चांदनी पर शायरी chandni par shayari हम आपको यहां पर बता रहे हैं। दोस्तों दो प्रेमियों के मिलने का सबसे अच्छा समय रात का होता है। प्रेमी प्रेमिका दिन भर काम करते है , साम के समय जब रात होती है तो वो रात के तारों को देखकर अपने सपने देखते है। उन सपनों को पूरा करने के लिए दिन में मेहनत करते है। एक प्रेमी की कल्पना रात के समय साफ होती है । सात के सन्नाटे में जो जज़्बात है वो दिन के उजाले में नहीं है। मेंने ये शायरी रात के समय चाँद की रोशनी में अपनी प्रेमिका के लिए लिखी है। इन शयरियों में मेरे दिल के जज़्बात सामील है। में भी एक प्रेमी हूँ , अपने अल्फ़ाजो अपने प्यारे दोस्तों के लिए लिख देता हूँ। उम्मेद है की आपको ये शायरी जरूर पसंद आएगी….
चांदनी रात का नजारा हो ,
आशिक जरा आवारा हो ,
नदी के बीच मे तुम और हम हो
ना फिर उसका किनारा हो ।

उफनती नदी का किनारा हो
चांदनी रात में दिल मेरा आवारा हो
मुझे जन्नत की ख़ुशी मिलने लगी
जब साथ तुम्हारा हो ..
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मेरी जिन्दगी में तू उजाला बनकर आई
जीवन भर की खुशियन साथ लेकर आई ..
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वो हसीन चाँदनी रात थी
तेरी यादें मेरे साथ थी
साथ ना होते हुए भी मैंने तुझे महसूस किया
ये मेर प्यार की सौगात थी..

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हर चांदनी रात में तू मेरे साथ है
जब तू साथ है तो जन्नत तक मेरे हाथ है
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जब तू साथ होती है तो मेरी रातें हसीं हो जाती है
जब चलती है तू मेरे आंगन में तो मेरी रातें रंगीन हो जाती है..
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रात भर चाँद की चांदनी को निहारता रहा
सपने में भी में तुझे पुकारता रहा ,
दूर होने की हमने बहुत कौशिश की
जब भी पुच्छ्स कोई नाम मेरा , में तेरा नाम पुकारता रहा..

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बीच समंदर में मेरा घर हो
चांदनी रत में साथ हमसफ़र हो
क्या कहना उस पल का
जिस पल मेरे काँधे पर तेरा सर हो ..
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क्या मजा आता है तनहा जीने में
मजा नहीं आता अकेले पीने में
चादनी रात में कोई हमसफ़र हो
चलते जाए लगातार ख़तम ना ये सफ़र हो ..

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बीच समंदर के मेरा घर हो
चांदनी रत में हमारा सफ़र हो
मौसम दिलदार हो जाता है अगर
उसके घर के पास मेरा घर हो ..
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हमें शोक था चांदनी रात में पीने का
वो मेरा यार चला गया जीवन से
उसके बिना आता नहीं मजा जीने का
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चांदनी रात में चाँद का टुकडा नजर आती हो .
जब करके फैशन चलती हो सड़क पर
तो माँ कसम सब पर सितम ढाती हो..
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चन्दा से प्यारी चादं की चांदनी
चांदनी से प्यारी रात
आप से प्यारी आपकी सादगी
सादगी से प्यारे जज्बात ..

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और कुछ नहीं ये सब तेरे हुस्न की किरामात है
जो दिखता वो कुछ नहीं बस चांदनी रात में खुशियों की सौगात है ..
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खुले आसमान के निचे बैठकर शायरी लिख रहे है हम
तेरे मिलन के इन्तजार में डायरी लिख रहे है हम ..
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ना मुझे चाँद चाहिए ना उस्की चाँदनी चाहिए हमें
अँधेरी रात में तुम्हारा साथ चाहिए हमें..
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हमने तुझे जब पहली बार चाँद की चाँदनी में देखा था
उसी वक्त हमने प्यार का पहला पासा फेंका था ..
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चांदनी रात में जब वो हस्ती है
लगता है की जैसे वो हमरे दिल में बस्ती है ..

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जब काइनात में वो मुस्कुराती है
लगता है की जैसे वो हमें बुलाती है ..
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चादनी रात में हमें तो बस तुझे बुलाना था
इसलिए दर्दे दिल तो एक बहना था ..
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चांदनी रात की ख़ामोशी में तेरे प्यार की बेहोशी में
हम कब गिरफ हो गए तेरे प्यार की मदहोशी में ..
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सुन ओ मेरे चाँद आज तुझे में अपनी जुल्फों में सजा लू
गले से लगाकर तुझे अपना बना लू ..

