पीले सूट पर शायरी pila suit shayari , shayari on yellow dress- दोस्तों जब हमने प्यार को अपने मन पसंद कपड़ों में देखते है । तो हम उसकी तारीफ किए बिना नहीं रह सकते। अगर यही तारीफ हम शेर शायरी में काही जाये तो कितना अच्छा रहेगा। इसलिए हमने पीले सूट से संबन्धित हर स्थ्ति को शायरी के लफ्जों में पिरोया है। जिससे आपका साथी आपसे बहुत ज्यादा खुश हो जाएगा। क्योकि महिला मित्र को हमेशा तारीफ पसंद होती है। तो आप अपनी मनपसंद शायरी को अपनी साथी को भेज सकते है। तो चलिये देखते है ये शायरी क्या कहती है॥ pila suit shayari for girl
हम आपको अकेला नहीं छोड़ सकते सुनसान राहों में
हम आपको रखेंगे छुपाकर अपनी बाहों में।
हम आपको चाहकर भी नजरों से दूर नहीं कर सकते
क्योकि बस चुका है पीला रंग तेरे सूट का मेरे मेरे निगाहों में ॥
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जबसे देखा है तेरा पीला सूट कढ़ाई का
तब से चस्का लग गया है सगाई का ।
अब तो किसी चीज में मन नहीं लगता
हर किताब में तू दिखती है ,क्या करे इस पढ़ाई का॥

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अब दिल नहीं लगता इन किताबों में
जब से देखा है पीले सूट वाली को ख्वाबों में।।
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पीला सूट देखकर हमे उससे प्यार हो गया
एक नजर में नजरों की तकरार हो गया।
अब तो और कोई नजर आता ही नहीं है
वही मेरे जिदंगी वही संसार हो गया॥
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हमने कहा, जब साथी बोलता है अपनों से झूठ
तो अपनों का दिल जाता है टूट ।
हमने तो उससे तरफ देखा तक नहीं, फिर भी वो हमसे गई रूठ ॥

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आसमान का रंग था नीला
उसने पहन रखा था सूट पीला ।
उसने कहा लड़के देखकर मुझे हस्ते है,
मैंने कहा तूने सूट क्यों पहन रखा है इतना ढीला॥
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आज मौसम हो गया है नसीला
उपास से तूने सूट पहना है पीला
दिल पर काबू नहीं हो पा रहा
कौन दर्जी है, किसने ये सूट सीला॥
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ये दुनिया गोल है
मेरे लिए हर पीले सूट वाली लड़की अनमोल है॥
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कितनी हसरत है हमे तुझसे दिल लगाने की ।
दिल में तमना है तुझे पीले सूट में देखे जाने की॥

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ऊपर से ये गुलाबी तेरा रंग है ।
पीला तेरा सूट है
तुझे पाने के लिए
मोहले में हो रही रंग है ॥
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पीले सूट में तू लगती बड़ी क्यूट है
तेरे नाम की दिल में मेरे लूट है ।
तेरी हंसी मेरे दिल को तार तार कर जाती है
तेरे गुलबिस सूट को मेरा दिल से सेल्यूट है॥
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हम तेरे लिए अपनी दुनिया छोड़ बैठे
पीले सूट वाली के लिए खून के रिसते नाते तोड़ बैठे ॥
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झूठा प्यार यूं ही तुम जताती नहीं ।
प्यार करती हो तूम मुझसे
वरना मेरे लिए पीला सूट पहनकर आती नहीं॥

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तारे आसमा में कभी खो नहीं सके
हम तुम्हारे अलावा किसी और के हो नहीं सके
रात बार जागते रहे हम तुम्हारा पीला सूट देखकर
तुंहरी याद में हर रात भर सो ना सके ॥
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दोस्ती रखों सितारों से ताकी को छू ना सके
नाता रखो किनारो से ताकी कोई डुबो ना सके
हम होना चाहते थे उसके
पर चाहकर भी हम उनके हो ना सके॥

