जोरू के गुलाम पर शायरी, जोरू का गुलाम शायरी joru ka gulam shayari- दोस्तों अक्सर ऐसा देखा जाता है की नै नै शादी के बाद लोग अपने दोस्तों को समय नहीं दे पाते है. इस कारण फ्रेंड सर्किल वाले लोग उसे जोरू का गुलाम कहने लग जाते है . तो आप अपने दोस्तों को इन शायरियों के माध्यम से जवाब दे सकते है. इससे आपकी दोस्ती भी नहीं टूटेगी और शादी भी नहीं .इसके अलावा कइ बार दोस्तों शादी के बाद हमें समय देना ही बंद कर देता है. तो उस स्थिति में आप अपने उस दोस्त को शायरी के माध्यम से उसे जोरू का गुलाम ना बन्ने का सन्देश दे सकते है.
हर नखरे उठाऊं और तेरा गुलाम बन जाऊं
तेरे लिए ख़ुशी का सामान बन जाऊं
हर रोज मेरे लिए गाती रहे तू
तेरे लिए महल्ती हुई शाम बन जाऊं …
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अगर तू कहें तो चाँद सितारों की शर करवा देंगे
धरती पर चाँद सितारे ला देंगे
कौन देखता है तुझे चांदनी रातों में
तू अगर बोले तो अन्धेरा करवा देंगे ..

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भंवरों को कलियाँ फ़साती है ,
जी करता है जोरू का गुआम बन जाऊं
क्योकि सुन्दर लड़कियां मुझे इतना भाती है ..
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लोग मुझे जोरू का गुलाम कहते है
जोरू की जुल्फों की शाम कहते है
हाँ में आशिक हूँ अपनी जोरू का
मुझे फर्क नहीं पड़ता चाहे लोग मुझे हराम कहते है ..
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करे बात बात पर जो अपनों का अपमा
वास्तव में वही है जौरू का गुलाम..
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ऊँची दिवार पर लिखेंगे तेरी मेरी कहानी को
दिल में छुपके रखूंगा अपनी रानी को ..
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हम तैयार बैठे है जोरू की गुलामी के लिए
मगर कोई होनी तो चाहिए पयार जताने के लिए ..

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जब तक साँस है सीने में तब तक तेरा ना लूंगा
तू कितना भी ठुक्रराले में जिन्दगी भर तेरा गुलाम रहूंगा ..
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जिन्दगी की हर शाम तेरे नाम कर दूँ
बनकर जोरू का गुलाम तेरी मांग भर दूँ..

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में कई जन्मों का साथी हूँ
तू दिया है तो में बाती हूँ..
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तुन जहाँ जहाँ जायेगी में तेरे पीछे पीछे जाउंगा
बनके जौरू का गुलाम तुजे जीवन भर चाहूँगा ..
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हो अगर जोरू दिल लगाने वाली तो
गुलामी में भी मजा है
मिल जाए अगर कोई बेवफा तो
पुरी जिन्दगी एक सजा है..

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जिसके पास नहीं जोरू तो वो क्या जाने गुलामी क्या होती है
एक शादीशुदा से पूछो शादी करने की सजा क्या होती है ..
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मजा ही कुछ अलग है बीवियों की गुलामी का
जो दूसरों की बीवियों पर नजर रखे क्या जिक्र करें उस हरामी का ..
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में खुद से डरता हूँ मुझे ना किसी का डर है
सच्चा प्यार करने वाली जोरू के आगे झुकता मेरा सर है ..
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लोग मुझे जोरू का गुलाम कहते है.
मुझ पर हसने वाले मुझे पागल इंसान कहते है
हम तो इसके सच्चे प्यार का अंजाम कहते है ..
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जब एक बार शराब की लत लग जाती है तो
वी जिन्दगी भर नहीं छूटती
अगर जिद पर आ जाये जोरू तो
सो लोगों से भी नहीं रुकती..
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आजकल की जोरू बड़ी लुटेरी होती है
लूटकर दिल और पैसा सोरी कहती है ..