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मन करता है की तेरे साथ शादी सजा लू
जी करता है मांग भरकर तेरी तुझे उद्ल्हन बना लूँ
तुझे खोने का डर लगा रहता है
शादी करके गुझे अपना बना लूँ..
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तारों भरी रात की ये हसीं रातें
मुझे बहुत अच्छी लगती है तेरी प्यार भरी बातें ..
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चांदनी रात को दिखने वाला सपना है तू
कभी कभी लगता है की अपना है तू ..
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अँधेरे को कोई नहीं चाहता
प्यार में लुटे हुए को कोई नहीं अपनाता
दिललगी तो फिर हो जाती है पर
पहले जैसा विस्वास नही जमा पाता
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चांदनी रात की हसीन रातें
मुझे सोने नहीं देती ये तेरी प्यार भरी बातें ..

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चांदनी रात में पीये जा रहा हूँ
कोई नहीं है रोकने वाला मुझे
इसलिए पेग पर पेग पीये जा रहा हूँ ..
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दूल्हन सज रही है चांदनी रात में
मैं ऐसे ही पागल नहीं हूँ तेरे पीछे
ऐसा कुछ ना कुछ तो है तेरी बात में ..
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दुल्हन बैठी है चादनी रात में
दुल्हे का इतजार कर रही है ,
दिल में बसा रखा है हमें चाँद की तरह
वो लगातार हमें प्यार कर रही है..
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चांदनी रात का सपना है तू
ऐसा लगता है की जैसे अपना है तू ..

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क़त्ल करके वो मेरा चांदनी रात में आई है
मैंने माफ़ कर दिया उसे अपने प्यार के लिए
फिर भी उसके दिल में क्यों रुसवाई है ..
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चांदनी रात में तारों का आना जाना था
बिना प्यार के ये जीवन एकदम विराना था..
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चांदनी रात में बहुत दूर उसका ठिकाना था
मुझे कुछ नहीं हुआ मैं तो यूँ ही तड़फ रहा हूँ
उससे मिलने का ये तो एक बहना था ..
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चाँद से प्यारी रौशनी
रोशनी से प्यारे तुम
मेरा नाम सुनते है
नाचने लगते हो तुम ..

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उसने साथ जीने मरने की कसमे खाई थी खुले आसमान में
मुझे छोड़कर आज क्यों लोटी है वो शमसान में ..
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रात की ख़ामोशी में हम शमसान में पड़े है
इसी दिन के लिए हम दिन रात लड़ें है..
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तेरी जुडें का घाव कभी भरेगा नहीं
खुली रात में ये आशिक तो कभी प्यार करेगा नहीं ..
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ना दिल चाहिए ना दिलरुबा चाहिए
हमे तो बस तुम्हारे घर में दबदबा चाहिए ..
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तुम चांदनी बन जाओ हम चाँद बन जायेंगे
तुम हमरा प्यार बन जाऊं , हम तुमारा अहसास बन जायेंगे ..
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चांदनी रात में चाँद का मुखड़ा नजर आती हो
कैसे करें तुझसे अपने दिल की बात
अभी तो तुम बेखबर नजर आती हो ..

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रात की चांदनी में चमकता है तेरा चेहरा
तुम्हारी हसी पर लगाता रहू पहरा ..
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चांदनी रात में चमकता हुआ हीरा हो तुम
मेरे प्यार में पी गई जहर का प्याला
मेरे लिए कलयुग की मीरा हो तुम ..

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बारिश में चाँदनी रात की हरकतें सताती है
तू क्या कर रही है मेरे पीठ पिच्चे
वो तेरी दोस्त मुझे सब कुछ बताती है..
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चांदनी रात में हम तेरा चाँद बन जाए
यूँ ही हस्ते हुए हमारे दिन गुजर जाए..
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जब से तूने चांदनी रात का किरदार किया
लगता है की जैसे हमने धरती पर चाँद उतार लिया

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मेरी वाली कांड की तरह है जो रात में निकलती है
अगर देख लेती है मुझे किसी के साथ
तो वो पुरी रात जलती है..
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रात को धोके का अहसास देती है चांदनी
प्यासे दिलों को राहत देती है चांदनी
कैसे निकालोगे दिलों से इसे
हर आशिक के दिल में बस्ती है चादनी ..
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जिस दिन तुझे इसक हो जाएगा चांदनी से
तो समझ लेना तुम गए इस जिन्दगी से

अंधेरों से जिस दिन प्यार हो जायेगा
तेरा दिल में को तैयार हो जाएगा ..
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हमारा तो रोज होता है चांदनी से मिलन
लेकिन हर रोज रोकने के लिए बीच में आता है एक विलन..
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हमें तो अंधेरों में चांदनी का सहारा मिला
तुझे पाकर हमें खूबसूरत नजारा मिला
क्या तारीफ करें आपकी जानेमन
हमें तो साथी उममीद से प्यारा मिला..

