चुनरी पर शायरी chunri par shayari-चुनरी ,महिलाओं की शान होती है. ये मुख्य रूप से पश्चिम भारत में बहुत ज्यादा पसंद की जाती है . जो लड़की या महिला सर पर चुनरी रखती है . समाज के लोग उसे संस्कारी लड़की मानते है . अपने देखा होगा की जब भी घर के लोग शादी के लिए लड़की देखने के लिए जाते है . तो लड़की घर वालों के सामने सर पर दुपट्टा या चुनरी सर पर लेकर आती है . हमारे सामाज में आज भी बहुत से लोग है जिन्हें चुनरी वाली लड़कियां बहुत ज्यादा पसंद होती है. उनके सामने चाहे कितनी भी स्टाइलिस्ट लडकी सामने ले आओ , उन्हें तो सीधी साधी chunari ओढने वाली लड़कियां पसंद है . लडको को ज्यादातर स्टाइलिस्ट लड़कियां पसंद होती है , वो भी गर्ल फ्रेंड बनाने के लिए , लकिन सच्चा प्यार तो एक चुनरी वाली से ही होता है. लडको को कितनी भी मोर्डन लड़की पसंद हो लेकिन जब शादी की बात आती है तो उन्हें संस्कारी और चुनर ओढने वाली लड़कियां ही पसंद आती है .
तेरी चुनरियाँ दिल ले गई
हवा में लहराकर ना जाने क्या कह गई
मेर दिल में थी कई बात थी सब यही रह गई ..
❤️ Pyar Ka Meter ❤️
Apna aur apne partner/padoshi ka naam likhein
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काली तेरी चुनर है
तुझमे हीरे सा हुनर है
तुझे सभी सामने भागकर ले जाऊं
तेरे यार का इतना जिगर है ..

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तेरी लाल चुनरी कमाल करती है
जब तू छत पर सूखती है
तो लाखों दिलों एं मलाल करती है ..
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तेरी चुनर मेरे दिल पर बवाल करती है
उड़कर तेज हवा में वो कमाल करती है
जब उड़कर चली जाए किसी लड़के के चेहरे पर
तो नींद नहीं आती रात भर , न जाने कितने सवाल करती है..
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तेरी धानी चुनर ने मुझे दीवाना बना दिया
तेरी सावली से सूरत ने परवाना बना दिया
ठोस चट्टान जैसा था तेरा यार
पर तेरी चुनर ने तो उसे भी हिला दिया ..
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लाल चुनरियाँ पे दिल आया है
सबसे ज्यादा उसने मुझे सताया है
तुम क्या सोचते हो , वो सिर्फ तुझे देखती है

उसने न जाने कितनो को फसाया है ..
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तेरी चुनर काँटों पर थी मैंने निकाली
तेरे प्यार में पड़कर ही सरीफ हुआ हूँ
पहले में था सबसे बड़ा मवाली ..
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तेरी चुनरी में लिपटने को जी चाहता है
कस के पकड़ लूँ तुझे , तुझ में सिमटने को जी चाहता है ..
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तेरी हरी चुनर ने होस उड़ा डाला
जवान बच्चे तो क्या
तुमने तो बुड्ढों को भी दीवाना बना डाला ..
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तेरी चुनरने उसे हिला डाला
कहता है इसके पिच्चे छिपा है गर्म मसाला ..

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बहता रहूँ तेरे संग हवा के झोके से
तुझे दबोचकर पकड़ लूँ मौके से ..
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जब चुनरी उडी हवा के झोके से
तेरा हुस्न दिख गया मुझे मौके से ..

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अपनी चुनरी कंधे से खिसक जाने दे
हम जैसे आशिक को क बार तो करीब आने दे ..
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तेरी चुनरीखिसक गई
इसमें से तेरी जवानी झलक गई
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गहरे सागर सी तेरी काया है
चुनरी में इतना सुन्दर हुस्न छुपाया है
ये सब ऊपर वाले की माया है
की तुझे इतने फुर्सत से बनाया है ..

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तेरा श्रंगार मुझे खूब भाया है
इस सृंगार ने मुझे खूब सताया है
तेरी चुनर में से सब कुछ दिख रहा है
ये कला कब्जा कहाँ से सिलाया है ..
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हवा में सरसराती हुई चुनर तेरी दिल में सर मचाती है
तू किसी और की है फिर भी तू मुझे अपना बताती है .
ये तेरी दरियादिली मझे खूब सुलाती है
यही तेरी खुमारी मुझे खूब भाती है ..
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वो आये तो बता देना की तेरा यार आया था
तेरे लिए लाल चुनरी लाया था
चुनरी तो एक बहना था
कह देना वो तो सिर्फ तुमसे मिलने आया था..
मैं तेरी चुनरी के रंग में रंगना चाहता हूँ,
रखकर तेरी गोद में सर मैं एक बार सोना चाहता हूँ।
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आशिकों के दिलों में तेरी चुनरी आग लगती है
जालीदार चुनर तेरी दिल की बेकरारी बढाती है
देख ले कोई तुझे बिन तुनर तो
रात भर उसे तेरी याद आती है
आती है ख्यालों में हर पल
फिर नींद किसे आती है ..
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अगर पतली चुनर में हुस्न दिख जाये
तो जलन के मरे कलेजा मुंह को आ जाए ..
फिर निकलने लगता है धुवा कलेजे से
तुम बिन ये आग कौन बुझाये ..

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चुनर में तेरा चेहरा लगता है कोई अफसाना है
देखना चाहता है हर कोई तेरे हुस्न को
हर कोई इसका दीवाना है..
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सर से सरकती चुनरी तेरी
हरदम बढ़ती बेकरारी मेरी ..
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मेरी जिन्दगी चुनरी जैसी हो गई है
न जाने मेरी महबूबा कहाँ खो गई है ..
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हर तरह होती है तेरी चुनरी की बात
दो दिन ना दिखे तो
फिर फीके पड़ हो जाते सरे जज्बात ..
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जब गोर बदन से चुनरी उडती है
हर कोई मुड़कर देखता है तुझे
हर किसी की नजर तुझ पर पड़ती है ..
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जी करता है की तेरी चुनरी की फिजा में खो जाऊं
ओढ़कर तेरी चुनरी तेरी गोद में सो जाऊं
भूल जाऊं कुछ पल के लिए ये दुनिया
कुछ पल के लिए में तेरा हो जाऊं ..
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में तो नदी का जल हूँ
जो बहता चला जाता हूँ
देखकर तेरी लाल चुनरी
मन ही मन मुस्काता हूँ
दिल में लेकर प्यार की उमंग
तेरे गीत गुनगुनाता हूँ ..

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तू समुद्र सी है में तो बस एक कतरा हूँ
हर दम आगे पीछे चूमता हूँ मेरे तेरे लिए
क्या मेरें तेरे लिए बली का बकरा हूँ ..
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समुद्र की लहरों से
मौसम के कहरों से
में तो दिल भर आया
तेरे इन मतलबी शहरों से ..
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तेरी चुनरी देखकर अभी तक ज़िंदा हूँ
तुझे अपना ना बना सका
इस बात में आज में शर्मिन्दा हूँ ..
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ए दिलरुबा मुझे माफ़ कर देना
चुनरी पर लगे आंसू के दाग साफ़ कर देना ..
खोल लेना नया जीवन साथी अपने लिए में जा रहा हूँ
दिखे मेरी कब्र धुल से भरी तो , इसे पल्लू से साफ़ कर देना ..
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उडती है चुनर मस्त हवा में
जैसी कहती है मेरा नाम
जब ओढती हूँ तेरे दी हुई चुनर
तो तेरे तक जाता है प्यार का पैगाम ..
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तेरी चुनर पर नाम लिखा है मेरा
जब तू मुस्कुराती है घूँघट में
तो खिल उठ्ता है नया सवेरा ..
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चाहता हूँ तुझे दिल से
नही तो उठा ले जाऊं तुझे महफ़िल से ..