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इन शायरियों को भी पढ़ें…
जी करता है में जोरू का गुलाम बन जाऊं
बनकर तकिया तेरे बेड का ,तेरे लिए सुनहरी साम बन जाऊं ..
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तेरे प्यार की गहराई में डूब गया हूँ
पीकर शराब का प्याला झूम गया हूँ
पीकर तेरे नैनों की शराब , खुद को भूल गया हूँ ..

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दिल की हर धड़कन पर तेरा नाम लिख दिया
बनकर जोरू का गुलाम मैंने सब कुछ सीख लिया ..
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जोरू के प्यार में खूब मिली बदनामियाँ
मुझे तेरे प्यार का ऐसा चस्का लगा ,
मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता, अब अच्छी लगने लगने लगी है गुलामियाँ ..
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जोरू के चक्मेंकर में बदनाम हुई जवानियाँ
इसके चाकर में पड़कर खूब मिली बदनामियाँ ..
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ऊपर वाले ने क्या जोरू बनाई
उसे देखकर मर्द की नियत गडबडाई ..
देखकर उसे फिर से दिल ने कहा
फिर कहाँ ये ये बर्बादी आई ..
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तू मेरे सपनों की रानी है
मेरे प्यार की अधूरी कहानी है
जिन्दगी भर बनकर रहूंगा जोरू का गुलाम
ये एक मर्द की जुबानी है ..
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जोरू के गुलाम ना किसी की सुनते है
वो तो अपने प्यार के सपने बुनते है .
मिले मौत और जीवन साथ में, तो वो मौत को चुनते है..

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में गावों में घुमने वाला मदमस्त लड़का था
जब जोरू ने मुझे रुलाता में
में पहली बार उसी दिन भड़का था ..
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भवरों को कलियाँ फंसाती है
नखरे करके लड़कियां खूब सताती है
प्यार करने का नाटक करके ये लड़कियां
हमें खूब लुभाती है..
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जब से जोरू का गुलाम हुआ हूँ खुद को भूल गया हूँ
प्यार पाकर तेरे वजूद का में बहुत ज्यादा फूल गया हूँ .
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आजकल कहाँ मिलती है सच्ची जोरू आसानी से
फीर क्यों ना करें सच्ची महोबत अपनी रानी से ..
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तेरा जिस्म वफ़ा ही है
नील पेन में स्याही है
क्या तारिक करें तेरे इसक की
तू तो चलती फिरती तबाही है
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जोरू के लिए सात फेरे और सात वचन देते है
इनके लिए हम सब कुछ सहते है
हम हर दर्द सह जाते है जोरू के लिए
हम मुंह से कुछ नहीं कहते है..
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अगर मिल जाये वफादार जोरू तो दिल खुश हो जाता है
खुश होकर जिदंगी जियेंगे फिर गुलसन में खुसबू हो जाती है..
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सुन ए पागल लडकी तेरी गुलामी हम खूब सहेंगे
करले हमसे प्यार हम किसी से कुछ नहीं कहेंगे ..
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जब से हम जोरू के गुलाम हुए है
सभी दोस्तों को भूल गए
दिन रात जोरू की गुलामी करते हुए
हम खुद तक को भूल गए ..
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क्यों ना महोबत करूँ में अपनी रानी से
तुमको पता है ना जोरू मिलती नहीं इतनी आसानी से..

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हमने जोरू के लिए दिन रात एक किये है
उसे खुश रखने के लिए गलत काम अनेक किये है ..
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तूझे दिल में बसाईं है
इसी लिए करता हौं में जोरू की गुलामी
जोरु की गुलामी मेरे रग राग में बसाईं है..
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जोरू अगर दिल लगाने वाली हो तो
दिल तुड़ाने में भी मजा आता है
फिर दोस्त दे भले लाखों गाली
फिर तो इसे सुनने में भी मजा आता है ..
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कोई फर्क नहीं पड़ता अगर लोग मुझे जोरू का गुलाम कहें
अगर तू लव यू मुझे सुबह शाम कहे ..