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हमारी तो रोज चांदनी से बात होती है
खुशनसीब है हमारा साथी , जिससे हमारी सपनो में बात होती है..
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हमें ना तो चांद की सोक है ना रौशनी की चाहत है
हमने तुझ को ठुकराकर बहुत गलत किया
इसलिए हमारा दिल रहता आहात है ..
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बहुत प्यारा लगता है चांदनी रात में चेहरा तेरा
मेरे दिल पर रहता है दिन रात पहरा देता ..

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कितना भी कारलो प्यार हमको तो कम लगेगा
अगर किसी को सच्ची महोबत मिल जाए तो वही दिन रात जागेगा..
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देखकर चाँद की चांदनी को तेरी याद आ जाती है
ठंडी सी एक सीत लहर की दिल में आहात जगा जाती है ..
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आपके आगे सब फीके है चाँद सितारे
तुम्हे कैसे बताएं तेरे बिना हमने
कैसे गुजरे है दिन हमारे ..
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तुम चमकते हुए चाँद से कम नहीं
अगर बात बात पर तुम रूठती हो तो
इसका मतलब है की इस मुहोबत में दम नहीं ..
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चाँद कभी अपनी चादनी को छोड़ता नहीं
दिल में रहने वाला कभी दिल तोड़ता नहीं
अगर हो जाये एक बार किसी को सच्ची मुहोबत तो
वो अपने साथी को जीवन भर छोड़ता नहीं..
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चाँद की चांदनी कभी ख़तम नहीं होती
तुम मेरे बिना जी लोगी ये जिन्दगी
ये बात मुझे हजम नहीं होती..

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जिस दिन चाँद की चांदनी खो जायेगी
समझो उस दिन मेरी जिन्दगी बर्बाद हो जायेगी…
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जिस दिन तुम्हारा घमंड टूटेगा उस दिन हम खूब पीयेगे
लगाकर फंदे को गले अंत में झूम के जियेंगे ..

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जिस समय चाँद आसमा में होगा
उस समय चांदनी नाराज होगी
क्या कहोगे जब तुम्हारे साथ हमराज होगी ..
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जिद दिन टूटेगा गरूर चांदनी का
उस दिन हम खूब हँसेंगे
बर्बाद करके हमें तुझे
अपनी जिन्दगी में खूब फंसेगे..
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जिस तरह हमारा रिश्ता चाँद से है
इसी तरह रिश्ता तुम्हारा सितारे से है
जिस दिन वो दोनों रूठ जायेगे
सच मानों उस दिन हम दोनों के दिल टूट जायेंगे..
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हमारे पास भी एक सितारा है
चांदनी की तरह हमरा भी रिश्ता बड़ा प्यारा है..

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चांदनी रात में छत पर आ जाया करों
करके नैन मटका हमारा दिल बहलाया करों ..

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गलियों में निकलती है जब वो चांदनी बनकर
दिल झूम उठता है उसके लिए रागनी बनकर ..
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जिस तरह चांदनी चाँद के लिए होती है
इसलिए ये शाम सिर्फ आपके लिए होती है..
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हमने चांदनी रात को अपने आंगन में उतारते देखा है
मेरे प्यार में उसको संवरते देखा है
तुम कहते तो प्यार नहीं करती है मुझसे
मैंने उसको मेरी याद में आंशु छलकते देखा है..

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रात भर हम चाँद को निहारते रहे
तेरी याद में हम तुम्हे पुकारते रहे
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आसमान में चाँद निकला तो हम सो गए
तेरे प्यारे सपनों में हम खो गए ..
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अगर प्यार हो सच्चा तो चांदनी सुकून देती है
में तुम्हारे बिन कुछ नहीं वो मुझे बार बार कहती है ..
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तेर सामने चांद की चांदनी नहीं देखी जाती
जब तू साथ नहीं होती तो तेरी याद बहुत सताती …
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तेरी याद ने इस कद्र बैचेन किया है की रात भर सो ना सका
तेरे सवालों में मुझे इस कद्र उलझाया की तेरा होकर भी हो ना सका ..