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हमने दोस्ती की इन सिताओं से
रूठ जाये साथी तो नफरत हो जाती है इन नजरों से॥
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हँसकर तेरी जुदाई का हम गम पी लिया करते है
देखकर तेरा पीला सूट हम अकेले ही जी लिया करते ह।
जब जब आती है तेरी याद , होते है गम के घाव सिने में
रो रोकर हम आंसुओं से उन घावों को सी लिया करते है॥
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नीली आँखों वाली नजरों से सब कुछ कह गई ।
हम जाने ही वाले थे उसके पीछे पीछे
कंबख्थ पीले सूट वली मेरा दिल चुरा ले गई॥
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लोग नफरत करते है , लेकिन हमे उसकी कोई परवाह नहीं
कभी कभी आ जाता मेरा भाभियों पर दिल
इसमे मेरे दिल का क़ुसूर है इसमे मेरे खता नहीं॥

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वो उड़ती पतंग है
उसके दिल में खिलती उमंग है
ये आपको दिख रहा वो कुछ नहीं
मेरे प्यार का सुनहरा रंग है॥
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जब आसमान रोता है तो जमीन भी रोती है
कैसे बरदास कारले मेरा ये दिल
जब मेरी मसूका पीला सूट पहनकर किसी और के साथ सोती है ॥
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आसमा टपकता है तो जमीन रोटी है
जब मेरे महोबत किसी और की बाहों में सोती है
दिन रात रोता है मेरा टूटा दिल जब वो किसी और की होती है॥
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वो दिखने में छपन छूरी है
पर वो दिल की नहीं बुरी है॥

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ना वो दिल की बुरी है
दिखने में लगती छपन छूरी है ।
खूब डाटता हूँ उसने में
पर पीला सूट पहनना उसकी मजबूरी है॥
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दूर दूर तक कोई नजर नहीं आता है
कितना भी करलु तुझसे प्यार पर मुझे सबर नहीं आता ॥
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पीले सूट में तुम गज़ब लगती हो
ढाती हो सबके दिलों पर सितम
तुम हुस्न की पारी हो
पर तू मुझे कुछ और नजर आती हो।।
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तूने मुझे इस आवारगी से बना दिया दीवाना ।
जब तुम पहले बार आई पीले सूट में
तब से बन गया में तेरी नजरों का निशाना ॥

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आत्मा कहीं भटक सी गई है
सीने में सांस कहीं अटक गई सी है
जब तुम दिखती हो पीले सूट में
दिवारे दिल की मेरी चटक सी गई है॥
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तेरे पैरों की पायल खनक गई
भीगे बालों से पानी झटक सी गई
जब तूने रखा आता अपना मेरे कंधे पर
सांस मेरी अटक सी गई॥
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जब आँखों से आँखों में प्यार होता है
अंजान लड्की पर भी एतबार होता है।
उस पील सूट वाली लड़की के लिए
मेरा दिल हर समय बेकरार होता है॥
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जबसे देखा है मैंने तुझे
पीले सूट और सलवार में
तबसे जोश आ गया है हमारी तलवार में॥
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मेरे दिल को बुखार है
ये मेरे दिल की पुकार है
पीले सूट में तू लगती बेसुमार है॥
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हमारी चाहत दब गई है सुखी रेता है
अब तो ये चाहत है हमारी
एक बार आजा पीला सूट पहनकर
हमारे बंजर खेत में॥
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तुम्हारा पीलासूट बगीचा सा नजर आता है
मेरे अलावा तुझे कौन सताता है
तू जब लेती है मुझे छोडने का नाम
तो उस समय मुझे रोना आता है॥
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तुम्हारा प्यारा पीला सूट बारिश की बूंदों सा नजारा है
छू लूँ तुम्हारे होठ ये अरमा हमारा है ॥

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बारिश की बूंदों में पीले सूट में खिले
दिल को रोना आया जब वर्षो बाद गले मिले॥
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तुम पीले सूट में हो बारिश में भीग रहा हूँ ।
तुम सोचती होगी में तुझसे दूर क्यों है
बुरा मत मानना मेरी जान
धीरे धीरे में तुझसे महोबात सीख रहा हूँ॥
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देखी मैंने आज तेरी बड़ी सी परछाई
वर्षों बाद तु मुझे फिर से याद आई॥
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बारिश के साथ मैंने देखी तेरी परछाई
झरोखों से उतरकर दिल में टेरी याद उतार आई ॥
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तेरा पीला सूट मेरी बरसाती रातें
वर्षों बाद मिली है ऐसी सौगाते ।।
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वो थी अपने पील सूट में मस्त में था अपने जाम में चूर
मेरा दिल तेजी से क्यों धड़का , मुझे कुछ ना कुछ हुआ है जरूर॥
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पीला सूट उसका प्याला मेरा लाल
जैसे दिन ढले होने लगे कमाल
मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता
में हो ना हो किसी का मलाल ॥