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जोरू आ मिले तो इन्शान प्यासा रह जाता है
तबायाफों से प्यास ना मिले तो निरासा रह आता है ..
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दुनिया में हम ऐसी ही थोड़ी है
दुनियां की सबसे निराली मस्त अपनी जोड़ी है ..
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आने के बाद जोरू सब बदल जाते है
दिखने में खुश होते है मगर चेन कहाँ पाते है ..
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कई लोग जोरू के चक्कर में माँ बाप को भूल जाते है
जब होस आता है तो खुद को बर्बाद पाते है
फिर पछतावा करने के लिए फंदे पर झूल जाते है..
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कभी कभी जोरू का प्यार भी जंजीर बन जाती है
हद से ज्यादा बात मानोंगे तो यही जंजीर आपके गले में बंध जाती है

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जोरू बिन कहे ही बहुत कुछ बोल देती है
एक बार घर में आते है अंधे प्यार की आंखे खोल देती है..
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आजकल बहुत सी जोरी बेवफा होया करती है
बहुत से लड़कों से नजरें खुद मिलकर , खुद आराम से सोया करती है
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जो है जोरू के सताए हुए उनको प्यार कहाँ से होगा ,
डर लगता है जोरू की नाराजगी से , अब इनकार कहां से होगा ..
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वैसे देखें तो मर्द औरत का गुलाम हो जाता है
अगर मिल जाये मन पसंद औरत तो उसके लिए बदनाम तक होता है ..
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ये मेरे दिल की कल्पना है
में जिसे जोरू बनाना चाहता हु उसका नाम सपना है..
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आज हम जोरू के गुलाम बन्ने को तैयार है
क्योकि हमें तुमसे प्यार बेसुमार है
चखा दे अपने हुस्न का कतरा हम तेरे लिए बेकरार है ..
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हमारी जोरू बेवफा ना हो
भले लड़ ले मुझे से लेकिन हमसे खफा ना हो ..

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जो लोग जोरू के गुलाम का मजाख उड़ाया करते है .
एक दिन वही लोग इसी गली से आया करते है..
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बहुत से लोग प्यार में जोरू के गुलाम बन जाते है
जब वो कुछ बोलते नहीं मुंह से
पूछने पर समसान हो जाते है..
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जिस घर में जोरू ना हो तो वो घर किस काम का
अगर मन चाहि लड़की से शादी ना हो तो घर होता है सिर्फ नाम का..
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इस दुनिया में सभी को जोरू मिलती नहीं
बिना भवरों के कली कभी खिलती नहीं
बिना दो दिलों के ये जिन्दगी नहीं चलती ..
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वो रातों की रानी है जो रात में निकलती है
जोरू के आगे किसी और की नहीं चलती है..
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बहुत असरदार होता है जोरू के आँखों का नशा
अगर फस जाए कोई जोरू के चक्कर में, होती है बहुत बुरी दशा ..
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लड़कियों की आदत है बेवफाई करना
लडकों की फितरत है रुसवाई करना ..
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हम मस्त थे जब जोरू के गुलाम थे
लेकिन लोगों की नजरों में हम बदनाम थे..

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उल्टी गंगा कभी बहती नहीं
कोई जोरू सजे बिना रहती नहीं
हम तो बेकदर है हमारे यहाँ जोरू रहती नहीं ..
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लोग कहते है जोरू की गुलामी बुरी होती है
में कहता हूँ बिना जोरू की ये जिन्दगी अधूरी होती है ..
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तेरे इसक में जंजीरों जैसा इरादा था
वो अनारकली से मोबत करने वाला सह्जादा था ..
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हर बंदिस को चूमता हूँ तेरे इसक की
इसक में ये गुलामी भी आजादी लगती है
सपनो की दुनियां में खोकर देखो
हर जोरू सहजादी से लगती है ..

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ना तुमसे कोई सिकवा करेंगे
ना तुमसे गिला करेगें
हम बादसाह हुए तो क्या हुआ
हम तो तेरे से गुलाम बनकर मिला करेगे ..
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तेरी गुलामी मुझे रास आ गई
हमें तुझे अपना रब माना
तबसे मेरी सासों में तेरी सांस आ गई ..
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इसक में तेरी गुलामी भी भाती है ,
जोरू की यादें मुझे बहुत सताती है
जब भी तुझे भुलाने की कौशिश करूँ
ये शरद हवा फिर से तेरी याद दिला जाती है ..

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में किस्मत वाला हूँ जो तूने मुझे चुना
वरना महलों का बादशाह बन जाता
बहता अपना मर्जी से पानी की तरह
लोग मुझे पढ़ते एक प्रेम कहानी की तरह ..
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हम तो जी रहे है तेरी एक झलक पाने के लिए
हम तेरे लिए कुछ भी कर जायेंगे
तू बोलकर तो देख , कुछ भी कर जायेंगे तुझे अपना बनने के लिए ..
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हमने तुझसे दोस्ती की
हमने तुझसे शादी की
तू चाहे राजा बना या गुलाम
जो तेरा मुकाम वही मेरा मुकाम ..
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में जोरू का गुलाम बना रहूंगा तू चाहे कितनी भी सजा दे
में तेरे से प्यार करता रहूँ मुझे एक ऐसी जीने की वजह दे ..
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में चाहता हूँ की तेरे संग मेरा सफर हसीन हो जाए
चलूँ तेरे संग और ये रस्ते रंगीन हो जाए ..
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ह तू गुलाब सी और में तेरा गुलाम बन जाऊं
तेरी धुन में रमकर में ,तेरा गुलाम बन जाऊं ..
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में तेरे हाथ का गुलाब हूँ
तुने प्यार में जीता है वो खिताब हूँ
क्या छुपाती है मुझसे , आकर पढले मुझे
तेरे लिए तो में खुली किताब हूँ ..

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गुलाब की तरह नाजुक है दिल मेंरा
तू किनारा में साहिल तेरा
में चितचोर हूँ में भी हूँ कातिल तेरा ..
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तू कली है कचनार की
तू फुलवारी है बहार की
शादी करके गुलाम बना लें मुझे
खुशियाँ दूंगा तुझे सरे संसार की ..
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एक गुलाम की गुलामी है तू
गर्मी शरबत की प्याली है तू
क्या करूँ तेरे हुस्न की तारीफ
मेरे लिए सबसे निराली है तू ..
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मोरनी जैसी तेरी चाल है
टमाटर जैसे तेरे गाल है
जब सज धजकर गलियों से निकलती
तो लगती है बवाल तू ..
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जोरू का गुलाम नहीं हूँ प्य्यार करता हूँ तुझे
बहस इसलिए नहीं करता, खोने से डरता हूँ तुझे ..

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जोरू के गुलामों का हसर देखा हमने
लात मारकर चली गई सोना बाबु करने वाली
कई आशिकों को जान से मरते देखा हमने ..
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जोरू का सपोर्ट किया था हमने
हद से ज्यादा प्यार किया था हमने
तेरे प्यार के हाथों मजबूर होकर
खुद को बदनाम किया था हमने ..
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दिल का राज किसी को नहीं बतायेगे
तेरी तरह हम किसी और को नहीं चाहेंगे
जब भी कोई पूछेगा मेरा नाम
हम तेरा नाम बतायेगे ..
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अगर पत्नी खूबसूरत हो, तो गुलामी करने में भी मजा आ सकता है
अगर पिलाने वाली हो कोई आँखों से तो दारू बिना भी रहा जा सकता है ..

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दिखने में बड़ा ही प्यारा है
क्यों सता रहे हो बिचारे को
बेचारा जोरू का मारा है ..
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कोई नील ड्रम में बंद करती है
तो कोई पराये मर्द को पसंद करती है
यही है बेवफा जोरू की हकीकत
लव यू कहकर धोका पति के संग करती है ..
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दिवार पर लिखेंगे तेरी मेरी कहानी
मेरे दिल की आवाज सुनकर तो देख दीवानी ..
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जब जोरू दूर होती है तो पास जाने का मन करता है
छुटकारा मिले बेवफा जोरू से हर बन्दा ये जतन करता है ..

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कुछ लोग जोरू के गुलाम बन जाते है
कुछ ना बोलते मुंह से वो समसान बन जाते है
जब जोरू हो सीसी और के साथ
तो खुद के घर में हम मेहमान बन जाते है..
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आज से नहीं हमारा तो जन्मों जन्मों का नाता है
हम तो दो जिस्म एक जान है
कौशिश करके देख लो हमें कौन जुदा कर पाता है..
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लोग हमें जोरू का गुलाम कहते है
उन्हें क्या पता जोरू क्या होती है
जिस घर में जोरू नहीं होती , उसे घर नहीं शमशान कह्ते है..
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मेरी और उसकी जोडी बड़ी है
वो मेरे लिए खिली हुई धूम में गरम चाय की प्याली है ..
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जब मेरे साथ जोरू चलती है
हमें देखकर कई लोगों की जलती है ..

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पता नहीं लोग हमसे क्यों परेशान रहते है
देखकर हमें वो जोरू का गुलाम कहते है..
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जब से हम जोरू के गुलाम हुए
प्यार के सारे दरवाजे खुल गए
तेरे प्यार में इस कद्र डूब गए हम
की हम सभी दोस्तों के नाम तक भूल गए ..
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क्यों ना प्यार करूँ अपनी रानी से
सबको पता नहीं जोरू मिलती नहीं आसानी से ..
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लोग हमें जोरू का गुलाम कहते है
पता नहीं लोग हमसे क्यों परेशान रहते है ..
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जी करता है की बेमौसम में तेरा गुलाब बन जाऊं
तेरे लिए बंद बोतल की शराब बन जाऊं ,
सताती रहूँ दिन रत तुझे
तेरे लिए में एक प्यारा ख्वाब बन जाऊं ..
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तुझे पता नहीं तू मेरे लिए क्या है
दिल की धड़कन है चाहत की तडफन है
तू मेरे दिल का राज है तू ही मेरे दिल का राज है

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तू मेरे दिल की रानी है
सदा तेरा बनके रहूंगा
तेरे संग संग तुफानो में बहूँगा
तेरे हर एक दुःख को में सहूंगा ,
तू मेरे दिल की रानी है में हर स्थिति में अपना कहूंगा ..
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बीवी का गुलाम कहते है मुझे दुनिया सारी
फिर भी हमारे प्यार की ताकत है उन सब पर भारी ..
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कोई दो दिन प्यार करके छोड़ देता है
कोइ बेवजह रिश्ता तोड़ देता है
अगर मिले कोई वफादार जोरू
तो एक मर्द उसके लिए सब कुछ छोड़ देता है ..
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मर्द को औरत से वफादारी चाहिए
जबकि औरत को मर्द से फरारी चाहिए ..

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जो लोग शाद करते है
वो लोग जोरू के नाम से डरते है ..
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एक बार जोरू का गुलाम बनके तो देख
गुलाबी लबो वाली के प्यार में पडके तो देख
सारी हसी धरी की धरी रह जायेगी
एक बार शादी करके तो देख ..
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जोरू बड़ी प्यारी चीज है ये बात सब नहीं जानते
जिसने किया हो अपनी पत्नी से सचा प्यार वही जानते है .
जोरू को तो लोग यूँ ही बदनाम करते है ,
वास्तव में वो खुद को सरेआम कररे है ..

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