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चांदनी चाँद से दूर जाती रही
तू दूर होकर मुझे सताती रही
जब जब तेरा नाम आये मेरी जुबा पे
तब तब मेरी जुबा गीत गाती रही ..
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जब चाँद की आँख चांदनी से लड़ी
तो मौसम रंगीन हो गया
जब से हमने आपको देखा
लगता है ये जुर्म संगीन हो गया..
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जब से तुम दूर गई हम सो ना सके
तेरे होकर भी तेरे हो ना सके
हमारे पास सभी घर वाले थे
रोना छाहा लकिन चाकर भी रो ना सके ..

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झूठे वादे किसी से ना किया करों
अगर दिल तोड़ना ही है तो दिल लगाया ना करों
पता है एक दिन जाओगे छोड़कर
तो दिल की बाते क्या ना करो
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सपने झूठे किसी को दिखाया ना कर
अगर नहीं प्यार चांदनी से तो ये झूठी बातें बनाया ना कर ..
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चांदनी रात में अगर तुम हो साथमें
जीने का मजा ही आ जायेगा इस मंद मंद बरसात में ..
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चांदनी चाँद को छोड़कर चली गई चादं को है खबर
जिस सपनो के महल पर बैठकर सपने बन रहे थे ,वो महल नहीं कब्र है ..
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चाँद सितारों में नजर आता है चेहरा आप का
अब तो तेरे बना दिल कहीं लगता नहीं ,हर तरफ पहरा है आपका..

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क्या चांदनी , रात के लिए तड़फती है
क्या मिलने की चाहे तेरे सीने में भड़कती है..
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ये तेरे आँखों की है शैतानियाँ
ये चांदनी रात की है मेहरबानियाँ
कैसे भूल जाऊं तुझे
तेरे लियें मैंने ख़ूब दी है कुर्बानियां ..
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चाँद अपनी चांदनी को छुपाया ना कर
अगर मुझसे प्यार है तो छुपाया ना कर
है मुझसे नाराजगी है तो किसी और को बताया ना कर..
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कुछ लोग सपने दिखाकर रात में छोड़ देते है
दिखाकर हमको नीचा वो रिश्ता तोड़ देते है ..
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जिसे चांदनी समझकर पूजा था
में उसके लिए दूजा था..

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मेरे सीने के दर्द को कोई पहचान नहीं सकता
मेरी प्यार की गहराई कोई जान नहीं सकता
मेरे अलावा कोई उसे अपना मान नहीं सकता ..
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अगर करना है प्यार तो चांदनी रातों से कर
क्या डरता है प्यार के दुशमनों से
डरना है तो उपर वाले की गर्जन से डर ..
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इसक करना है तो चांदनी रातों से किया करों
करनी है प्यार की शुरुआत तो मीठी बातों से किया करों..
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चांदनी रात की दुहाई देता है
प्यार कुछ ही दिनों की रोशनी है
आखिर में ये जुदाई देता है..

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चांदनी रात में चमकता हुआ तारा हो तुम
प्यार में दिल हारे हुए के लिये सहारा हो तूम
डूबता किस्ते के लिए सहारा हो तुम
क्या गिनोंउ तेरी खुबिया
हर उदास इन्शान का नजारा हो तुम
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चांदनी रात का हसीन नजारा हो
फिर कोई आप से ना कोई प्यारा हो
हमें किसी और की जरुरत नहीं है
जब साथ में साथी आपके जैसा प्यारा हो ,,

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सीने में दर्द लिए जीए जा रहा हु
तेरी याद में घंटों से पीये जा रहा हु ..
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काश हमारे जीवन में भी एक चांदनी आ जाए
बनकर चाँद की रोशनी वो हमारे अन्दर समा जाए
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हमने चांदनी रात में टूटता हुआ एक तारा देखा .
बिना प्यार के करके हमने गुजरा देखा
लोग कहते है दुनिया छोड़कर चली गई वो
आज हमने उसकों एक बार दुबारा देखा..

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हमरा खेल चांदनी रात में ,रात भर चला
सुबह उठकर देखा तो अपना बदन समसान में जला..
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हकीकत नहीं ख्वाब हो तुम
कहानी नहीं किताब हो तुम
तुम्हे देखकर क्या कहूँ में तेरे बारे में
मेरे हर सवाल का जवाब हो तुम ..

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फूल भिखरा दूँ ए चाँद तेरी राहों में
दिल में बसाकर कसलूँ तुझे अपनी बाहों में ..
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हमारी चाहत है तुम्हारे दिल में बस जाने की
एक चाहत तुम्हारे संग जिन्दगी बिताने की
एक चाह अधूरी है तेरे संग सब कुछ लूटने कुछ लूटने की ..
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तेरी लाश पर वह बिलकुल भी रोई नहीं
लोग झूठ कह रहे थे की वो तेरी याद में सोई नहीं ..

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जिस तरह चाँद आसमान में चक्कर लगाया करता है
उसी तरह वो मुहे बार बार याद आया करता है
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ओढ़कर लाल चुनरियाँ चांदनी रात में जागने लगी
तेरी याद इस कद्र सताती है जालिम मुझे
अब तो में नींदों में भी भागने लगी ..
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रात को मुझसे मिलने ना आया कर बदनाम हो जायेगी
तेरी मेरी इज्जत सरेआम हो जायेगी
फिर ना मेलेगा जीवन में चेन तुम्हे
हर दिन मेरे प्यार के लिए रोयेगी..
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तेरी यादों में ,में रात भर जागने लगी
तेरे प्यार की मेहंदी मेरे हाथों में राचने लगी..
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ये तेरे हुस्न की किरामात है
चांदनी रात में कुछ ना कुछ तो बात है
तुझे देखकर दीवानों को दिल मचल जाता है
तेरे में कुछ ना कुछ तो ऐसी बात है ..

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चांदनी रात ने गहरी नींद में सुला दिया
रात की सर्द हवा ने फिर से जगा दिया
प्यार करना हमें कहाँ आता था
कुछ दिनों में तूने सब कुछ सिखा दिया..
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आप उस चाँद की रोशनी हो जो दिल को सुकून देता है ‘
तेरे प्यार में मरने का मन करता है
लेकिन जब तुझे देखूं तो हर दम मुझे जीने का जूनून देती है..
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चांदनी रात में रानी जैसी हो तुम
किताबों में लिखी कहानी जैसी हो तुम
क्या दूँ तुझे प्यार का तोहफा
मेरे लिए तो प्यार की निशानी जैसी हो तुम ..
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रात को वह छत पर आया करती थी
वो छपके चुके मेर गीत गुनगुनाया करती थी
जब भी मिलता में उससे वो
वो मुझे प्यारा सिखाया करती थी..
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काली रात की तरह तेरी आँखों का काजल बन जाऊं
लगे तुझे तेज धुप तो में तेरा अंचल बन जाऊं
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चांदनी रात में बरसता हुआ बदल बन जाऊं
तेरी कजरारी आँखों का काजल बन जाऊ
लगे अगर तुझे तेज धुप तो में तेरा अंचल बन जाऊं ..

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पहली बार देखा था उसे मैंने दोस्त की बारात में
दूसरी बार आती वो मुझसे मिलने चांदनी रात में
तीसरी बार हमारी मुलाकात हुई बरसात में ..
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अक्सर वो शर्मा जाती है ऐसे में दिल क्या करे
आने को कहूँ चांदनी रात में तो घबरा जाती है दिल क्या करें..
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वैसे तो चाँद में दाग है
क्या कमी निकालते हो मेरे प्यार में
क्या तुम्हारा चाँद बेदाग़ है ..

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इस हसी रात में अगर तुम हो साथ में
जिन्दगी बन जायेगी मेरी अगर तेरा हाथ हो मेरे हाथ में ..
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चाँद की चांदी में तू मुझे बुलाया कर
लगाकर गले मुझे प्यार सिखाया कर
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पता नहीं चाँद की चांदनी में किसकी तलास है
तेरे प्यार में की एक अभूत प्यास है
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हर रात मेरी चांदनी से बात होती है
हर रात ,मेरी सुहागरात होती है ..
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चादनी रात में शेर बनके जीया करों
अब पीने की इच्छा हो तो खुलकर पीया करो ..
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तेरे बिना ना मेरी शुबह और ना मेरी शाम है
तेरी खूबसूरती का ये चाँद भी गुलाम है
अगर प्यार किसी झूठी से करोगे तो
इसका यही अंजाम है ..

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चाकर टेडी चाल हमें बहकाया ना कर
दिखाकर हुस्न हमें तडफाया ना कर
चांदनी रात में सजकर हमे दिखाया ना कर
सोये हुए अरमा को फिर से ना जगाया कर ..
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जब से तू गई है मुझे छोड़कर टूटा सा लगता हूँ
में क्या बताऊँ दुनियां को अपना डर
पुरी दुनिया को में झूठा सा लगता हूँ ….
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