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पीला उसका सूट था लाल मेरी दारू
जिलेगी जब वो मुझे मंदिर में
में उसकी आरती उतारूँ
मिल जब हम दोनों, हो जाते है बीमारू॥
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में शराब का गिलास, तो वो धधकती हुई आग है
खिलता हुआ पीले सूट में उसका बदन बड़ा नायाब है ॥
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वो पीले सूट में बड़ी मस्त दिखती है
करू जब में प्यार का इकरार तो बड़ी सख्त दिखती है ।
दिल आ जाता है मेरा उस पर जब वो गली से निकलती है
पीले सूट में कमबख्त वो बड़ी मढ़मस्त दिखती है॥
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वो पीले सूट की दीवानी है
ज़िंदगी उसकी बड़ी मस्तानी है
चुरा ले भले हमसे नजरें
पर एक दिन हंसे नजरे मिलनी है॥
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वो पीले सूट में खड़ी थी, खराब था मौसम बारिश की झड़ी थी।
में उसके प्यार में डूबा जा रहा था, कमबख्त वो मेरे अंतिम घड़ी थी॥

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जब वो पीले सूट में निकली मैंने सोचा मेरे गोर है
दिल कहता रुक भाई वो तेरी वाली नहीं कोई और है ॥
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सूट उसका गुलाबी सा है
चेहरा उसका कितभी है
देखकर उसे झूम जाता हूँ में
नशा उसका शराबी सा है॥
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कितनी हसीन लगती थी वो पीले सूट में ।
मुझे सच्चाई लगती थी उसके हर झूठ में ।।
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पीला सूट कभी जख्म भी दे देता है
कोई कितना भी अपना क्यों ना हो
बुरे वक्त में वो गम दे देता है॥
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ना तो नवाब से दोस्ती कारों
ना ही शराब से दोस्ती कारों
करती है तो पीली गुलाब से दोस्ती कारों ॥
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मेरे प्यार का मजाख उढ़ाया मेरे पीले सूट को छोडकर
हस्ती है कमबख्त मेरा दिल तोड़कर ॥

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वो छत पर आती थी पीले सूट में
नाम उसका लिखा है दिल के लूट में
भूलाने के लिए उसे शराब पीता हूँ
अब वो दिखती है हा घूंट में॥
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पीले दुपते की आड़ में
काबिनी बोली तू जा भाड़ में ॥
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तन पे पीला सूट था आँखों में थी चमक
लाख प्यार जताया था मैंने उसके आगे
उसने नहीं जोड़े मेरे संग प्रेम के घगे
मरने के बाद आई है मिलने मुझसे
अब घावों पर लग रहा है मेरे नमक ॥
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जब वो छत पर आती तो हमे उससे प्यार था
वोलना चाहती थी दिल की बात ,हमे उसका इंतजार था
वो कमबख्त ऐसा बोल गई जो हमे इंकार था ,
ये तेरा वहम है की मुझे तुम से प्यार था॥
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इतरा रही थी वो खुद को पीले सूट का रंग देखकर
समा भी सरमा गई उसका ये ढ़ंग देखकर॥
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बिजली चमकी बारिश हुई
दिल में एक छोटी से ख्वाहिस हुईं
आई थी पीले सूट मे
बदन की उसकी नुमाइस हुई ॥
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जब पहली बार तू पीला सूट पहनकर बाग में आई
तो मेरे दिल ने कहा तू बनेगी मेरे घर की लुगाई ॥
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चाँद की रोशनी में वो पीला सूट निखरा
जैसे अंधेरे में को तारा टिमटिमाया हो
कैसे भूल सकते है हमे उसे
जिसे खुद से ज्यादा चाहया हो ॥
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शाम को अक्सर वो छत पर आया करती है
इतराकर पीले सूट में ,
हुस्न की बिजली हम पर गिराया करती है॥
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बारिश हुई तो वो हमसे सत गई
मैंने कुछ नहीं किया और लड़की पट गई ॥