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चाहता हूँ तुझे सराफत से
चुनरी उढ़ाकर ले जाउंगा
इस खिलाफत से ..
तू क्या समझती है डरता है तेरा यार
तेरे लिए लड़ लेता है ये यार सभी आफत से ..
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तेरी चुनर ही है मेरे लिए संसार
तेरे लिए सब कुछ छोड़ दो
क्या जानत क्या यार ..
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धीमी धीमी खुसबू तेरी चुनर से आती है
जब ये हवा में लहराती है
में मदहोस हो जाता हूँ
जब तुन पास से गुजर जाती है..
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हवा के झोकों की तरह लहराए तेरी चुनर
जहाँ तु दिखे , वही मंजिल मेरी वही मेरा सफ़र ..
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तेरी चुनर ने मुझे दिल का रोगी बना दिया
दिल में बस गई है तेरी आत्मा
तेरी याद ने मुझे जोगी बना दिया ..
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तेरी चुनर ने मुझे जोगी बना दिया
कर बैठा इस अप्सरा से प्यार
तेरी याद ने मुझे रोगी बना दिया
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चुनर के घुघट में मीठी मुस्कान है
मत देखों उसकी तरफ सालों
वो तेरी भाभी और मेरी जान है ..

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आसमान छु लूँ तेरी चुनरी के दम पर
जब तेरे प्यार का साया हो हम पर ..
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तेरी चुनरी का हर तारा आसमान की कहानी कहता है
कैसे खोल दूँ में अपना घूँघट , इसमें मेरा बलमा रहता है ..
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सुबह आसमान रंग बदलता है
तेरी लाल चुनर के लिए ये दिल रोज मचलता है
लगती हो लाल चुनर में कहर सी तु
हर रोज मेरे मेरे पड़ोस में एक फूल खिलता है ..
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शाम को चुनर ओढ़ती हूँ तो रातें रगीन हो जाती है
जब मिले साथ तेरा तो बातें नमकीन हो जाती है .
तेरे मेरे मिलन की ये यादें हँसीन हो जाती है ..
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हर रोज में नया रिश्ता जोड़ती हूँ
तेरा साथ ना दें , में वो हर रिश्ता तोड़ती हूँ
तू रहे सलामत हर जगह
इसिलिये मा के चरणों में नरियल फोडती हूँ ..

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हर पल पाने की तुझे दिल में चाहता है
तुन किसी और की ना हो जाए
यही सोचकर मेरा दिल आहात है ..
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चुनरी के पिच्छे मीठी मुस्कान है
कोई देखना मत उसी तरफ वो तेरे भाई की जाना है
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आस,आम छु लूँ तेरी चुनरी के दम पर
जब तु ना मिलती हो तो क्या बीतती है हम पर ..
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चुनरी का नीला रंग आस्मांन की कहानी कहता है
तू दिन भर डूबी रहती है मेरे ख्यालों में
इसलिए सरे मोहले वाले तुझे दीवानी कहते है ..
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आजा तुझे में अपनी चुनरी में छीपा लूँ
लगाकर सीने से तुझे दिल में बसा लूँ
करके तुझसे शादी तुझे अपना बना लूँ ..
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तेरे चुनरी के रंग प्यार की गुफ्तगू करना चाहते है
हम भी तेरे प्यार में मरना चाहता है
एक बार चलों मेरे संग
हम अपने मन की करना चाहते है ..
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गोरे रंग पर रंगीन चुनरी है
मेरे पयार की आवाज तुन क्यों नहीं सुन रही है ..

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आउंगी एक दिन घर तेरे चुनरी ओढ़ के
तेरी हो जाउंगी एक दिन अपने घर वालों को छोड़ के ..
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आजकल वो लाल chunari वाली सितम करती है
नजरे मिलकर हमसे वो नजरों से भसम करती है
मेरे प्यार को पाने के लिए वो लाखों जातां करती है..
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हम तेरी चुनरी पर दाग लगने नहीं देंगे
दिल में नफरत की आग लगने नही देंगे
अगर तुम हमारी ना हुई तो कोई बात नहीं
हम किसी और को आपके पास लगने नहीं देंगे ..
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ओढली चुनर तूने मेरे नाम की
अब तुम किसी और की हो
आधी अधूरी महोबत
अब मेरे किस काम की ..
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चुनर की पिच्चे सरमा रही है वो
करके पल्लू निचे दिखा रही है वो
करके नैनों से इशारे पास बुला रही है वो
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आशिक जब हद से आगे बढ़ जाता है
जब उस पर प्यार का रंग चढ़ जाता है ..

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आजा तुझे चुनरी में छूपा लूँ
लगाकर काला टिका तुझे नजर से बचा लूँ
पहनाकर प्यार के धागे तुझे अपना बना लूँ ..
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जब तू सूखती है चुनर तो
वो अक्सर मेरे घर आकर गीर जाया करती है
किसी न किसी बहाने ये चुनरी हमको नजदीक लाया करती है ..
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चुनरी लहराकर हमारे करीब आती है
फिर इसी तरह वो बदनसीब लाती है ..
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तेरी चुनर मेरे संग सैतानी करती है
इसी तरह की हरकत तो एक दीवानी करती है..
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ये लाल चुनर नहीं मेरे प्यार का रंग है ,
इसके ओढ़कर चलना मुझे तेरे संग है ..
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तेरी चुनर मेरे प्यार की निशानी है
तेरे मेरे प्यार की ये अनोखी कहानी है
मं तुझे छोडकर नहीं जाउंगा
मुझे तो तेरे संग जिदगी बितानी है ..
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चुनर के रेशे रेशे में बसा है प्यार तेरा
इसे ओढ़कर लगता है जैसे तू है संसार मेरा ..

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तेरी चुनर में है धधकते हुए सोले
तेरा चेहरा देखकर मेरा मन डोले ..
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chunari का एक कोना तेरा एक कोना मेरा
जहाँ जाकर रुके जिन्दगी का सफ़र वही हमरा बसेरा ..
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चुनर नहीं ये तेरे प्यार की निशानी है
यही हम दोनों के प्यार की कहानी है ..
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तेरी चुनर मेरे दिल पर सितम ढाती है
करके बर्बाद मुझे चिडाती है ..
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इशक वो चुनरी है जो दिल इ लिपट जाए
खुमारी ना उतरे कई दिनों तक मेरा अगर तू पट जाए ..
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तेरी चुनर धीरे धीरे मुझे बहका रही है
लहराकर हवा में मुझे प्यार का अहसास करा रही है ..
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उसकी चुनर के एक नज़ारे पर
पूरा गांव पलट गया उसके इशारो पर ..
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जी करता है की में तेरी chunari के रंग में खो जाऊं
सिमटकर तेरी बाहों में उम्र भर के लिए त्तेरा हो जाऊं..
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में तेरी चुंनर के रंग में खोना चाहता है
एक बार फिर से तेरे संग खुलकर जीना चाहता हूँ
अगर हो दिल में तमन्ना पिलाने की आँखों से
तो जी खोलर पीना चाहता हूँ..

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मेरा दिल भी पगला शैतान हो गया है
तेरी मीठी मीठी बातों में खो गया है
क्या बातों मेरे बारे में तुझको
में तो पागल सा रह्ता हूँ
मुझे प्यार जबसे हो गया है..
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चुनरी वह हमसे मंगवाना चाह्ती है
कुछ इस तरह वो प्यार जताना चाहती है
करके झूठे प्यारे के वादे
वो मुझे प्यारे के जाल मरीं फसाना चाहती है ..
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तेरी नीली चुनर देखकर मेरा दिल डोल जाता है
तेरे प्यारे में पगला कुछ का कुछ ही बोल जाता है
जो बात बतानी नहीं चाहिए थी वही बोल देता है
जज्बात के चक्कर में दिल के सारे राज खोल देता है..
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ये तेरी उम्र है पढाई की
क्यों पहन रखी है चुनर तूने कढाई की ..
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चुनर का रंग सुहाना है
ये दिल के अरमा सभी को सुनाना है
तेरे प्यार एमें झूम उठा ये दिल
ये प्यार के जज्बात सभी को बताना है ..

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जब तेरी चुनर हवा में लहराए
दिल में एक गुबार सा उठ जाए
में तो तुझे देखकर फालतू टेंसन ले रहा हूँ
ये तो है तेरी प्यार की सदाये ..
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मेरा प्यार सदाबहार है
तेर होठों पर किसका खुमार है
बतो सही तुझे क्या हुआ है
ये दिल किसके लिए बेकरार है ..
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तेरी चुनर का रंग बड़ा रंगीन है
वादियों का ये मौसम गमगीन है
क्या कहूँ तेरे हुस्न का
ये मेरे लिए सजाये हसींन है ..
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तेरी चुनर का असर मुझ पर बहुत होता है
जब तू किसी और के साथ जाती है तो ये दिल बहुत रोत्ता है
आंसू से गीला हो जाता है मेरा तकिया , मेरा दिल बहुत रोता है ..
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जी करता है तेरी चुनरी ओढ़कर सो जाऊं
लिपटकर चुनर में तेरा हो जाऊं
आँखे करलूं बंद ना देखूं किसी और को
देखूं तेरे प्यार के सपने बस तेरा हो जाऊं ..
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तेरे हसने का असर मुझपर बहुत होता है
तेरी याद में ये आशिक तेरी चुनर ओढ़कर साता है
जब तु दिखे छत पर चुनर ओढ़े हुए मुझे
मेरे दिल में कुछ कुछ होता है…

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तेरी चुनरी दिल को
सता जाती है ,
तेरी एक मुस्कान ,
दिल का हाल बता जाती है।
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वो मस्तानी चुनरी उडी हवा में जैसे
अब मुझे सपने आते है कैसे कैसे ..
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चुनरी पुराणी हो या नइ
कसार उरी कर जाती है सही सही ..
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तेरी चुनरी मेरा दिल
दोनों मिल जाएँ तो
बन जाए महफ़िल ..
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उसके रंगों में डूबा है सावन
उसकी चुनरी लगती है मुझे मनभावन ..
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उसकी चुनरी में है सात रंग
हर दम रहना चाहती हूँ में उसके प्यार के संग ..

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chunari पुराणी हो या नहीं सभी अच्छी लगती है
,में तुझे chunari में देखता हूँ तो दिल नहीं मानता
तू तो मुझे अब भी बच्ची लगती है ..
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तेरे चुनरी मेरा दिल दोनों मिल
जाय तो बन जाए महफ़िल
तेरे प्यार की खुशबु से खिल जाएगा मेरे प्यार का फूल ..
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उसकी चुनरी से बरसता है सावन
उसके हर रंग लगते है उझे अनभावन ..
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ये लाल चुनरी कसकर लिपटी है बदन पर उसके
लगता है की महफ़िल सजी है सदन पर उसके ..
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तेरी चुनरी है बड़ी मस्तानी
ये लूट लेती है आशिकों की जवानी ..

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तेरे प्यार के बिना जे जवानी अधूरी लगती है
बिना प्यार के तू पास होकर भी दूरी लगती है ॥
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शराब के साथ नमकीन जरूरी लगती है।
वो मस्तानी चुनरी सूनी पड़ी है कोने में,
उसके बिना हर शाम अधूरी लगती है।
इन शयरियों को भी पढ़ें बहुत मजा आने वाला है …………
पड़ोसन पर शायरी 150 + जब पड़ोसन पर दिल आ जाये
अंधभक्त के लिए फनी 150 मस्त शायरी चिढ़ाने के लिए
काली साड़ी पर 150 शायरी (पत्नी की तारीफ़ में )
वो किसी दिन मेरी बाँहों की रानी थी
जो मेरी दी हुई चुनरी पहनकर चलती थी
दिखता कोई नहीं था मेरे जैसा कोई
वो सिर्फ मेरी दीवानी थी..
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दिल की मस्ती में
समुद्र की कसती में
जब तू ओढ़कर चलती है लाल चुनर
मुझे और कोई नहीं दिखती बस्ती में ..
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जब तू मेरे नाम की चुनरी ओढ़कर चलती है
इसी पर ये सारी दुनिया जलती है ..
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चुनरी का रंग सुरंगा है
हम तेरे से क्या ही मूहोबत करे
तेरी हर एक बात में दंगा है॥
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तु तो नजरे झुकाकर चलती है
चुनरी अपनी लहराकर चलती है
तू मुझ से प्यार करती है
ये सभी से बताकर चलती है ॥

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सर्दी और जुखां में
हर दुख और हर मुकाम में
बस तेरी ही याद आती है
हर खुशी और दुख भरी शाम में
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में तेरा आशिक में तेरी रानी
एक बार चुनरी औढकर छत पर आजा
मेरे यूं ही बीते जा रही है जवानी ॥
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मेरे दिल से वो होली खेल गई
में मासूम समझता था उसे
वो तो मुझे ही पेल गई ॥
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लाल चुनर में मासूम सा चेहरा था
मेरे प्यार में वो सब कुछ झेल गई
किया था उसमे बहुत प्यार मुझे
लेकिन वो मेरे जज़बातो से खेल गई ॥
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उसकी लाल चुनरी का जादू चल गया
जब वो जाकर बैठी किसी और की गोद में
तो उसे देखकर में तो जल गया ॥
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सारा खेल तेरी चुनर का है
ये खेल किस्मत का नहीं हुनर का है ॥

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उसकी लाल चुनर का जादू सब पर चल गया है
उसे देखकर सारा जमाना जल गया ॥
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दिल को कर देती है खाली लाल चुनरियाँ वाली
लोग देते है गली कहते है मवाली ॥
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ए हुस्न वाले मुझे बर्बाद मत कर
दिल में दर्द उठता है
जब आते है लाल चुनरियाँ वाले दिल में
तो एक गहरा सा गर्द उठता है ॥
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तेरी चुनर रंगी है दिल के खून से
तुझे पाना है एक जुनून से ॥
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कभी गुस्सा करता हूँ कभी दर्द के गीता गाता हूँ
जब आ जाता हूँ अपनी पर तो लोगों को खूब रुलाता हूँ ॥
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तेरी चुनरी पर खून सा लगा है
तुझे पाने का एक जुनून सा लगा है ॥
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तेरे साथ बिताए हर पल की याद सताती है
वो खूंटी पर तंगी लाल चुनर मुझे सताती है
जब भी कौशिश करता हूँ भूलने की तुझे
उतनी ही ज्यता तू मुझे याद आती है ॥

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तेरे बिना सुनी है मेरे हर महफिल हर शाम
मफ़हिल रंगीन हो जाती है
जब उठा लेता हूँ तेरे नाम का एक जाम ॥
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लाल चुनरियाँ तेरे हर शिकवा हर अरमान
किसी दर्द की दास्तान किसी प्यार की पहचान ॥
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मेरे करडाइ न जाने कब हटेगी
लाल चुनार वाली तभी पटेगी
जब मरे खेत में फसल कटेगी
जिससे मेरे गरीबी हटेगी॥
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तू चाहे मुझे आबाद करदे या बर्बाद करदे
एक बार आजा लाल चुनरी में
फिर चाहे मरवादे मुझे या फसाद करदे ॥
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मुझे जिस्म की भूख नहीं में तो इश्क़ का भूखा हूँ
मेरे तेरे नखरे के लिए नहीं तेरे प्यार के लिए रुका हूँ ॥
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दिल का कत्ल हम नहीं करते , हम तो इस्क के भूखे है
हमे तो लाल चुनरी वाली ने लूट लिया
हमारी तरफ तो धोखे ही धोखे है ॥

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झूठा जुनून हम नहीं करते , झूठा खून हम नहीं करते
हमे तो हरी चुनर का शोक है हम तो उसी पर मरते ॥
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तेरा दिल मेरे पास है
मेरा दिल तेरे पास है
ये और कुछ नहीं बस तेरी चुनरी का एहसास है ॥
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कबूतर है तो बाज भी होंगे
जो कल थे वो आज भी होंगे
लाल चुनरी वाली के नजदीक मत जाना
नहीं तो उसके आशिक नाराज होंगे ॥
बात बात पर मुस्कुराया ना कर,
हर किसी के बहकावे में ना आया कर।
हर कोई कहता है तेरे कपड़ों के बारे में,
हर किसी के कहने पर चुन्नी ना हटाया कर।
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आवाज तेरी मेरे दिल को छू जाती है
दिखती है एक बार लाल चुनार वाली
फिर अचानक से कहीं खो जाती है ॥
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जब हम लाल चुनरी औढक्र सोते है
तो तेरे ख्याल में खोते है
जब दो दिन तक तू न दिखे तो
हम अकेले में खूब रोते है।
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दिल की दुनिया हम बसाएँगे
उढ़ाकर लाल चुनरी तुझे घर लाएँगे ॥
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में तेरी चुनरी के रंग में रंगना चाहता हूँ ,
रखकर तेरी गोद में सर में एक बार सोना चाहता हूँ ॥
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तेरी चुनरी में गहरा इशक है
कर तो हम भी लेते तुमसे इशक
के जुनून को
इसमे बहुत बड़ी रिस्क है ॥
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दिन मी विसकी और रात को रम चाहिए
हमे भी लाल चुनरी वाली के प्रेम का भ्रम चाहिय ॥
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तेरे प्यार में जीवन भर मेहंदी लगाती हूँ
खुद को दुल्हन की तरह सजाती हूँ
तू डोली सजाकर तैयार रख
जल्द से जल्द टेर घर आती हूँ ॥
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तेरी पीली चुनरी पर हरा लहंगा है
प्यार तो हम भी कर लेते ,
मगर ये हद से ज्यादा महंगा है ॥
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कहती है वो आईफोने दिला दे
कहती है जाम अपनी आँखों से पीला दे
चुनरी में खरीद लूँगा
पर तेरे नाम का एक सूट दिला दे ॥
कहती है वो आईफोने दिला दे,
कहती है जाम अपनी आँखों से पीला दे।
पर तेरे नाम का एक सूट दिला दे ॥,
चुनरी में खरीद लूँगा।
……………………………………………………
सूट छोड़ चुनरी औढ
आशकों को पागल करके मत छोड़॥
दिल से वार करना छोड़ दे ,
वो हसीना है तू , जो
चुनरी ओढ़ कर रिश्ता तोड़ दे ।
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दिल से वार करना छोड़ दे
हर लड़की से प्यार करना छोड़
वो हसीन है तू काला
अच्छा रहेगा की तू अभी रिस्ता तोड़ दे ॥
…………………………………………………..
दिल का राज बताएँगे तुझे
एक दिन चुनरी दिलाएँगे तुझे
करके प्यार मूहोबत तुझे तरसायङ्गे तुझे ॥
……………………………………………………….’
मैं तेरा राजा तू मेरी रानी
दोनों को है एक प्रेम कहानी
…………………………………………………….
दिल के अरमान आसुओं में बह गए
हम तुझे बहुत कुछ कहना चाहते थे
बस कहते कहते र गए ॥
……………………………………………………..
मेरे अदाएं ही काफी है आशिकों को जलाने के लिए
तेरी औढनी ही काफी है लहराने के लिए
खीलोंनो की जरूरत नहीं है मुझे
बस एक तू ही काफी है दिल बहलाने के लिए ॥
…………………………………………………………………..
बात बात पर मुस्कुराया ना कर
हर किसी के बहकावे में ना आया कर
हर कोई कहता है कपड़ो के बारे में
हर किसी के कहने पर चुन्नी ना हटाया कर ॥
……………………………………………………………………
लाल चुनर वाली अपनी हो जाये
मेरा हर ख्वाब पूरा हो जाये
कभी आराम लूँगा जब चुनरी वाली
पड़ोसन शादी करके घर आ जाये॥
❤️ Pyar Ka Meter ❤️
Apna aur apne partner/padoshi ka naam likhein

