

तुम कहते हो ये तुम्हारे मसीहा है

तुम ही बताओ कैसे इनकी नजरें उतारे ..

…………………………………………………………….

न्याय करने वाले और दिलाने वाले

का धंदा ही कूछ ऐसा

इसमें इन्शान नहीं चलता ही पैसा है ..

………………………………………………….

कोर्ट को इन्साफ का मंदिर कहना सही है

ये बात किसी ने यूँ ही नहीं कही है ..

…………………………………………………………..

कोर्ट में पैसों के दम पर बेल मिल जाती है

अगर ना हो किसी के पास पैसे तो उसे जेल मिल जाती है ..

…………………………………………………………….

जज बिना वकील अधूरा है

एक गेंदा तो दूजा धतूरा है ..

…………………………………………………………

तुम सोचते है हो की ये सिस्टम बदलता क्यों नहीं

कौन है जो सिस्टम बदलेगा

वही लोग जो सिस्टम में बैठे है

तो अपने पैरों पर कुल्हाड़ी कोई नहीं मरेगा

इसके लिए जनता को लथ लेकर जमीन पर उतरना पडेगा ,

आज तक जितनी भी क्रांती हुई है लोगो के दम पर हुई है

सरकारी अधिकारों की इसमें कोई भूमिका नहीं थी . सरकारी अधिकारी क्रांती को रोकने का काम करते है, देश को आजादी दिलाने वाले लोगों में या देश के लिए मरने वाले लोगों में एक भी सरकारी व्यक्ति नहीं था ..

bhrast par shayari

अंधभक्त के लिए  फनी 150 मस्त शायरी चिढ़ाने के लिए 

सरकारी नौकरी पर शायरी , तंज़ कसने और सिस्टम को हिलाने वाली 200 +

रेड लिपस्टिक​ पर शायरी 110+ जो प्रेमिका को खुश कर देगी

खुले बालों पर शायरी

ग्रीन शूट पर शायरी (प्रेमिका की तारीफ में दो अल्फाज )


काली साड़ी पर 150 शायरी (पत्नी की तारीफ़ में )

चुगली करने वालों पर शायरी

पापा की परियों पर शायरी 150 +1. Trending & Common Tags (Hindi/Hinglish)

Ye tags sabse zyada use kiye jate hain:

  • #Bhrashtachar
  • #Rishwatkhori
  • #BhrashtacharMuktBharat
  • #DeshBhakti
  • #AamAadmi
  • #Insaaf
  • #HaqKiLadaai
  • #KalaDhan

2. English Keywords (For Global Reach)

In keywords ka istemal reach badhane ke liye karein:

  • #AntiCorruption
  • #StopCorruption
  • #Transparency
  • #SocialJustice
  • #EthicsMatter
  • #GoodGovernance
  • #EndTheGreed
  • #SystemReform

3. Creative & Poetic Tags (Shayari Related)

Agar aap shayari ya quotes post kar rahe hain:

  • #KalamKiTaaqat
  • #ShayariOnSystem
  • #KalamKar
  • #Zameer
  • #SachaiKiJeet
  • #Vyangya (Sarcasm)
  • #SocialAwareness

4. Catchy Keywords for SEO/Captions

Agar aap blog ya article likh rahe hain, toh in words ko captions mein shaamil karein:

  • System ki Gandagi
  • Imandaari vs Bhrashtachar
  • Jan-Jagrukta (Public Awareness)
  • Kh खोखला System
  • Naitikta (Ethics)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *